लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 51 जिलों के 196 संवेदनशील चौराहों पर 1342 हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए करीब 9 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस के बम निरोधक दस्तों (Bomb Disposal Squad) को और अधिक सुरक्षित व आधुनिक बनाने के लिए 11 नए बम निरोधक सुरक्षा सूट खरीदने के लिए भी अलग से बजट स्वीकृत किया गया है।
196 संवेदनशील चौराहों पर होगी 24 घंटे निगरानी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार के इस फैसले के तहत प्रदेश के 51 जिलों में चिन्हित 196 संवेदनशील चौराहों पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों के जरिए प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और महत्वपूर्ण मार्गों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा सकेगी। इससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, अपराधों की रोकथाम और जांच में पुलिस को बड़ी मदद मिलेगी।
करीब 9 करोड़ रुपये का बजट जारी
इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने लगभग 8.99 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है। यह राशि पुलिस मुख्यालय के माध्यम से कैमरों की स्थापना और संबंधित कार्यों पर खर्च की जाएगी। सरकार का उद्देश्य आधुनिक तकनीक की मदद से सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है।
बम निरोधक दस्तों को मिलेंगे आधुनिक सुरक्षा सूट
गौरतलब है कि सिर्फ निगरानी व्यवस्था ही नहीं, बल्कि बम निरोधक दस्तों की सुरक्षा को भी मजबूत किया जा रहा है। सरकार ने 11 आधुनिक बम निरोधक सुरक्षा सूट खरीदने के लिए भी बजट स्वीकृत किया है। इन विशेष सूटों का उपयोग विस्फोटक वस्तुओं को निष्क्रिय करने के दौरान किया जाता है, जिससे पुलिसकर्मियों की सुरक्षा बढ़ेगी और जोखिम कम होगा।
इन शहरों को योजना से रखा गया बाहर
विदित है कि सरकार के अनुसार, स्मार्ट सिटी और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) से जुड़े 17 बड़े शहरों के अलावा सीतापुर, शामली, भदोही, कासगंज, ललितपुर और मिर्जापुर को इस चरण में शामिल नहीं किया गया है। इन स्थानों पर पहले से सुरक्षा व्यवस्था या अन्य परियोजनाओं के तहत निगरानी प्रणाली विकसित की जा रही है।
अपराध नियंत्रण और सुरक्षा होगी मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि नई सीसीटीवी व्यवस्था लागू होने के बाद अपराधों की निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की कार्रवाई पहले से अधिक तेज और प्रभावी होगी। साथ ही बम निरोधक दस्तों को आधुनिक उपकरण मिलने से किसी भी संभावित खतरे से निपटने की क्षमता भी मजबूत होगी।