नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस बार करीब 20 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 11.21 लाख छात्रों ने मेडिकल, डेंटल, आयुष और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए क्वालिफाई किया है। परीक्षा के नतीजे तय समय पर जारी होने के बाद अब मेडिकल कॉलेजों की काउंसलिंग प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी। उम्मीदवार अपना स्कोरकार्ड neet.nta.nic.in पर जाकर देख सकते हैं।
पंजाब और हरियाणा के छात्रों ने किया देश में टॉप
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस वर्ष पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से ऑल इंडिया टॉप किया। खास बात यह रही कि 2020 और 2021 के बाद पहली बार कोई भी छात्र 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल नहीं कर सका।
इस बार:
छात्राओं ने फिर मारी बाजी
गौरतलब है कि NTA के अनुसार इस बार भी छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा। कुल सफल अभ्यर्थियों में 58 प्रतिशत से अधिक छात्राएं शामिल हैं। छात्राओं की सफलता दर लगभग 56.8 प्रतिशत, जबकि छात्रों की सफलता दर 55.1 प्रतिशत रही।
उत्तर प्रदेश सबसे आगे, हर राज्य से सफल अभ्यर्थी
इस बार देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से छात्र सफल हुए हैं।
श्रेणीवार सफल उम्मीदवार
पेपर लीक के बाद दोबारा हुई थी परीक्षा
विदित है कि इस वर्ष NEET-UG परीक्षा काफी चर्चा में रही। 3 मई 2026 को हुई परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 21 जून 2026 को पूरे देश और विदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई। री-एग्जाम में भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों के 5,440 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा हुई।
कट-ऑफ में आया बड़ा उछाल
इस बार सभी श्रेणियों में क्वालिफाइंग कट-ऑफ में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार परीक्षा का स्तर और मूल्यांकन प्रक्रिया इस बदलाव की बड़ी वजह मानी जा रही है।
13 भाषाओं में हुई परीक्षा
आपको बता दें कि NEET-UG 2026 का आयोजन 13 भाषाओं में किया गया, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, मराठी, गुजराती, पंजाबी, बंगाली, असमिया, उर्दू, कन्नड़, मलयालम और ओड़िया शामिल हैं।
2027 से बदलेगा NEET का पूरा सिस्टम
पेपर लीक की घटनाओं के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। हालांकि परीक्षा का सिलेबस, प्रश्नों की संख्या और मार्किंग स्कीम पहले जैसी ही रहेगी। छात्रों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें।
अब सफल उम्मीदवारों के लिए MBBS, BDS, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्सों में प्रवेश की काउंसलिंग शुरू होगी। ऑल इंडिया कोटा की काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) कराएगी, जबकि राज्य कोटे की काउंसलिंग संबंधित राज्य सरकारें आयोजित करेंगी। NTA ने छात्रों को फर्जी कॉल, सीट दिलाने के नाम पर होने वाली ठगी और पैसे मांगने वाले किसी भी व्यक्ति से सतर्क रहने की सलाह भी दी है।