अमेरिका ने रातोंरात 150 विमानों से वेनेजुएला पर हमला कर किया कब्जा!: मादुरो के बेडरूम में घुसे अमेरिकी कमांडो, पत्नी समेत घसीटकर...जानें क्या रही हमले की प्रमुख वजह? पूरा घटनाक्रम_एक नजर
अमेरिका ने रातोंरात 150 विमानों से वेनेजुएला पर हमला कर किया कब्जा!

वाशिंगटन/काराकास : दुनिया को चौंकाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को घोषणा की कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर सैन्य नियंत्रण स्थापित कर लिया है। 150 से ज्यादा अमेरिकी लड़ाकू विमानों और खुफिया बलों के साथ रातों-रात चले एक बड़े ऑपरेशन में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया एडेला को उनके बेडरूम से घसीटकर गिरफ्तार किया गया। उन्हें तुरंत एक सैन्य विमान में न्यूयॉर्क लाया गया, जहां उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा।

कैसे हुआ ऑपरेशन 'एब्सोल्यूट रिजॉल्व'?

जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने महीनों पहले से इस मिशन की तैयारी शुरू कर दी थी। काराकस की बिजली काटकर पूरे शहर को अंधेरे में डूबा दिया गया। रात करीब 1 बजे (स्थानीय समय) अमेरिकी विशेष बलों ने मादुरो के सुरक्षित बंकर जैसे घर में धावा बोल दिया। ट्रम्प ने दावा किया कि मादुरो एक स्टील से बने सुरक्षित कमरे में जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अमेरिकी कमांडो इतनी तेजी से घुसे कि उनके पास प्रतिरोध करने का मौका ही नहीं रहा। पूरा ऑपरेशन महज आधे घंटे में पूरा हुआ।

150 विमान, बी-1 बॉम्बर और स्टील्थ तकनीक का इस्तेमाल :

गौरतलब है कि जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख जनरल डैन केन ने बताया कि ऑपरेशन में F-18, F-22, F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान, B-1 बॉम्बर और ड्रोन्स शामिल थे, जो आसमान से सुरक्षा दे रहे थे। इसके अलावा, मादुरो के घर जैसा एक नकली ढांचा बनाकर अमेरिकी सेना ने लगातार रिहर्सल भी की थी।

अमेरिका ने मादुरो पर क्या आरोप लगाए, हमले की वजह?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मादुरो पर तीन बड़े आरोप लगाए:

1. तस्करी का केंद्र बना वेनेजुएला:

आपको बता दें कि वेनेजुएला के जरिए अमेरिका में कोकीन और फेंटेनाइल जैसी जानलेवा ड्रग्स की तस्करी हो रही थी।

2. मानवीय संकट का आरोप:

मादुरो की नीतियों के कारण लाखों वेनेजुएलावासी देश छोड़कर अमेरिका पलायन करने को मजबूर हुए।

3. अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा:

विदित है कि अमेरिका का दावा है कि मादुरो की सरकार उनके खिलाफ साजिश रच रही थी।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: किसने दिया समर्थन, किसने उठाए सवाल?

ब्रिटेन : प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि हम मादुरो को अवैध राष्ट्रपति मानते थे।

फ्रांस: राष्ट्रपति ने कहा, "वेनेजुएला के लोग तानाशाही से आजाद हुए हैं।"

यूक्रेन: राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इशारा किया कि अमेरिका का अगला कदम रूस के राष्ट्रपति पुतिन के खिलाफ होना चाहिए।

न्यूयॉर्क के मेयर: जोहरान ममदानी ने इसे "युद्ध जैसा कदम" और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।

भारत: विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को वेनेजुएला जाने से बचने की सलाह दी है।

अब क्या होगा?

ट्रम्प ने कहा है कि जब तक वेनेजुएला में स्थिरता नहीं आती, वहां एक अमेरिकी प्रशासनिक टीम सरकार चलाएगी। इस टीम में विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ जैसे शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य तेल और ऊर्जा संसाधनों को सुरक्षित करना और सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण सुनिश्चित करना है। वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग की है।

विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना अंतरराष्ट्रीय कानून में एक बड़ा उल्लंघन है और किसी संप्रभु देश पर इस तरह का एकतरफा हमला शीत युद्ध के बाद के दौर में अभूतपूर्व है। इससे दक्षिण अमेरिका में अशांति और अमेरिका-रूस संबंधों पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।

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