यूपी में उद्योगों और नौकरियों का नया केंद्र बनेगा 'न्यू नोएडा'!: 80 गांवों की जमीन लेकर 20,911 हेक्टेयर क्षेत्र में बसाया जायेगा नया शहर, जानिए 'न्यू नोएडा' के लिए क्या हैं सरकार का पूरा मास्टरप्लान_एक नजर
यूपी में उद्योगों और नौकरियों का नया केंद्र बनेगा 'न्यू नोएडा'!

यूपी में उद्योगों और नौकरियों का नया केंद्र बनेगा 'न्यू नोएडा'!: 80 गांवों की जमीन लेकर 20,911 हेक्टेयर क्षेत्र में बसाया जायेगा नया शहर, जानिए 'न्यू नोएडा' के लिए क्या हैं सरकार का पूरा मास्टरप्लान_एक नजर

नोएडा/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी शहरी विस्तार योजना पर काम किया जा रहा है। नोएडा के आसपास विकसित होने वाला ‘न्यू नोएडा’ आने वाले वर्षों में उद्योग, तकनीक, लॉजिस्टिक्स और व्यावसायिक गतिविधियों का नया केंद्र बन सकता है। इसकी योजना करीब 20,911 हेक्टेयर यानी लगभग 209 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में तैयार की गई है। प्रस्तावित विकास के तहत 80 गांवों की जमीन शामिल है और वर्ष 2030 तक 5 से 6 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य बताया गया है।

20 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में बसेगा न्यू नोएडा

आपको बता दें कि नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुताबिक, मौजूदा नोएडा में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार के लिए जमीन की उपलब्धता सीमित होती जा रही है। ऐसे में नए शहर की योजना के जरिए उद्योगों और निवेशकों को अतिरिक्त जमीन तथा आधुनिक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। न्यू नोएडा को चार चरणों में विकसित करने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में 2023 से 2027 के बीच 3,165 हेक्टेयर, दूसरे चरण में 2027 से 2032 के बीच 3,798 हेक्टेयर, तीसरे चरण में 2032 से 2037 के बीच 5,908 हेक्टेयर और चौथे चरण में 2037 से 2041 के बीच 8,230 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव है।

80 गांवों की जमीन से तैयार होगा नया शहर

विदित है कि न्यू नोएडा के विकास में भूमि अधिग्रहण सबसे अहम विषयों में से एक है। योजना में शामिल गांवों की जमीन किसानों से सहमति के आधार पर लेने की व्यवस्था बताई गई है। इसके लिए मुआवजे और आबादी भूखंड से जुड़े प्रावधान निर्धारित किए गए हैं। अलग-अलग चरणों में लाभ की शर्तें संबंधित प्राधिकरणों की नीतियों के अनुरूप होंगी। भूमि प्रबंधन और विकास कार्यों की निगरानी के लिए प्राधिकरण ने तीन सर्किल बनाए हैं। इनकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है। इन सर्किलों का काम विकास गतिविधियों की निगरानी करना और अवैध निर्माण पर नियंत्रण रखने में मदद करना होगा।

₹35 हजार करोड़ के 120 प्रोजेक्ट्स से निवेश को बढ़ावा

नोएडा प्राधिकरण से जुड़ी करीब ₹35 हजार करोड़ की 120 परियोजनाओं को आगामी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में शामिल करने की जानकारी दी गई है। इनमें डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाणिज्यिक रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और संस्थागत विकास से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति और रोजगार सृजन उनके निर्माण, संचालन तथा कंपनियों की जरूरतों पर निर्भर करेगा।

मेट्रो और सड़क कनेक्टिविटी पर भी जोर

गौरतलब है कि न्यू नोएडा को बेहतर परिवहन सुविधाओं से जोड़ने के लिए तीन मेट्रो कॉरिडोर की योजना पर भी काम किया जा रहा है। प्रस्तावित कनेक्टिविटी में बोड़ाकी के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब, बॉटनिकल गार्डन और चार मूर्ति के रास्ते गौर सिटी जैसे स्थानों को जोड़ने की योजनाएं शामिल हैं। इनके अलावा क्षेत्र की मौजूदा एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी औद्योगिक परिवहन और माल ढुलाई के लिए महत्वपूर्ण होगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और डेटा सेंटर बन सकते हैं ताकत

नोएडा पहले से इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश का प्रमुख केंद्र है। सैमसंग, डिक्सन, टीसीएस, एचसीएल और अन्य बड़ी कंपनियों की मौजूदगी ने यहां औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती दी है। न्यू नोएडा में अतिरिक्त भूमि मिलने से भविष्य में नई कंपनियों और उद्योगों के लिए जगह उपलब्ध हो सकती है।

न्यू नोएडा की सबसे बड़ी उम्मीद रोजगार और औद्योगिक विस्तार से जुड़ी है। करीब 20,911 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित यह विकास योजना आने वाले वर्षों में क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है। हालांकि, इसके लाभ जमीन अधिग्रहण, किसानों की सहमति, बुनियादी ढांचे के निर्माण और निवेश परियोजनाओं के समय पर लागू होने पर निर्भर करेंगे।

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