यूपी के सभी सरकारी-निजी स्कूलों में बड़ा बदलाव!: बच्चों को जंक फूड से बचना और स्क्रीन टाइम घटाना सिखाएगी 'माय हेल्थ वर्ल्ड' बुक, वहीं योग सहित...जानें होने वाले बदलाव और इनका बच्चों पर असर_एक नज़र
यूपी के सभी सरकारी-निजी स्कूलों में बड़ा बदलाव!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में अब पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की सेहत पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। योगी सरकार ने छात्रों में बढ़ती जंक फूड की आदत, अत्यधिक मोबाइल और टीवी के इस्तेमाल तथा शारीरिक गतिविधियों में कमी को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। अब स्कूलों में भारत सरकार द्वारा तैयार की गई 'माय हेल्थ वर्ल्ड' नामक विशेष चित्रात्मक पुस्तक के माध्यम से बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली की शिक्षा दी जाएगी।

हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी किताब

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह पुस्तक हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगी। राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। यह व्यवस्था सरकारी विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, सहायता प्राप्त विद्यालयों और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में भी लागू होगी।

बच्चों की बदलती जीवनशैली बनी चिंता का कारण

गौरतलब है कि आजकल बच्चों में जंक फूड, ज्यादा चीनी, नमक और वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही मोबाइल, टीवी और अन्य डिजिटल उपकरणों के अधिक उपयोग के कारण स्क्रीन टाइम लगातार बढ़ रहा है। खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों में कमी आने से बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसी चुनौती से निपटने के लिए यह पहल शुरू की गई है।

किताब में आसान भाषा और चित्रों के जरिए मिलेगी सीख

'माय हेल्थ वर्ल्ड' पुस्तक को बच्चों की समझ के अनुसार सरल भाषा और आकर्षक चित्रों के साथ तैयार किया गया है। इसमें हृदय, फेफड़े, लिवर, दिमाग, आंखों और किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों की देखभाल, संतुलित भोजन, योग, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और अच्छी जीवनशैली की जानकारी रोचक तरीके से दी गई है।

स्कूलों में रोज होगी स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियां

नई व्यवस्था के तहत इस पुस्तक का उपयोग केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। इसे सुबह की प्रार्थना सभा, बाल सभा, अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में भी शामिल किया जाएगा। बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने के लिए नियमित रूप से संवाद और गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

शिक्षकों को भी मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

विदित है कि शिक्षकों को भी इस अभियान से जोड़ने के लिए उनके प्रशिक्षण कार्यक्रमों में स्वास्थ्य शिक्षा पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान कम से कम 10 मिनट का समय इस विषय के लिए निर्धारित किया जाएगा, ताकि शिक्षक बच्चों को सही तरीके से मार्गदर्शन दे सकें।

योग, खेलकूद और बैगलेस डे पर विशेष कार्यक्रम

नई पहल के तहत स्कूलों में योग और खेलकूद की गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित करना अनिवार्य होगा। वहीं 'बैगलेस डे' पर स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े पोस्टर प्रतियोगिता, नाटक, वाद-विवाद, निबंध लेखन और क्विज जैसी गतिविधियां भी कराई जाएंगी, ताकि बच्चे खेल-खेल में स्वस्थ आदतें सीख सकें।

डिजिटल माध्यम से भी मिलेगा स्वास्थ्य संदेश

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा तैयार डिजिटल सामग्री को भी स्कूलों के सूचना पट्ट, व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य माध्यमों से साझा किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों को भी स्वस्थ खानपान और बेहतर जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है।

स्वस्थ आदतों की ओर बढ़ेगा नया कदम

सरकार का मानना है कि यदि बच्चों को छोटी उम्र से ही सही खानपान, नियमित व्यायाम, सीमित स्क्रीन टाइम और अच्छी दिनचर्या की आदतें सिखाई जाएं, तो भविष्य में कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव होगा। 'माय हेल्थ वर्ल्ड' पुस्तक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

अन्य खबरे