मुंबई: बॉलीवुड में कलाकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल पर सवाल उठने लगे हैं। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने चेतावनी दी है कि अगर मुंबई में फिल्मी सितारों और शूटिंग से जुड़े कर्मचारियों को सुरक्षित माहौल नहीं मिला, तो निर्माता उत्तर प्रदेश जैसे दूसरे राज्यों में शूटिंग करने का विकल्प चुन सकते हैं। गौरतलब है कि यूपी के नोएडा में फ़िल्म सिटी का निर्माण चालू है। उनका कहना है कि कलाकारों के मन में डर बना रहेगा, तो वे अपने काम पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे पाएंगे।
‘यह सिर्फ डराने का नहीं, जान का खतरा पैदा करने वाला मामला’
आपको बता दें कि बीएन तिवारी के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ से जुड़ी घटना ने फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा की है। उनका कहना है कि पहले भी फिल्मी सितारों को धमकियां मिलने और उनके घरों के आसपास गोलीबारी जैसी घटनाओं की खबरें सामने आती रही हैं। लेकिन ऐसी घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि गोली चलने से किसी की जान जा सकती है। तिवारी ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले कलाकारों, तकनीशियनों और दूसरे कर्मचारियों को ऐसा माहौल मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी डर के अपना काम कर सकें। उन्होंने इस मामले को केवल किसी एक अभिनेता की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा मानने के बजाय पूरी इंडस्ट्री की सुरक्षा से जोड़कर देखा है।
गृह मंत्री और महाराष्ट्र सरकार से मांगी सुरक्षा
गौरतलब है कि FWICE की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पुलिस अधिकारियों और फिल्म निर्माताओं से जुड़े संगठनों को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग किए जाने की बात कही गई है। तिवारी के अनुसार, केवल कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लेना पर्याप्त नहीं होगा। जरूरी है कि ऐसी वारदातों के पीछे सक्रिय नेटवर्क की जांच हो और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस पर उन्हें भरोसा है, लेकिन लगातार सामने आने वाली घटनाओं से फिल्म इंडस्ट्री में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
शूटिंग पर आने वाले हर व्यक्ति की पहचान हो सुनिश्चित
FWICE अध्यक्ष ने शूटिंग स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि फिल्मों और टीवी कार्यक्रमों की शूटिंग के दौरान बड़ी संख्या में कलाकार, तकनीशियन, जूनियर आर्टिस्ट और अन्य लोग मौजूद रहते हैं। ऐसे में वहां आने वाले लोगों की पहचान और प्रवेश की व्यवस्था स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने निर्माताओं से अपील की कि शूटिंग पर काम करने के लिए बुलाए जाने वाले लोगों की पहचान की पुष्टि की जाए और सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन कराया जाए। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए निर्माता, यूनियन, पुलिस और संबंधित संगठनों के बीच समन्वय जरूरी होगा।
उत्तर प्रदेश में शूटिंग का विकल्प क्यों आया चर्चा में?
विदित है कि बीएन तिवारी ने कहा कि महाराष्ट्र बॉलीवुड का प्रमुख केंद्र है और कोई नहीं चाहता कि फिल्म इंडस्ट्री को मुंबई छोड़ना पड़े। लेकिन अगर कलाकारों और शूटिंग टीमों को लगातार सुरक्षा की चिंता बनी रहती है, तो निर्माता दूसरे राज्यों में शूटिंग करने के विकल्प पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां फिल्म निर्माण के लिए उपलब्ध सुविधाओं और माहौल को देखते हुए निर्माता वहां शूटिंग कर सकते हैं। यहां नोएडा में यूपी सरकार द्वारा फ़िल्म इंडस्ट्री का भी निर्माण किया जा रहा है। हालांकि, इसे बॉलीवुड के उत्तर प्रदेश में स्थानांतरण का अंतिम फैसला नहीं, बल्कि सुरक्षा को लेकर जताई गई चेतावनी के रूप में देखा जाना चाहिए।
FWICE ने कहा; डर खत्म होगा, तभी काम सामान्य होगा
FWICE फिल्म और टेलीविजन उद्योग से जुड़े विभिन्न कर्मचारी संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था है। इससे जुड़े लोगों का कहना है कि फिल्म निर्माण में कलाकारों के साथ कैमरा टीम, तकनीशियन, मेकअप आर्टिस्ट, स्पॉटबॉय और कई अन्य कर्मचारी भी शामिल होते हैं। सुरक्षा की चिंता का असर पूरे कामकाज पर पड़ सकता है। तिवारी ने माना कि सुरक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार एक दिन में संभव नहीं है। इसके लिए सरकार, पुलिस, निर्माता संगठनों और यूनियनों को मिलकर काम करना होगा।
फिलहाल फिल्म इंडस्ट्री की प्रमुख मांग यही है कि शूटिंग स्थलों पर सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएं और कलाकारों को भरोसा मिले कि वे बिना भय के काम कर सकते हैं। टाइगर श्रॉफ से जुड़ी घटना के बाद उठी यह आवाज अब केवल सितारों की सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि मुंबई में फिल्म निर्माण के सुरक्षित माहौल से भी जुड़ गई है।