राशन कार्ड के नियमों में बड़ा बदलाव!: अब हर परिवार को बराबर नहीं मिलेगा अनाज, केंद्र सरकार ने 35 किलो मुफ्त राशन की जगह अब...होने वाले बदलाव और राशन कार्ड धारकों पर इसका असर_एक नजर
राशन कार्ड के नियमों में बड़ा बदलाव!

नई दिल्ली: देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 में अहम बदलाव की तैयारी कर रही है। सरकार ने 'राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक-2026' का मसौदा तैयार किया है, जिसके तहत अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के लाभार्थियों को अब परिवार के आकार के अनुसार राशन देने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार ने इस मसौदे पर 13 जुलाई 2026 तक आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो देशभर में करोड़ों अंत्योदय राशन कार्ड धारकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

क्या है नया प्रस्ताव?

आपको बता दें कि फिलहाल अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को परिवार में सदस्यों की संख्या चाहे जितनी हो, हर महीने 35 किलोग्राम मुफ्त अनाज दिया जाता है। सरकार के नए प्रस्ताव के अनुसार अब प्रति व्यक्ति 7 किलोग्राम अनाज देने की व्यवस्था होगी। हालांकि किसी भी परिवार को अधिकतम 35 किलोग्राम ही मुफ्त अनाज मिलेगा।

किस परिवार को कितना मिलेगा राशन?

नए प्रस्ताव के मुताबिक राशन वितरण इस प्रकार हो सकता है—

  • 1 सदस्य का परिवार: 7 किलोग्राम अनाज
  • 2 सदस्य का परिवार: 14 किलोग्राम अनाज
  • 3 सदस्य का परिवार: 21 किलोग्राम अनाज
  • 4 सदस्य का परिवार: 28 किलोग्राम अनाज
  • 5 या उससे अधिक सदस्य: अधिकतम 35 किलोग्राम अनाज

यानी छोटे परिवारों को पहले की तुलना में कम राशन मिलेगा, जबकि पांच या उससे अधिक सदस्यों वाले परिवारों को पहले की तरह 35 किलोग्राम अनाज मिलता रहेगा।

सरकार बदलाव क्यों करना चाहती है?

गौरतलब है कि खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में सभी अंत्योदय परिवारों को समान मात्रा में अनाज मिलने से असमानता पैदा हो रही है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी अंत्योदय परिवार में सात सदस्य हैं तो 35 किलोग्राम अनाज का मतलब प्रति व्यक्ति केवल 5 किलोग्राम होता है। यह मात्रा सामान्य प्राथमिकता परिवार (PHH) को मिलने वाले राशन के बराबर बैठती है, जबकि अंत्योदय परिवार आर्थिक रूप से सबसे कमजोर वर्ग में आते हैं। सरकार का मानना है कि नए नियम से जरूरत के अनुसार राशन वितरण अधिक संतुलित और न्यायसंगत होगा।

क्या रहेगा सरकार का उद्देश्य?

सरकार का कहना है कि यह बदलाव "मानव जीवन चक्र दृष्टिकोण" के तहत खाद्य और पोषण सुरक्षा को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सबसे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को उनकी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सके।

फिलहाल मुफ्त मिलता रहेगा राशन

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार की मुफ्त राशन योजना के तहत लाभार्थियों को अभी भी चावल और गेहूं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रस्तावित संशोधन केवल राशन वितरण की मात्रा तय करने के तरीके में बदलाव से जुड़ा है।

13 जुलाई तक मांगे गए सुझाव

सरकार ने इस मसौदे को सार्वजनिक कर दिया है और नागरिकों, विशेषज्ञों तथा संबंधित पक्षों से 13 जुलाई 2026 तक सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम विधेयक तैयार किया जाएगा। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो देशभर में राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

किन पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

इस प्रस्ताव का सबसे अधिक असर उन अंत्योदय राशन कार्ड धारकों पर पड़ेगा जिनके परिवार में चार से कम सदस्य हैं। वहीं पांच या उससे अधिक सदस्यों वाले परिवारों को मौजूदा व्यवस्था के अनुसार अधिकतम 35 किलोग्राम मुफ्त अनाज मिलता रहेगा।

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