वॉशिंगटन/वेनेजुएला : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब ट्रंप ने ऐसा बयान दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है।
सोशल मीडिया पर साझा किया पोस्ट :
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट साझा करते हुए खुद को वेनेजुएला का “कार्यवाहक राष्ट्रपति” घोषित कर दिया। पोस्ट के साथ साझा की गई तस्वीर ने विवाद को और भड़का दिया है।
ट्रुथ सोशल पर तस्वीर, लिखा – “अब वेनेजुएला की जिम्मेदारी अमेरिका के हाथ” :
गौरतलब है कि ट्रंप द्वारा साझा की गई तस्वीर डिजिटल रूप से एडिट की गई है, जिसमें उन्हें वेनेजुएला के राष्ट्रपति के रूप में दिखाया गया है। पोस्ट में दावा किया गया है कि “जब तक सुरक्षित, विवेकपूर्ण और वैध सत्ता हस्तांतरण नहीं हो जाता, अमेरिका वेनेजुएला के प्रशासनिक संचालन की जिम्मेदारी निभाएगा।”
इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर कूटनीतिक गलियारों तक हलचल मच गई है। कई देशों ने इसे संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है, जबकि ट्रंप समर्थक इसे “तानाशाही से मुक्ति” करार दे रहे हैं।
तेल ही असली वजह? ट्रंप का फोकस वेनेजुएला के खजाने पर :
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में वेनेजुएला का विशाल तेल भंडार है। हाल ही में व्हाइट हाउस में ट्रंप ने दुनिया की बड़ी तेल-गैस कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की थी। ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला में अब निवेश सीधे अमेरिका के जरिए होगा, तेल कंपनियों को सुरक्षा और स्थिरता की गारंटी है। चीन और रूस को वेनेजुएला से पूरी तरह बाहर करने का दावा है। ट्रंप ने साफ कहा कि अगर अमेरिका ने समय रहते कदम नहीं उठाया होता, तो वेनेजुएला पूरी तरह चीन या रूस के प्रभाव में चला जाता।
“अमेरिका चलाएगा सरकार” – बयान ने बढ़ाया वैश्विक तनाव :
विदित है कि मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप पहले ही यह कह चुके हैं कि “जब तक हालात सामान्य नहीं होते, अमेरिका वेनेजुएला के शासन को नियंत्रित करेगा।” अब खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति बताकर ट्रंप ने इस दावे को और आगे बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकार इसे अभूतपूर्व और खतरनाक मिसाल बता रहे हैं।
दुनिया की नजरें अमेरिका पर :
आपको बता दें कि अब लोगों की नजर इस पर है कि :
क्या यह सिर्फ प्रोपेगेंडा पोस्ट है या नीति की झलक है?
या
क्या संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक शक्तियां.B हस्तक्षेप करेंगी?
या
क्या वेनेजुएला अमेरिका का नया “प्रोटेक्टोरेट” बनने की ओर है?
एक बात साफ है कि ट्रंप का यह कदम सिर्फ बयान नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति में भूचाल का संकेत है। आने वाले दिनों में यह विवाद अमेरिका-लैटिन अमेरिका रिश्तों और विश्व शक्ति संतुलन को नई दिशा दे सकता है।