ग्रेटर नोएडा : शनिवार को हुई ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक ने शहर के भविष्य की दिशा तय कर दी। इस बैठक में ऐसे फैसले लिए गए, जो सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि सीधे आम लोगों, निवेशकों और शहर की लाइफस्टाइल को बदलने वाले हैं। बजट से लेकर ट्रैफिक, फ्लैट खरीदारों से लेकर बिजली और सुरक्षा तक; हर सेक्टर में बड़ा फैसला हुआ।
6048 करोड़ का बजट पास; विकास को मिला सुपर बूस्ट
आपकी जानकारी के लिये बता दें कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹6048 करोड़ का बजट मंजूर किया गया है। इसमें आमदनी और खर्च बराबर रखने की रणनीति रखी गयी है। इसमें से प्राधिकरण ₹1150 करोड़ किसानों के जमीन अधिग्रहण पर खर्च करेगी। ₹2176 करोड़ निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा। साफ संकेत है कि ग्रेटर नोएडा अब सिर्फ शहर नहीं, बड़ा इंडस्ट्रियल और रियल एस्टेट हब बनने जा रहा है।
एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट तक सुपर कनेक्टिविटी
नोएडा एयरपोर्ट तक माल और यात्रियों की तेज पहुंच के लिये 105 मीटर रोड को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 15 किमी नई सड़क बनाई जाएगी। लॉजिस्टिक हब से 6 लेन एलिवेटेड रोड (WDFC के समानांतर) बनाई जाएगी। मतलब अब सफर तेज होगा, बिजनेस आसान और ट्रैफिक झंझट कम होगा।
फ्लैट खरीदारों और आवंटियों को बड़ी राहत
गौरतलब है कि फ्लैट खरीदारों और आवंटियों को बड़ी राहत देते हुए OTS स्कीम लागू की गयी है। जिसके तहत ब्याज और पेनल्टी में 80% तक छूट दी गयी है। 40 हजार से ज्यादा फ्लैटों की रजिस्ट्री पहले ही पूरी की जा चुकी है। छोटे फ्लैट (EWS से 135 sqm) वालों को इसका सीधा फायदा होगा। वर्षों से फंसे घरों का सपना अब हकीकत बनता दिख रहा है।
पानी के बिल में राहत; पहली बार नहीं बढ़ेगा जल शुल्क
आपको बता दें कि प्राधिकरण ने 2013 के बाद पहली बार जल शुल्क में बढ़ोतरी नहीं की है। बकाया बिल पर OTS स्कीम चालू किया गया है। जिसमें जून तक 40% ब्याज छूट, जुलाई तक 30% और अगस्त तक 20% छूट दी जाएगी। इससे सीधे तौर पर हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।
शहर में दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें
गौरतलब है कि शहर में 4 रूटों पर 15 ईवी बसें शुरू होंगी। इसकी कनेक्टिविटी चार मूर्ति से जेवर एयरपोर्ट तक होगी। इससे प्रदूषण कम, सफर सस्ता और आसान होगा।
हाईराइज बिल्डिंग्स के लिए 100 करोड़ की फायर सेफ्टी
आपको बता दें कि हाईराइज बिल्डिंग्स के लिए 102 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाले 2 हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदे जाएंगे। जिसकी लागत ₹100 करोड़ होगी। अब ऊंची इमारतों में आग लगने पर राहत और बचाव तेज होगा ।
ट्रैफिक जाम खत्म करने के लिए IIT का प्लान
गौरतलब है कि ट्रैफिक समस्या का वैज्ञानिक समाधान करने के लिये परी चौक, नॉलेज पार्क, एक्सपो मार्ट क्षेत्र के लिए IIT Delhi मास्टर प्लान बनाएगा। डिजाइन से लेकर मॉनिटरिंग तक IIT की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
उद्योगों को मिलेगी फुल पावर सप्लाई
आपकी जानकारी के लिये बता दें कि उद्योगों को फुल पावर सप्लाई के लिये ईकोटेक-10 में 220 KV सबस्टेशन बनेगा। इससे उद्योगों और रिहायशी इलाकों को स्थिर बिजली सप्लाई मिलेगा।
शहर में बनेगा बड़ा अस्पताल और नई सुविधाएं
विदित है कि शहर के नॉलेज पार्क-5 में 350 बेड का ESI अस्पताल बनेगा। टेकजोन में मेघालय भवन को मंजूरी दी गयी है। NDRF को फ्लैट दी जाएगी जिससे आपदा में तुरंत मदद मिलेगी।
कार्बन क्रेडिट और ग्रीन डेवलपमेंट पर फोकस
आपको बता दें कि कार्बन क्रेडिट और ग्रीन डेवलपमेंट पर फोकस करते हुए सोलर, ग्रीन बिल्डिंग, EV इंफ्रा जैसे प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी गयी है। कार्बन क्रेडिट से प्राधिकरण को अतिरिक्त आमदनी मिलेगी। ग्रेटर नोएडा अब ग्रीन और स्मार्ट सिटी मॉडल की ओर बढ़ रहा है।
ग्रेटर नोएडा अब सिर्फ शहर नहीं, भविष्य का स्मार्ट पावरहाउस बनने जा रहा है। 143वीं बोर्ड बैठक के फैसले बताते हैं कि ग्रेटर नोएडा अब विकास की नई रफ्तार पकड़ चुका है। बेहतर कनेक्टिविटी, सस्ती सुविधाएं, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के नए मौके; ये सब मिलकर इस शहर को आने वाले समय में देश के सबसे बड़े शहरी मॉडल में बदल सकते हैं।