ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। जेवर इलाके में दिल्ली से महोबा जा रही एक निजी स्लीपर एसी बस अचानक आग की लपटों में घिर गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई यात्रियों ने खिड़कियां तोड़कर और बस से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई। हादसे के समय बस में करीब 35 यात्री सवार थे।
जलने की बदबू आई, यात्रियों ने रोका भी... फिर भी नहीं रुकी बस
आपको बता दें कि हादसे के बाद दर्ज शिकायत में यात्री सुनील कुमार ने बताया कि बस के ड्राइवर केबिन की तरफ से जलने की गंध आ रही थी। यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर को इसकी जानकारी देकर बस रोकने और जांच करने को कहा था। शिकायत के मुताबिक, इसके बावजूद बस तुरंत नहीं रोकी गई। कुछ देर बाद ड्राइवर की सीट के पास से आग की लपटें निकलने लगीं और देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह की जांच अभी जारी है। शुरुआती जांच में बस के एसी सिस्टम में स्पार्क या तकनीकी खराबी से आग फैलने की आशंका जताई गई है।
खिड़कियां तोड़कर निकले यात्री
गौरतलब है कि आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। बस के अंदर धुआं भरने लगा और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने खिड़कियां तोड़ीं और बाहर कूदकर अपनी जान बचाई। दमकल और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को बाहर निकाला। आग बुझाने के बाद बस के अंदर से शव बरामद किए गए।
राज कल्पना ट्रैवल्स की बस, जांच के घेरे में संचालन
विदित है कि हादसे में शामिल बस राज कल्पना ट्रैवल्स की बताई जा रही है और उसका रजिस्ट्रेशन बिहार का है। पुलिस ने मामले में चालक और कंडक्टर को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब बस की फिटनेस, सुरक्षा इंतजाम, तकनीकी स्थिति और हादसे से पहले की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
पीएम मोदी और सीएम योगी ने किया मुआवजे का ऐलान
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
हादसे ने फिर खड़े किए सुरक्षा पर सवाल
यमुना एक्सप्रेसवे जैसे तेज रफ्तार मार्ग पर चलने वाली स्लीपर बसों में आग से बचाव के इंतजाम कितने पर्याप्त हैं, यह सवाल एक बार फिर सामने आया है। यात्रियों की सुरक्षा, बस की तकनीकी जांच, फायर सेफ्टी उपकरण और चालक-कर्मचारियों की जिम्मेदारी जैसे मुद्दों की जांच अब इस मामले में अहम होगी।
पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग की असली वजह क्या थी और हादसे में किस स्तर पर लापरवाही हुई। फिलहाल नौ परिवारों के लिए यह सफर जिंदगी का सबसे दर्दनाक हादसा बन गया है।