बॉलीवुड : बॉलीवुड की उन अभिनेत्रियों में तब्बू का नाम शामिल है, जिन्होंने अपनी अदाकारी से हर दौर में दर्शकों का दिल जीता है। पर्दे पर कभी गंभीर तो कभी चुलबुले किरदार निभाने वाली तब्बू 4 नवंबर को 55 साल की हो गई हैं। करीब चार दशक के फिल्मी सफर में उन्होंने कई यादगार फिल्में दीं और राष्ट्रीय पुरस्कार से लेकर पद्मश्री तक हासिल किया। लेकिन उनकी निजी जिंदगी की कहानी फिल्मी पर्दे जैसी आसान नहीं रही। बचपन में माता-पिता का तलाक, पिता से दूरी और जिंदगी में आए कुछ ऐसे रिश्ते, जो शादी तक नहीं पहुंचे। इन सबके बावजूद तब्बू ने अपनी पहचान किसी रिश्ते के सहारे नहीं, बल्कि अपने काम और फैसलों से बनाई।
तीन साल की उम्र में माता-पिता अलग हुए, पिता से नहीं बन पाया रिश्ता
आपको बता दें कि तब्बू का जन्म 4 नवंबर 1971 को हैदराबाद में हुआ था। उनका असली नाम तबस्सुम फातिमा हाशमी है। जब वह महज तीन साल की थीं, तभी उनके माता-पिता का तलाक हो गया। इसके बाद उनकी परवरिश मां रिजवाना और नाना-नानी ने की। पिता जमाल हाशमी से उनका संपर्क लगभग नहीं रहा। एक पुराने इंटरव्यू में तब्बू ने बताया था कि उन्होंने अपने पिता को कभी नहीं देखा और उनसे मिलने की विशेष इच्छा भी नहीं हुई। उनकी बड़ी बहन फराह नाज कभी-कभी पिता से मिलती थीं, लेकिन तब्बू ने अपनी जिंदगी मां और नाना-नानी के साथ बिताई। वह अपने बचपन को केवल दुख से भरा नहीं मानतीं। उनके मुताबिक, नाना-नानी के साथ बिताया समय उनके लिए बेहद खास रहा।
संजय कपूर से शुरू हुआ रिश्ता, फिल्म खत्म होते-होते टूट गई बातचीत
गौरतलब है कि तब्बू की निजी जिंदगी में शुरुआती दौर में अभिनेता संजय कपूर का नाम जुड़ा। दोनों की मुलाकात फिल्म 'प्रेम' की शूटिंग के दौरान हुई थी। संजय कपूर ने एक इंटरव्यू में खुद स्वीकार किया था कि फिल्म की शुरुआत में वह तब्बू को डेट कर रहे थे, लेकिन फिल्म खत्म होने तक दोनों के बीच बातचीत भी बंद हो गई थी। यह रिश्ता आगे नहीं बढ़ सका। इसके बाद फिल्म निर्माता साजिद नाडियाडवाला के साथ भी तब्बू के रिश्ते की चर्चा हुई। 1997 में एक इंटरव्यू में तब्बू ने स्वीकार किया था कि दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे थे। हालांकि, उस समय उन्होंने शादी की कोई योजना नहीं बताई थी। बाद में दोनों के रिश्ते की जगह दोस्ती ने ले ली।
नागार्जुन के साथ रिश्ते की चर्चा, लेकिन कभी नहीं दिया कोई नाम
तब्बू का नाम दक्षिण भारतीय अभिनेता नागार्जुन के साथ भी लंबे समय तक जोड़ा गया। मीडिया रिपोर्ट्स में दोनों के करीब एक दशक तक रिश्ते में रहने की चर्चा रही। 2007 में करण जौहर के शो 'कॉफी विद करण' में तब्बू ने नागार्जुन को अपनी जिंदगी के सबसे करीबी लोगों में से एक बताया था। उन्होंने कहा था कि यह रिश्ता बेहद खास है, लेकिन वह इसे कोई नाम नहीं दे सकतीं। हालांकि, दोनों ने इस रिश्ते की पूरी कहानी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की।
काले हिरण मामले में भी आया नाम, सालों चला कानूनी विवाद
विदित है कि तब्बू के लिए 1998 का साल भी विवादों से जुड़ा रहा। फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान जोधपुर में काले हिरण के शिकार का मामला सामने आया। इसमें सलमान खान के साथ तब्बू और कुछ अन्य कलाकारों के नाम भी आए। सालों तक चले मुकदमे में 5 अप्रैल 2018 को जोधपुर की अदालत ने तब्बू को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। मई 2025 में राजस्थान सरकार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
अजय देवगन के साथ भी जुड़ा नाम :
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तब्बू और अभिनेता अजय देवगन की दोस्ती बॉलीवुड में काफी पुरानी है। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया है। 'विजयपथ', 'हकीकत', 'दृश्यम', 'गोलमाल अगेन' और 'दे दे प्यार दे' जैसी फिल्मों में उनकी जोड़ी दर्शकों को पसंद आई।
दोनों की शानदार केमिस्ट्री और पुरानी दोस्ती के कारण मीडिया में कई बार उनके रिश्ते को लेकर चर्चाएं हुईं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि अजय देवगन के साथ तब्बू की नजदीकियां दोस्ती से आगे बढ़ सकती थीं। हालांकि, दोनों ने कभी अपने बीच किसी प्रेम संबंध की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की। तब्बू ने कई मौकों पर अजय को अपना पुराना दोस्त बताया है।
गलत पार्टनर से बेहतर अकेले रहना, शादी को नहीं माना जरूरी
तब्बू ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर एक इंटरव्यू में कहा था कि सिंगल रहना कोई बुरी बात नहीं है। उनके मुताबिक, खुशी का रिश्ता केवल वैवाहिक स्थिति से नहीं होता। उन्होंने साफ कहा था कि गलत पार्टनर के साथ रहने से बेहतर है कि इंसान अकेले रहे। वह ऐसा रिश्ता चाहती हैं जिसमें दोनों एक-दूसरे को आजादी दें और अपने सपनों के साथ आगे बढ़ने का मौका दें।
निजी जिंदगी से अलग करियर में हासिल की बड़ी सफलता
तब्बू ने बाल कलाकार के रूप में शुरुआत की और बाद में 'माचिस', 'विरासत', 'चांदनी बार', 'मकबूल', 'हैदर', 'दृश्यम' और 'अंधाधुन' जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई। उन्हें दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 2011 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
तब्बू की कहानी केवल अधूरे रिश्तों की नहीं, बल्कि अपने फैसलों पर कायम रहने और काम के दम पर मुकाम बनाने की भी है। 55 साल की उम्र में भी वह लगातार सक्रिय हैं और उनकी अदाकारी दर्शकों को प्रभावित कर रही है।