बिना मोबाइल नंबर लिंक के अब नहीं बनेगा पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, कटेगा ₹10 हजार का चालान!: PUC बनवाते समय भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां...घर बैठे ऐसे करें मोबाइल नंबर अपडेट
बिना मोबाइल नंबर लिंक के अब नहीं बनेगा पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, कटेगा ₹10 हजार का चालान!

लाइफस्टाइल: अगर आपके पास कार, बाइक या स्कूटर है तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। वाहन का PUC यानी Pollution Under Control Certificate समय पर बनवाना जरूरी है। लेकिन PUC बनवाने से पहले एक ऐसी छोटी-सी चीज है, जिसकी अनदेखी आपको परेशानी में डाल सकती है। वाहन के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड में आपका मोबाइल नंबर अपडेट और लिंक होना जरूरी है। नंबर लिंक नहीं होने पर ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत आ सकती है और प्रदूषण जांच केंद्र से बिना PUC लौटना पड़ सकता है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि वैध PUC के बिना वाहन चलाने पर मोटर वाहन नियमों के तहत कार्रवाई और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए आखिरी समय का इंतजार करने के बजाय पहले ही अपना मोबाइल नंबर वाहन के रिकॉर्ड में अपडेट कर लेना बेहतर है।

क्यों जरूरी है मोबाइल नंबर लिंक होना?

आपको बता दें कि अब वाहन से जुड़ी कई सेवाओं को डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। प्रदूषण जांच के दौरान वाहन की जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जाती है। मोबाइल नंबर लिंक होने पर OTP के जरिए सत्यापन किया जा सकता है और सर्टिफिकेट से जुड़ी डिजिटल जानकारी भी प्राप्त हो सकती है। अगर आपके वाहन के रिकॉर्ड में पुराना या गलत मोबाइल नंबर दर्ज है, तो ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी आ सकती है। खासकर ऐसे समय में जब PUC की जरूरत हो और आप तुरंत प्रमाणपत्र बनवाना चाहते हों, तब यह छोटी-सी गलती परेशानी बढ़ा सकती है।

घर बैठे ऐसे अपडेट करें मोबाइल नंबर

गौरतलब है कि अच्छी बात यह है कि इसके लिए हर बार RTO कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। उपलब्ध ऑनलाइन सुविधा के जरिए मोबाइल नंबर अपडेट करने की कोशिश की जा सकती है।

स्टेप-बाय-स्टेप तरीका—

  1. अपने मोबाइल में परिवहन विभाग के आधिकारिक Parivahan पोर्टल पर जाएं।

  2. Vehicle Related Services विकल्प चुनें।

  3. अपना राज्य और संबंधित वाहन सेवा चुनें।

  4. उपलब्ध विकल्पों में Update Mobile Number तलाशें।

  5. वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और मांगी गई जानकारी दर्ज करें।

  6. चेसिस/इंजन से संबंधित विवरण भरें।

  7. मांगे जाने पर OTP या उपलब्ध सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें।

  8. प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोबाइल नंबर वाहन रिकॉर्ड में अपडेट हो सकता है।

ध्यान रखें कि पोर्टल पर उपलब्ध विकल्प और सत्यापन प्रक्रिया वाहन/राज्य के अनुसार अलग हो सकती है।

PUC नहीं है तो क्या हो सकता है?

गौरतलब है कि PUC यह प्रमाणित करता है कि वाहन से निकलने वाला प्रदूषण निर्धारित सीमा के भीतर है। इसकी वैधता खत्म होने के बाद समय पर नया प्रमाणपत्र बनवाना जरूरी है। PUC के बिना वाहन चलाने पर चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसलिए सिर्फ मोबाइल नंबर अपडेट करना ही नहीं, बल्कि PUC की वैधता की तारीख भी समय-समय पर जांचते रहें।

ये गलतियां बिल्कुल न करें

• वाहन का मोबाइल नंबर पुराना होने पर उसे अपडेट कराएं।

• RC अपने पास रखें, ताकि वाहन की जानकारी सही-सही दर्ज कर सकें।

• PUC की एक्सपायरी डेट पहले ही जांच लें।

• किसी अनजान वेबसाइट या लिंक से वाहन संबंधी जानकारी दर्ज न करें।

• OTP किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा न करें।

• केवल सरकारी परिवहन पोर्टल और अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्र का इस्तेमाल करें।

2 मिनट की लापरवाही पड़ सकती है भारी

वाहन मालिक अक्सर PUC खत्म होने तक इस प्रक्रिया पर ध्यान नहीं देते। बाद में प्रदूषण जांच केंद्र पहुंचने पर रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर से जुड़ी समस्या सामने आती है। ऐसे में बेहतर है कि अभी अपने वाहन की RC में दर्ज मोबाइल नंबर की स्थिति जांच लें।

याद रखें कि PUC की वैधता, वाहन के दस्तावेज और मोबाइल नंबर की जानकारी अपडेट रखना आपको अनावश्यक परेशानी और संभावित चालान से बचाने में मदद कर सकता है।

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