इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद जेवर को एक और बड़ी सौगात!: CM योगी ने दिया आधुनिक अंतरराज्यीय बस अड्डे (ISBT) के निर्माण का निर्देश, दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों को मिलेगी सीधी बस सेवा
इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद जेवर को एक और बड़ी सौगात!

ग्रेटर नोएडा: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले जेवर और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में कनेक्टिविटी को लेकर एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी है। जेवर में एयरपोर्ट के पास अंतरराज्यीय बस अड्डा (ISBT) विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस बस टर्मिनल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना है। इसके बनने के बाद यात्रियों को एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड समेत दूसरे राज्यों के प्रमुख शहरों तक सीधी बस कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

विधायक की मांग पर CM ने दिए निर्देश

आपको बता दें कि जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने एयरपोर्ट के आसपास बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने ISBT बनाने की मांग रखी थी। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बस अड्डे के लिए भूमि उपलब्ध कराने और परियोजना की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अनुरोध किया। प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री की सहमति के बाद परिवहन विभाग को आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) से बस अड्डे के लिए उपयुक्त जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई है।

एयरपोर्ट के पास बनेगा आधुनिक बस टर्मिनल

गौरतलब है कि प्रस्तावित बस अड्डे को सामान्य बस स्टैंड के बजाय ISBT की तर्ज पर बड़े और आधुनिक परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसका सबसे बड़ा फायदा एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। अभी जेवर और आसपास के क्षेत्रों से एयरपोर्ट तक आसान सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना बड़ी चुनौती है। ऐसे में ISBT बनने से यात्रियों को बसों के जरिए सीधे एयरपोर्ट तक पहुंचने का विकल्प मिल सकेगा।

दिल्ली से राजस्थान और उत्तराखंड तक बढ़ेगी कनेक्टिविटी

प्रस्तावित टर्मिनल के जरिए अलग-अलग राज्यों के प्रमुख शहरों के लिए बस सेवाएं शुरू करने की योजना है। इससे दिल्ली-NCR के साथ हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई शहरों से जेवर एयरपोर्ट की सीधी कनेक्टिविटी मजबूत हो सकती है। यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए कई वाहन बदलने की परेशानी कम होगी। इससे हवाई यात्रा करने वाले लोगों के लिए जेवर एयरपोर्ट तक सड़क मार्ग से पहुंचना ज्यादा आसान हो सकता है।

एयरपोर्ट के साथ तेजी से बदल रहा पूरा इलाका

विदित है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कारण जेवर और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास का पूरा क्षेत्र तेजी से आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बन रहा है। औद्योगिक परियोजनाओं, निवेश और रोजगार के अवसरों के साथ यहां आने वाले समय में आबादी और यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में सरकार की कोशिश केवल एयरपोर्ट विकसित करने तक सीमित नहीं है। सड़क, बस और अन्य परिवहन माध्यमों को जोड़कर जेवर को मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

निवेश और रोजगार बढ़ने से बढ़ेगा दबाव

एयरपोर्ट के आसपास नई औद्योगिक इकाइयां और अन्य परियोजनाएं विकसित होने के साथ बड़ी संख्या में कर्मचारियों, निवेशकों और यात्रियों की आवाजाही बढ़ेगी। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन का मजबूत नेटवर्क जरूरी होगा। ISBT बनने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले यात्रियों को भी फायदा मिल सकता है। साथ ही एयरपोर्ट और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

जेवर को मिल सकती है नई पहचान

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाद अब प्रस्तावित ISBT जेवर की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है। अगर योजना जमीन पर उतरती है तो हवाई सफर के साथ लंबी दूरी की बस यात्रा का भी बड़ा केंद्र जेवर बन सकता है।

यानी आने वाले समय में जेवर सिर्फ एयरपोर्ट के लिए नहीं, बल्कि हवाई और सड़क परिवहन को जोड़ने वाले बड़े मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के तौर पर भी अपनी पहचान बना सकता है।

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