अमरनाथ यात्रा 2026: कड़ी सुरक्षा इंतजाम के साथ श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था रवाना, बाबा बर्फानी के दर्शन को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, बिना परमिट जानें पर...जानें अमरनाथ यात्रा रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया
अमरनाथ यात्रा 2026

श्रीनगर/जम्मू: वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा 2026 अब पूरी रफ्तार पकड़ चुकी है। शनिवार सुबह जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास बेस कैंप से श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन के लिए रवाना हुआ। वहीं, पहलगाम के नुनवान बेस कैंप से दूसरे जत्थे ने भी दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर अपनी यात्रा शुरू कर दी। पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम यात्रा कर सकें।

तीसरे जत्थे के साथ यात्रा ने पकड़ी रफ्तार

आपको बता दें कि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई से हुई थी। शुरुआती दिनों में ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। जम्मू से रवाना होने वाले श्रद्धालुओं में उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। प्रशासन ने दोनों प्रमुख मार्गों बालटाल और पहलगाम पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, ताकि यात्रा बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।

पहले ही दिन बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन

गौरतलब है कि बालटाल मार्ग से सबसे पहले पहुंचे कई श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर वापस लौट चुके हैं। श्रद्धालुओं ने बताया कि इस बार पवित्र हिम शिवलिंग अपने पूर्ण स्वरूप में विराजमान है। पहली आरती और प्रथम पूजा के दौरान दर्शन करने का अवसर मिलने को उन्होंने जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य बताया। श्रद्धालुओं का कहना है कि रास्ते में बारिश, ठंड और घने कोहरे जैसी कठिन परिस्थितियां जरूर थीं, लेकिन भगवान शिव की भक्ति के आगे सभी मुश्किलें छोटी लगने लगीं। दर्शन के बाद लौटे श्रद्धालुओं के चेहरों पर संतोष, खुशी और आस्था साफ दिखाई दी।

'कुछ मिनटों के दर्शन ने जीवन भर की खुशी दे दी'

पहले जत्थे में शामिल श्रद्धालु पंकज सावंत ने बताया कि वे सुबह करीब पांच बजे यात्रा पर निकले और लगभग नौ बजे पवित्र गुफा पहुंचे। उस समय वहां भीड़ बहुत कम थी, जिससे उन्हें कई मिनट तक शांतिपूर्वक बाबा बर्फानी के दर्शन और ध्यान करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यह अनुभव जीवनभर याद रहेगा।

सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत

विदित है कि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही उधमपुर स्वास्थ्य विभाग ने टिकरी काली माता मंदिर से लेकर चेनानी-नाशरी टनल तक विशेष मेडिकल व्यवस्था तैयार की है। मेडिकल टीमें, एंबुलेंस और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं। श्रद्धालुओं ने भी सुरक्षा व्यवस्था और यात्रा प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर इंतजामों से उन्हें पूरी यात्रा के दौरान आत्मविश्वास और सुरक्षा का एहसास हुआ।

बिना रजिस्ट्रेशन यात्रा करना संभव नहीं

अगर आप अमरनाथ यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होता है। इसके अलावा अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (Compulsory Health Certificate) और यात्रा परमिट भी जरूरी होता है।

रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए पहले श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट http://jksasb.nic पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। इसके लिए आधार या अन्य वैध पहचान पत्र, अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (CHC) और जरूरी जानकारी अपलोड करनी होती है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद यात्रा परमिट डाउनलोड किया जा सकता है। चाहें तो अधिकृत बैंक शाखाओं के माध्यम से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन भी कराया जा सकता है। यात्रा के दौरान वैध परमिट और RFID कार्ड साथ रखना जरूरी है।

क्या ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन मिलता है?

विदित है कि कुछ परिस्थितियों में ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन यह पूरी तरह भीड़, मौसम और उपलब्ध कोटे पर निर्भर करती है। यदि निर्धारित कोटा भर चुका हो या मौसम प्रतिकूल हो, तो मौके पर रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाता।

बिना परमिट जाने पर हो सकती है कार्रवाई

प्रशासन ने साफ किया है कि बिना वैध रजिस्ट्रेशन और परमिट के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर परमिट की जांच की जाती है।

परमिट होने पर ही मिलेंगी ये सुविधाएं

वैध यात्रा परमिट रखने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान कई जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिनमें—

  • निःशुल्क भोजन
  • मेडिकल कैंप
  • ऑक्सीजन बूथ
  • टेंट और विश्राम स्थल
  • आपातकालीन स्वास्थ्य सहायता

इन सुविधाओं का लाभ केवल अधिकृत यात्रियों को ही मिलता है।

अमरनाथ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि अनुशासन और सुरक्षा का भी पर्व है। प्रशासन श्रद्धालुओं से अपील कर रहा है कि वे तय नियमों का पालन करें, केवल वैध रजिस्ट्रेशन के साथ यात्रा करें और मौसम संबंधी सलाह का ध्यान रखें। इससे यात्रा सुरक्षित, सुगम और यादगार बन सकेगी।

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