चंडीगढ़: हरियाणा सरकार अंत्योदय अन्न योजना (AAY) यानी गुलाबी राशन कार्ड धारकों के लिए गेहूं वितरण का नियम बदलने जा रही है। अब तक एक राशन कार्ड पर हर महीने 35 किलो गेहूं दिया जाता था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद राशन परिवार के बजाय प्रति पात्र सदस्य के आधार पर मिलेगा। यानी अब हर पात्र सदस्य को 7 किलो गेहूं दिया जाएगा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं और संभावना है कि नया नियम अगले महीने से लागू कर दिया जाएगा।
क्या बदलेगा नया नियम?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब तक AAY राशन कार्ड पर परिवार के आकार की परवाह किए बिना हर महीने 35 किलो गेहूं मिलता था। नई व्यवस्था में परिवार के प्रत्येक पात्र सदस्य के हिसाब से 7 किलो गेहूं दिया जाएगा। इससे बड़े परिवारों को पहले से अधिक राशन मिलेगा, जबकि छोटे परिवारों को कम गेहूं मिलेगा।
किसे होगा फायदा, किसे होगा नुकसान?
गौरतलब है कि नई व्यवस्था में पांच से अधिक सदस्यों वाले परिवार सबसे ज्यादा लाभ में रहेंगे।
वहीं छोटे परिवारों का राशन घट जाएगा।
यानी पांच से कम सदस्यों वाले परिवारों को पहले के मुकाबले कम राशन मिलेगा।
सरकार ने बदलाव क्यों किया?
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था से राशन वितरण अधिक पारदर्शी और जरूरत के अनुसार होगा। बड़े परिवारों को उनकी वास्तविक सदस्य संख्या के हिसाब से अधिक गेहूं मिलेगा, जिससे सभी पात्र लाभार्थियों को समान आधार पर लाभ मिल सकेगा।
किन परिवारों पर लागू होगा नियम?
विदित है कि यह व्यवस्था केवल अंत्योदय अन्न योजना (AAY) यानी गुलाबी राशन कार्ड धारकों पर लागू होगी। राज्य में ऐसे करीब 2.86 लाख परिवार हैं। सरकार के अनुसार ये वे परिवार हैं जो आर्थिक रूप से सबसे कमजोर श्रेणी में आते हैं और जिनकी पात्रता तय मानकों के आधार पर निर्धारित की जाती है।
हरियाणा में राशन कार्ड की प्रमुख श्रेणियां
विभाग ने क्या कहा?
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के नियंत्रक मुकेश कुमार के अनुसार नई व्यवस्था लागू करने की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। विभाग को उम्मीद है कि अगले महीने से गुलाबी राशन कार्ड धारकों को नए नियम के अनुसार प्रति पात्र सदस्य 7 किलो गेहूं मिलना शुरू हो जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस बदलाव से राशन वितरण अधिक न्यायसंगत होगा और बड़े परिवारों को उनकी जरूरत के अनुरूप अनाज मिल सकेगा। हालांकि छोटे परिवारों के लिए यह बदलाव पहले की तुलना में कम राशन मिलने का कारण बनेगा।