नई दिल्ली/लखनऊ: अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटर या ई-बाइक खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। केंद्र सरकार 31 जुलाई के बाद इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर मिलने वाली ₹5,000 की सब्सिडी बंद करने जा रही है। इसका सीधा असर यह होगा कि 1 अगस्त से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदना महंगा हो जाएगा। हालांकि उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए राहत की बात यह है कि राज्य सरकार की ईवी सब्सिडी, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट पहले की तरह जारी रहेगी।
31 जुलाई के बाद क्या बदलेगा?
वर्तमान में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने पर केंद्र सरकार की PM E-DRIVE योजना के तहत ₹5,000 तक की सब्सिडी मिल रही है। लेकिन यह सुविधा केवल 31 जुलाई तक ही उपलब्ध रहेगी। इसका लाभ लेने के लिए वाहन का 31 जुलाई से पहले रजिस्ट्रेशन और ई-वाउचर जनरेट होना जरूरी होगा। इसके बाद यह सब्सिडी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। हालांकि केंद्र सरकार की सब्सिडी ई-रिक्शा, ई-बस और ई-ट्रक जैसे कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों पर पहले की तरह जारी रहेगी।
यूपी सरकार देती रहेगी बड़ा फायदा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र की सब्सिडी खत्म होने के बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार की ईवी नीति-2022 के तहत मिलने वाली सुविधाएं जारी रहेंगी। राज्य सरकार इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर ₹5,000 तक की सब्सिडी दे रही है। वहीं इलेक्ट्रिक कारों पर अधिकतम ₹1 लाख तक की सब्सिडी का प्रावधान है। इसके अलावा रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में भी छूट मिलती रहेगी।
31 जुलाई से पहले कितना होगा फायदा?
यदि कोई व्यक्ति 31 जुलाई से पहले इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदता है तो उसे—
यानी कुल मिलाकर करीब ₹17,900 से ₹18,100 तक की बचत हो सकती है। वहीं 1 अगस्त के बाद केंद्र की सब्सिडी समाप्त होने पर यह कुल फायदा घटकर करीब ₹12,900 से ₹13,100 रह जाएगा।
यूपी की सब्सिडी पाने के लिए क्या हैं शर्तें?
राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ लेने के लिए वाहन 14 अक्टूबर 2022 के बाद उत्तर प्रदेश में खरीदा और रजिस्टर होना चाहिए। यदि वाहन बिना बैटरी खरीदा गया है तो निर्धारित नियमों के अनुसार केवल आंशिक सब्सिडी मिलेगी। एक व्यक्ति अपनी आईडी पर केवल एक इलेक्ट्रिक वाहन के लिए ही सब्सिडी का लाभ ले सकता है।
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
वाहन खरीदने के बाद UP EV Subsidy Portal पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर, बैंक खाते की जानकारी, फोटो और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन विभागीय जांच से गुजरता है। सत्यापन पूरा होने के बाद सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
यूपी बना देश का सबसे बड़ा EV चार्जिंग हब
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नेटवर्क के मामले में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय भारी उद्योग राज्य मंत्री के अनुसार देश में सबसे अधिक सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशन उत्तर प्रदेश में स्थापित किए गए हैं। राज्य में अब तक 3,284 चार्जिंग स्टेशन लगाए जा चुके हैं, जिनमें 2,893 पूरी तरह चालू हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर और वाराणसी जैसे शहरों के अलावा दिल्ली-मेरठ, यमुना और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भी फास्ट चार्जिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
अगले एक साल में और बढ़ेगा नेटवर्क
केंद्र की PM E-DRIVE योजना के तहत अगले एक वर्ष में उत्तर प्रदेश में 1,500 से अधिक नए चार्जिंग पॉइंट विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा यूपीनेडा भी प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर काम कर रहा है।
अभी भी हजारों चार्जिंग स्टेशनों की जरूरत
आपको बता दें कि अभी राज्य में इस समय लगभग 15.35 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं, जबकि सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन केवल 2,893 हैं। नीति आयोग के मानकों के अनुसार उत्तर प्रदेश को 38 हजार से अधिक चार्जिंग स्टेशनों की आवश्यकता है। यानी अभी भी करीब 35 हजार चार्जिंग स्टेशनों की कमी है, जिसे दूर करने के लिए सरकार लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है।
ईवी खरीदने वालों के लिए यह सही समय
विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए 31 जुलाई से पहले वाहन खरीदना ज्यादा फायदेमंद रहेगा। इससे केंद्र और राज्य सरकार दोनों की सब्सिडी का लाभ मिलेगा और हजारों रुपये की अतिरिक्त बचत की जा सकेगी।