UP में कैब बुक करने के नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी!: अब ड्राइवर ने राइड कैंसिल की तो जेब से भरना होगा किराया, वहीं पीक ऑवर में या यात्री राइड रद्द करें तो...जानें नई कैब पॉलिसी में होने वाले 7 बड़े बदलाव?
UP में कैब बुक करने के नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन कैब सेवाओं को लेकर जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। राज्य सरकार ने नई एग्रीगेटर पॉलिसी तैयार कर ली है, जिसे जल्द लागू किए जाने की संभावना है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कैब कंपनियों और ड्राइवरों पर कई सख्त नियम लागू होंगे। इसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधा देना, मनमाना किराया रोकना और कैब सेवाओं में पारदर्शिता लाना है।

ड्राइवर ने बुकिंग कैंसिल की तो देना होगा किराया

नई पॉलिसी के तहत यदि कोई ड्राइवर बुकिंग स्वीकार करने के बाद बिना उचित कारण यात्रा रद्द करता है, तो उसे उस ट्रिप से जुड़ा निर्धारित शुल्क खुद वहन करना होगा। वहीं यदि यात्री अपनी ओर से बुकिंग रद्द करता है, तो उस पर 100 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इससे बार-बार होने वाली अनावश्यक कैंसिलेशन पर रोक लगाने की कोशिश की जाएगी।

पीक आवर में भी नहीं वसूल सकेंगे मनमाना किराया

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नई नीति में कैब किराए की अधिकतम सीमा भी तय की गई है। पीक आवर या अधिक मांग के समय भी कंपनियां सामान्य किराए से 50 प्रतिशत से अधिक राशि नहीं वसूल सकेंगी। इससे यात्रियों को मनमानी कीमत चुकाने से राहत मिलने की उम्मीद है।

लेट पहुंचने पर ड्राइवर पर लगेगा जुर्माना

गौरतलब है कि बुकिंग स्वीकार करने के बाद ड्राइवर को तय समय पर यात्री के पास पहुंचना होगा। यदि वह बिना उचित कारण देरी करता है या समय पर नहीं पहुंचता, तो उस पर न्यूनतम 100 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। इससे समय पर सेवा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

बिना लाइसेंस नहीं चला सकेंगे कैब सेवा

नई व्यवस्था लागू होने के बाद सभी एग्रीगेटर कंपनियों को राज्य सरकार से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। लाइसेंस शुल्क 5 लाख रुपये तय किया गया है। इसके अलावा लाइसेंस नवीनीकरण के लिए 25 हजार रुपये शुल्क और 50 लाख रुपये तक की सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करनी होगी।

ड्राइवरों को मिलेगा बीमा का लाभ

नई पॉलिसी में ड्राइवरों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक चालक के लिए कम से कम 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस उपलब्ध कराया जाएगा। इससे दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।

नशे में वाहन चलाने पर जीरो टॉलरेंस

विदित है कि सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में वाहन चलाने वाले ड्राइवरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का फैसला किया है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई भी संभव होगी।

यात्रियों को मिलेगा सुरक्षित और पारदर्शी सफर

नई एग्रीगेटर पॉलिसी लागू होने के बाद कैब सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ने, मनमाने किराए पर रोक लगने और यात्रियों को अधिक सुरक्षित व भरोसेमंद सेवा मिलने की उम्मीद है। परिवहन विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था से यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के हितों का संतुलन बनाए रखते हुए कैब सेवाओं को अधिक व्यवस्थित बनाया जाएगा।

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