ग्रेटर नोएडा: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास तेजी से विकसित हो रही यमुना सिटी को लेकर YEIDA की 92वीं बोर्ड बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। बैठक में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से लेकर ताइवान सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, फार्मा क्लस्टर और यूनिवर्सिटी टाउनशिप जैसी बड़ी परियोजनाओं को लेकर अहम निर्णय लिए गए। वहीं किसानों के लिए भी राहत की खबर आई है। सहमति से जमीन खरीद की दर 4300 रुपये से बढ़ाकर 4558 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का फैसला लिया गया है।
यमुना सिटी में बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को मिली मंजूरी है। यमुना सिटी में प्रस्तावित यह स्टेडियम क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ भविष्य में बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों और खेल आयोजनों का केंद्र बन सकता है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र के लिए स्टेडियम को बड़ी परियोजना माना जा रहा है। इससे आसपास होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
ताइवान सिटी को भी मिली हरी झंडी
YEIDA बोर्ड ने सेक्टर-06 में करीब 300 एकड़ जमीन ताइवान आधारित उद्योगों के लिए आरक्षित करने का निर्णय लिया है। यहां प्रस्तावित ताइवान सिटी को आधुनिक औद्योगिक और कारोबारी केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों को आकर्षित करने की कोशिश होगी। इससे बड़े निवेश के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
किसानों को बड़ी राहत, जमीन की दर बढ़ी
गौरतलब है कि बोर्ड बैठक में किसानों से जुड़े प्रस्ताव पर भी अहम फैसला लिया गया। सहमति से भूमि क्रय की दर को 4300 रुपये से बढ़ाकर 4558 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा किसानों के सामने एक वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी गई है। इसमें 4037 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर के साथ 7 प्रतिशत आबादी भूखंड देने का विकल्प शामिल है। इससे किसानों को जमीन के बदले आवासीय भूखंड का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।
500 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क
यमुना सिटी को मेडिकल और फार्मा उद्योग का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में भी कदम उठाया गया है। सेक्टर-13 और सेक्टर-14 में करीब 500 एकड़ भूमि पर मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित करने की योजना को आगे बढ़ाया गया है। यहां मेडिकल उपकरणों के निर्माण के साथ रिसर्च, टेस्टिंग और अन्य संबंधित सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रस्तावित टेस्टिंग सुविधाओं से कंपनियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप जांच कराने में मदद मिल सकती है।
फार्मा क्लस्टर से बढ़ेगा निवेश
सेक्टर-06 में करीब 100 से 125 एकड़ जमीन पर फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने की योजना को भी मंजूरी मिली है। यहां टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्शन, ओरल लिक्विड और अन्य दवाओं के निर्माण को बढ़ावा देने की तैयारी है। इससे यमुना क्षेत्र में दवा निर्माण से जुड़ी कंपनियों और सहायक उद्योगों के आने की संभावना बढ़ सकती है।
यूनिवर्सिटी टाउनशिप और औद्योगिक क्षेत्र
विदित है कि बोर्ड ने सेक्टर-14 में करीब 480 एकड़ भूमि पर यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इससे उच्च शिक्षा, रिसर्च और शिक्षा आधारित रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वहीं सेक्टर-23डी में करीब 50 एकड़ जमीन पर आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का फैसला हुआ है। इसके अलावा सेक्टर-34 में करीब 36 एकड़ जमीन पर मंडी विकसित करने और सेक्टर-23डी में अंतरराष्ट्रीय बस अड्डे के लिए जमीन चिन्हित करने का निर्णय लिया गया है।
एयरपोर्ट के आसपास बदलेगी तस्वीर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास इन परियोजनाओं के विकसित होने से यमुना सिटी में औद्योगिक, आवासीय, शैक्षणिक और व्यावसायिक गतिविधियों को एक साथ बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। क्रिकेट स्टेडियम, ताइवान सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, फार्मा क्लस्टर और यूनिवर्सिटी टाउनशिप जैसी परियोजनाएं आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकती हैं।
सब मिलाकर YEIDA की 92वीं बोर्ड बैठक यमुना सिटी के भविष्य के लिहाज से बेहद अहम रही। एक तरफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और ताइवान सिटी जैसी बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी मिली, तो दूसरी तरफ किसानों की जमीन की दर बढ़ाने का फैसला भी हुआ। एयरपोर्ट के साथ इन परियोजनाओं के आकार लेने पर यमुना सिटी NCR के नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में तेजी से उभर सकती है।