लखनऊ: उत्तर प्रदेश में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनाए जाएंगे। इसके जरिए किसानों को खेती, बीज, खाद, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए ₹5 लाख तक का फसल ऋण आसान शर्तों और कम ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का लक्ष्य किसानों को समय पर आर्थिक सहायता देकर खेती को और मजबूत बनाना है।
बिना गारंटी मिलेगा लाखों रुपये का लोन
आपको बता दें कि किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को अब ₹5 लाख तक का ऋण मिल सकेगा। वहीं पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े किसानों के लिए ₹2 लाख तक का लोन बिना किसी गारंटी के उपलब्ध होगा। इससे छोटे और सीमांत किसानों के साथ-साथ पशुपालकों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
सिर्फ 4% ब्याज पर मिलेगा ऋण
गौरतलब है कि किसान क्रेडिट कार्ड पर बैंक सामान्य रूप से 7 प्रतिशत ब्याज पर ऋण देते हैं। लेकिन यदि किसान फसल बेचने के बाद एक वर्ष के भीतर पूरा पैसा वापस कर देता है, तो सरकार 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी देती है। इस तरह किसान को प्रभावी रूप से केवल 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज ही देना पड़ता है। प्राकृतिक आपदा की स्थिति में ब्याज में अतिरिक्त राहत भी दी जा सकती है।
किसानों के लिए सुरक्षा कवच भी है KCC
विदित है कि किसान क्रेडिट कार्ड केवल लोन लेने का साधन नहीं है, बल्कि यह किसानों के लिए सुरक्षा कवच भी है। यदि बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल खराब हो जाती है तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को मुआवजा मिलता है। इससे बैंक का कर्ज चुकाना आसान हो जाता है और आर्थिक संकट कम होता है।
छोटे किसानों को भी मिलेगा पूरा लाभ
कम भूमि वाले किसान भी किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए ₹10 हजार से ₹50 हजार तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इस राशि का उपयोग खेती, कटाई के बाद के खर्च और छोटे कृषि उपकरण खरीदने में किया जा सकता है। वर्तमान में जारी किसान क्रेडिट कार्डों में अधिकांश कार्ड छोटे और सीमांत किसानों के पास हैं।
पशुपालकों और मछली पालकों को भी मिलेगा फायदा
सरकार ने इस योजना का दायरा केवल खेती तक सीमित नहीं रखा है। गाय-भैंस, बकरी, मुर्गी पालन और मछली पालन करने वाले किसान भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। अब तक पशुपालन से जुड़े 55 लाख से अधिक आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि मत्स्य पालन से जुड़े अधिकांश पात्र आवेदनों को भी मंजूरी मिल चुकी है।
आवेदन प्रक्रिया हुई पहले से आसान
सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। अब केवल एक पेज का आवेदन फॉर्म भरना होता है। पीएम किसान योजना से जुड़े किसानों की कई जानकारियां पहले से दर्ज रहती हैं, जिससे आवेदन में कम समय लगता है। कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और किसान ऋण पोर्टल के माध्यम से भी आसानी से आवेदन किया जा सकता है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके उपलब्ध
ऑनलाइन आवेदन के लिए किसान पीएम किसान पोर्टल या किसान ऋण पोर्टल पर जाकर e-KCC के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं ऑफलाइन आवेदन ग्राम सचिवालय, पंचायत सहायक, सरकारी बैंक, ग्रामीण बैंक या सहकारी बैंक में जाकर भी किया जा सकता है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद निर्धारित समय में किसान क्रेडिट कार्ड जारी कर दिया जाता है।
इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
आपको बता दें क़ि आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी, खतौनी की प्रति, निवास प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट साइज फोटो और आधार एवं बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर आवश्यक होंगे। सभी दस्तावेज सही होने पर आवेदन प्रक्रिया तेजी से पूरी हो जाती है।
समय पर भुगतान करने से मिलेगा अतिरिक्त लाभ
यदि किसान हर वर्ष समय पर ऋण का भुगतान करता है, तो उसकी क्रेडिट लिमिट हर साल लगभग 10 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकती है। साथ ही प्रोसेसिंग फीस और निरीक्षण शुल्क जैसे अतिरिक्त खर्च भी नहीं देने पड़ते। किसान क्रेडिट कार्ड सामान्यतः 5 वर्षों तक वैध रहता है।
सरकार का मानना है कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना किसानों को साहूकारों और महंगे कर्ज से बचाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। कम ब्याज, आसान आवेदन प्रक्रिया, फसल बीमा, दुर्घटना बीमा और बिना गारंटी ऋण जैसी सुविधाओं के कारण यह योजना किसानों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।