लखनऊ : उत्तर प्रदेश में संपत्ति की रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब अगर किसी ने रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुक किया है, तो उसे सिर्फ एक घंटे के भीतर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यदि तय समय के अंदर रजिस्ट्री नहीं हो पाती है, तो स्लॉट अपने आप निरस्त (कैंसिल) हो जाएगा। राज्य के निबंधन विभाग ने इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है और यह नियम 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश में लागू होगा।
अब पूरे दिन नहीं, सिर्फ 1 घंटे का स्लॉट
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब तक प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए स्लॉट बुक करने पर पूरे दिन का समय मिल जाता था। लोग अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी जाकर रजिस्ट्री करा सकते थे। लेकिन नए नियम के तहत अब स्लॉट बुक होने के बाद सिर्फ 1 घंटे की समय सीमा तय कर दी गई है। तय समय में रजिस्ट्री नहीं कराई तो स्लॉट स्वतः निरस्त हो जायेगा। उसी दिन दोबारा स्लॉट तभी मिलेगा, जब कोई स्लॉट खाली हो। स्लॉट खाली न होने पर दूसरे दिन फिर से आवेदन करना पड़ेगा।
भीड़ कम करने के लिए लिया गया फैसला
गौरतलब है कि निबंधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव का मकसद रजिस्ट्री कार्यालयों में लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करना है। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि रजिस्ट्री का काम सुबह 10 बजे से शुरू हो जाता है, लेकिन ज्यादातर अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक 12 बजे के बाद ही खरीदार और विक्रेता को लेकर आते हैं। इस वजह से दोपहर में अचानक भीड़ बढ़ जाती है और दस्तावेजों की जांच सही तरीके से करना मुश्किल हो जाता है। नए सिस्टम से हर रजिस्ट्री के लिए अलग-अलग समय तय होगा, जिससे अधिकारियों को दस्तावेजों की जांच के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।
ऑनलाइन पोर्टल पर भी दी गई जानकारी
विदित है कि निबंधन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर इस नए नियम से संबंधित सूचना जारी कर दी गई है। अधिकारियों ने अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों से भी कहा है कि वे खरीदार और विक्रेता को पहले से इस नियम की जानकारी दें, ताकि किसी को परेशानी न हो।
सर्वर को लेकर अधिवक्ताओं की चिंता
गौरतलब है कि हालांकि इस नए नियम को लेकर कुछ अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि कई बार रजिस्ट्री विभाग का सर्वर ठीक से काम नहीं करता। अगर स्लॉट के दौरान सर्वर बंद हो गया, तो लोगों की रजिस्ट्री अटक सकती है और उनका स्लॉट भी कैंसिल हो सकता है। इसलिए उन्होंने विभाग से तकनीकी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
कई और बड़े बदलाव की हो रही तैयारी; रजिस्ट्री से पहले जरूरी दस्तावेज होंगे अनिवार्य
विदित है कि इसके अलावा निबंधन विभाग रजिस्ट्री से जुड़े नियमों में कुछ और बदलाव की तैयारी भी कर रहा है।
नई व्यवस्था के तहत:
•रजिस्ट्री से पहले संपत्ति की सही पहचान की जाएगी
•स्वामित्व, अधिकार और कब्जे से जुड़े दस्तावेज लगाना अनिवार्य होगा
•यदि जरूरी दस्तावेज नहीं होंगे तो अधिकारी रजिस्ट्री से इनकार कर सकता है
इस संबंध में विभाग नया मसौदा तैयार कर रहा है, जिसे जल्द लागू किया जा सकता है।
सरकार का मानना है कि इस नए सिस्टम से रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी, साथ ही फर्जी दस्तावेजों और अनियमितताओं पर भी लगाम लगेगी।