दिल्ली-मेरठ RRTS के बाद अब गाजियाबाद-जेवर RRTS की तैयारी तेज!: 20,000 करोड़ के मेगाप्रोजेक्ट से बनेगा 72 KM लम्बा कॉरिडोर, 180KM/H की रफ़्तार से मात्र इतने मिनट में पहुंचेंगे एयरपोर्ट, जानें कब से शुरु होगा इसका निर्माण और क्या रहेगा रूट
दिल्ली-मेरठ RRTS के बाद अब गाजियाबाद-जेवर RRTS की तैयारी तेज!

गाजियाबाद: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) तक प्रस्तावित रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के चरण में पहुंच गया है। परियोजना का मसौदा तैयार कर संबंधित विभागों को भेज दिया गया है और जल्द ही इसे राज्य सरकार की मंजूरी मिल सकती है। परियोजना पूरी होने के बाद गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक का सफर 50 मिनट से भी कम समय में पूरा हो सकेगा।

72 किलोमीटर लंबा होगा हाईस्पीड कॉरिडोर, ये रहेगा रूट

आपको बता दें कि यह प्रस्तावित RRTS कॉरिडोर लगभग 72 किलोमीटर लंबा होगा। यह गाजियाबाद RRTS स्टेशन से शुरू होकर सिद्धार्थ विहार, चार मूर्ति चौक, नॉलेज पार्क-5, सूरजपुर, पुलिस लाइन्स, अल्फा-1, YEIDA सेक्टर-18 और सेक्टर-21 होते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचेगा। इस पूरे रूट पर कुल 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं।

180 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी रफ्तार

गौरतलब है कि इस हाईस्पीड कॉरिडोर पर ट्रेन की अधिकतम डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। तेज रफ्तार के कारण वर्तमान में लगभग दो घंटे का सफर घटकर 40 से 50 मिनट के भीतर पूरा हो जाएगा। इससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों और एयरपोर्ट जाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।

मेट्रो और RRTS दोनों की मिलेगी सुविधा

इस परियोजना की खास बात यह है कि कई स्थानों पर RRTS और मेट्रो नेटवर्क एक-दूसरे से जुड़े होंगे। चार मूर्ति चौक, अल्फा-1 और अन्य प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों को आसानी से इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। इससे गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और जेवर के बीच यात्रा पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी।

रियल एस्टेट को मिलेगा बड़ा फायदा

विदित है कि परियोजना की खबर सामने आने के बाद सिद्धार्थ विहार, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, सूरजपुर और YEIDA सेक्टरों में प्रॉपर्टी की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। विशेषज्ञों का मानना है कि RRTS स्टेशन के आसपास आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं में आने वाले समय में और तेजी देखने को मिल सकती है।

20 हजार करोड़ रुपये से अधिक होगी लागत

इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग ₹20,000 करोड़ से अधिक खर्च होने का अनुमान है। पहले चरण में गाजियाबाद से कासना और इकोटेक क्षेत्र तक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसके बाद इसे जेवर एयरपोर्ट तक विस्तार दिया जाएगा।

कब शुरु होगा निर्माण

फिलहाल परियोजना राज्य सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रही है। मंजूरी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण, टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य शुरू होगा। यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी हुईं तो आने वाले वर्षों में यह हाईस्पीड कॉरिडोर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण परिवहन परियोजनाओं में शामिल होगा।

यात्रियों और उद्योग दोनों को मिलेगा लाभ

विशेषज्ञों का कहना है कि RRTS शुरू होने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। इससे यात्रियों का समय बचेगा, ट्रैफिक का दबाव कम होगा और औद्योगिक क्षेत्रों, व्यापारिक गतिविधियों तथा निवेश को भी नई रफ्तार मिलेगी। यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभा सकती है।

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