यूपी में लखनऊ अग्निकांड के बाद योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई!: खान सर-एलन समेत 80 से ज्यादा कोचिंग सील तो वहीं...जानें किन बड़े संस्थानों को किया गया सील और इसके पीछे की बड़ी वजह_एक नज़र
यूपी में लखनऊ अग्निकांड के बाद योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई!

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेशभर में अवैध और असुरक्षित इमारतों में चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन, विकास प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग और अन्य एजेंसियों की संयुक्त टीमों ने अलग-अलग जिलों में ताबड़तोड़ जांच शुरू कर दी है।

80 से ज्यादा कोचिंग हुए सील

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभियान के पहले ही चरण में प्रदेशभर में 80 से ज्यादा कोचिंग संस्थानों के भवनों को सील किया गया है। कार्रवाई के दायरे में कई बड़े और चर्चित कोचिंग संस्थान भी आए हैं। कहीं फायर सेफ्टी की कमी मिली तो कहीं भवन निर्माण और आपातकालीन निकास से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था।

लखनऊ हादसे के बाद जागा प्रशासन

गौरतलब है कि लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग में कई युवाओं की मौत के बाद सरकार ने प्रदेशभर में सुरक्षा जांच के आदेश दिए। सरकार का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और ऐसे संस्थानों की जांच की जाए जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी आते हैं।

प्रयागराज में खान ग्लोबल समेत कई संस्थानों पर कार्रवाई

प्रयागराज में विकास प्राधिकरण की टीम ने कई कोचिंग संस्थानों की जांच की। जांच के दौरान नियमों की अनदेखी मिलने पर खान ग्लोबल क्लासेज सहित कुछ संस्थानों पर कार्रवाई की गई। अधिकारियों के मुताबिक, भवन के उपयोग, सुरक्षा व्यवस्था और जरूरी अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

कानपुर में सबसे बड़ी कार्रवाई, कई सेंटर सील

कानपुर के कोचिंग हब कहे जाने वाले क्षेत्रों में भी प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया। जांच में कई जगह बेसमेंट और ऐसी जगहों पर क्लास चलती मिलीं, जहां सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी। इसके बाद कई कोचिंग संस्थानों को सील किया गया। अधिकारियों ने साफ किया कि बिना मानक पूरे किए संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

नोएडा, गोरखपुर और वाराणसी में भी जांच तेज

आपको बता दें कि नोएडा में जांच के दौरान कई संस्थानों में फायर एनओसी और इमरजेंसी एग्जिट जैसी जरूरी व्यवस्थाओं की कमी पाई गई। कुछ संस्थानों पर तत्काल कार्रवाई की गई। वाराणसी में निरीक्षण के दौरान कुछ भवनों के बेसमेंट में ज्वलनशील सामान मिलने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। वहीं गोरखपुर में भी फायर अलार्म और सुरक्षा इंतजामों की कमी सामने आई।

कई जिलों में नोटिस, सुधार नहीं तो लगेगा ताला

मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बुलंदशहर, मेरठ, गाजियाबाद सहित कई जिलों में कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया गया। जहां छोटी कमियां मिलीं, वहां नोटिस देकर सुधार का मौका दिया गया है। लेकिन गंभीर लापरवाही मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है।

सिर्फ रजिस्ट्रेशन काफी नहीं, सुरक्षा भी जरूरी

विदित है कि सरकार ने साफ कर दिया है कि केवल कोचिंग संस्थान का पंजीकरण होना पर्याप्त नहीं होगा। भवन की मजबूती, फायर सेफ्टी सिस्टम, बिजली सुरक्षा, साफ-सफाई और आपातकालीन रास्तों की भी जांच होगी। बिना अनुमति और बिना सुरक्षा इंतजामों के चल रहे संस्थानों को बंद कराया जाएगा।

सरकार का संदेश- बच्चों की जान से खिलवाड़ नहीं

उच्च शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को व्यापक सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को सुरक्षित माहौल देना पहली प्राथमिकता है।

अब प्रदेशभर में कोचिंग संस्थानों के लिए सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा और लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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