ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा के विकास को रफ्तार देने के लिए प्राधिकरण की 144वीं बोर्ड बैठक में एक साथ कई बड़े फैसले लिए गए। श्रमिकों के लिए सस्ते आवास से लेकर छात्रों के लिए पब्लिक लाइब्रेरी, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी, गांव में फुटओवर ब्रिज और आपदा के समय NDRF की तेज तैनाती तक, बैठक में शहर से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी।
श्रमिकों को मिलेगा अपना आशियाना, हॉस्टल भी बनेगा
आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा में काम की तलाश में आने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। पतवारी और बिरौंडी में EWS फ्लैट बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य श्रमिकों और उनके परिवारों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है। इन परियोजनाओं का निर्माण इसी साल के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा ईकोटेक-06 और ईकोटेक-11 में ट्रांजिट लेबर हॉस्टल के लिए 3000-3000 वर्ग मीटर जमीन श्रम विभाग को निशुल्क देने का फैसला हुआ है। यहां श्रमिक कम किराये में अस्थायी तौर पर रह सकेंगे और रोजगार मिलने के बाद स्थायी आवास की तलाश कर सकेंगे।
छात्रों के लिए बनेगी बड़ी पब्लिक लाइब्रेरी
गौरतलब है कि सेक्टर अल्फा-1 में 1360 वर्ग मीटर क्षेत्र में पब्लिक लाइब्रेरी बनाने को भी मंजूरी मिली है। इसमें 440 वर्ग मीटर हिस्से में तीन मंजिला लाइब्रेरी होगी। बच्चों, छात्रों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए किताबों की व्यवस्था होगी। खास बात यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्र यहां कम शुल्क में किताबें लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। इसका निर्माण भी इस साल के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
ग्रेटर नोएडा की 130 मीटर चौड़ी सड़क को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। पहले चरण में एक मूर्ति तक डबल डेकर सड़क बनाने का प्रस्ताव है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 756 करोड़ रुपये होगी। इससे ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
ईस्टर्न पेरिफेरल तक 10 लेन सड़क
विदित है कि ग्रेटर नोएडा से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक 105 मीटर चौड़ी सड़क बनाने की योजना को भी मंजूरी मिली है। फेस-2 में जुनपत से ईस्टर्न पेरिफेरल तक करीब 12 किलोमीटर सड़क बनेगी। इसे 10 लेन और चार सर्विस लेन के रूप में विकसित किया जाएगा। रेलवे लाइन, फ्रेट कॉरिडोर और जीटी रोड पर तीन ओवरब्रिज भी प्रस्तावित हैं।
रिठौरी में फुटओवर ब्रिज
रिठौरी गांव के लोगों को रेलवे लाइन पार करने में होने वाली परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। यहां फुटओवर ब्रिज बनाया जाएगा। इसमें रैंप, सीढ़ियां और लिफ्ट की सुविधा होगी। निर्माण का खर्च ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण उठाएगा।
प्लॉट मालिकों को 30 जून 2028 तक आखिरी मौका
आपको बता दें कि जिन आवासीय भूखंडों पर अभी निर्माण पूरा नहीं हुआ है या कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया है, उन्हें 30 जून 2028 तक अतिरिक्त समय दिया गया है। हालांकि इस दौरान मौजूदा विलंब शुल्क लागू रहेगा। तय समय के बाद भी प्रमाण पत्र नहीं लेने पर आवंटन रद्द किया जा सकता है।
NDRF को मिलेंगे 30 फ्लैट, सफाई भी होगी हाईटेक
गौरतलब है कि आपदा के समय राहत और बचाव कार्य तेज करने के लिए ओमीक्रॉन-1ए में NDRF के रीजनल रिस्पॉन्स सेंटर को 30 फ्लैट निशुल्क देने का फैसला हुआ है। इससे बाढ़, औद्योगिक दुर्घटना, इमारत गिरने जैसी घटनाओं में टीम तेजी से मौके पर पहुंच सकेगी। वहीं, ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर धूल कम करने और हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सेंट्रल और ईस्ट जोन में पांच साल तक मैकेनिकल रोड स्वीपिंग कराई जाएगी।
सब मिलाकर 144वीं बोर्ड बैठक के फैसलों से ग्रेटर नोएडा में आवास, शिक्षा, सड़क, सफाई और आपदा प्रबंधन; इन सभी क्षेत्रों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।