नई दिल्ली: चेक बाउंस मामले में कानूनी मुश्किलों का सामना कर रहे अभिनेता राजपाल यादव बुधवार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। मामला गंभीर था, अदालत में करोड़ों रुपये के भुगतान की चर्चा हो रही थी, लेकिन सुनवाई के दौरान अचानक बातचीत फिल्मों तक पहुंच गई। राजपाल यादव ने अपने अंदाज में अपनी जिंदगी और पिछले कई वर्षों के अनुभव को फिल्म का रूप देने की बात कह दी। उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म का नाम ‘16 सावन झेल के’ बताया। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने राजपाल यादव से उनके फिल्मी काम के बारे में पूछा। बातचीत आगे बढ़ी तो अभिनेता ने अपने करियर, आर्थिक नुकसान और लंबे समय से चले आ रहे विवाद का जिक्र किया। राजपाल ने कहा कि पिछले वर्षों में उन्हें काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और इस पूरे दौर ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी प्रभावित किया।
‘मैं खुद ड्रामा बन चुका हूं’; राजपाल ने अदालत में कही दिल की बात
आपको बता दें कि राजपाल यादव ने अपने फिल्मी सफर का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने सैकड़ों फिल्मों में काम किया है। उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़े आर्थिक नुकसान का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि इस पूरे घटनाक्रम के कारण उन्हें वर्षों तक परेशानियों और बदनामी का सामना करना पड़ा। इसी दौरान उन्होंने बेहद अलग अंदाज में कहा कि इतने वर्षों में परिस्थितियां ऐसी रहीं कि वह खुद एक ड्रामा बन गए हैं। राजपाल ने बताया कि वर्ष 2010 से लेकर आगे के वर्षों में उनके साथ जो कुछ हुआ, उसी अनुभव को आधार बनाकर फिल्म बनाने का विचार है। उन्होंने फिल्म के संभावित नाम के तौर पर ‘16 सावन झेल के’ का जिक्र किया। उनके इस जवाब ने कोर्ट की गंभीर कार्यवाही के बीच बातचीत को कुछ देर के लिए फिल्मी रंग दे दिया।
CJI ने भी दिया फिल्म बनाने का सुझाव
गौरतलब है कि राजपाल यादव की बात सुनकर CJI सूर्यकांत ने उन्हें अच्छी फिल्म बनाकर दर्शकों का मनोरंजन करने और अपनी प्रतिष्ठा दोबारा मजबूत करने की सलाह दी। अदालत में मौजूद कुछ वकीलों के अभिनय कौशल का जिक्र करते हुए उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें भी फिल्म में मौका दिया जा सकता है। यही वह पल था जब चेक बाउंस के गंभीर कानूनी मामले के बीच राजपाल यादव और सुप्रीम कोर्ट की बेंच के बीच हल्की-फुल्की बातचीत चर्चा में आ गई।
कोर्ट में पहुंचे थे 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट लेकर
हालांकि बातचीत का फिल्मी हिस्सा जितना दिलचस्प था, मामला कानूनी रूप से उतना ही गंभीर है। राजपाल यादव बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट लेकर पहुंचे। उनके वकील ने बताया कि बाकी 85 लाख रुपये एक संपत्ति के संभावित खरीदार के जरिए जमा किए जाने हैं। अदालत को बताया गया कि यह रकम 13 अक्टूबर तक जमा करने की कोशिश की जाएगी। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट अभिनेता को बकाया राशि जमा करने के लिए समय दे चुका है।
2010 से चली आ रही है कानूनी लड़ाई
विदित है कि यह विवाद वर्ष 2010 में उनकी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए ली गई वित्तीय मदद से जुड़ा है। बाद में भुगतान को लेकर विवाद हुआ और कई चेक बाउंस होने के बाद मामला अदालत तक पहुंच गया। मामले में राजपाल यादव को दोषी ठहराया गया और दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। अब सुप्रीम कोर्ट में भुगतान और कानूनी राहत को लेकर सुनवाई चल रही है। एक तरफ राजपाल यादव अदालत से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ शिकायतकर्ता को बकाया रकम दिलाना भी अदालत की प्राथमिकता में है।
गंभीर कानूनी लड़ाई के बीच ‘16 सावन झेल के’ का नाम सामने आना अब चर्चा का विषय बन गया है। अगर यह फिल्म बनती है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि इसमें राजपाल यादव के लिए करीब डेढ़ दशक लंबा यह विवाद किस तरह पर्दे पर दिखाई देगा और कोर्ट की इस बातचीत का कितना हिस्सा कहानी बनेगा।