लखनऊ: उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था अब पूरी तरह हाईटेक दौर में प्रवेश करने जा रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने ऐसा बड़ा फैसला लिया है, जो आने वाले वर्षों में सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल सकता है। अब यूपी के छात्र सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्कूलों में रोबोट बनाएंगे, ड्रोन उड़ाएंगे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण लेंगे। प्रदेश सरकार ने 600 राजकीय माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अत्याधुनिक “ड्रीम लैब्स” स्थापित करने का फैसला लिया है। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग और नेल्को लिमिटेड (टाटा एंटरप्राइज) के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
कक्षा 9 से शुरू होगी भविष्य की पढ़ाई
आपको बता दें कि नई व्यवस्था के तहत कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को Industry 4.0 से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी।
इन विषयों को शामिल किया गया है—
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
रोबोटिक्स
इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)
3D प्रिंटिंग
ड्रोन टेक्नोलॉजी
इलेक्ट्रॉनिक्स
बैटरी चालित इलेक्ट्रिक वाहन
एडवांस मैन्युफैक्चरिंग
नवीकरणीय ऊर्जा
डिजाइन थिंकिंग
कृषि विज्ञान
सरकार का मकसद छात्रों को सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि रोजगार और तकनीकी कौशल देना है।
75 जिलों में बनेगा हाईटेक शिक्षा नेटवर्क
गौरतलब है कि यह परियोजना पूरे उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में लागू होगी।
योजना के तहत—
150 हब स्कूल
450 स्पोक स्कूल
कुल 600 विद्यालयों में ड्रीम लैब्स
स्थापित की जाएंगी।
सरकार इसे तीन चरणों में लागू करेगी। पहले चरण में 72 लैब्स, दूसरे चरण में 144 लैब्स और तीसरे चरण में 384 लैब्स स्थापित होंगे।
सरकारी स्कूलों में पहली बार मिलेगा इंडस्ट्री जैसा माहौल
विदित है कि इन ड्रीम लैब्स को सिर्फ कंप्यूटर रूम नहीं बल्कि मिनी इनोवेशन सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां छात्र मशीनों पर काम करेंगे, मॉडल बनाएंगे, कोडिंग सीखेंगे और आधुनिक तकनीकों के जरिए वास्तविक प्रोजेक्ट तैयार करेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इससे सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी वही तकनीकी एक्सपोजर मिलेगा, जो अब तक केवल बड़े प्राइवेट संस्थानों में देखने को मिलता था।
“यह सिर्फ योजना नहीं, युवाओं के भविष्य में निवेश”
आपको बता दें कि अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में छात्रों को नई तकनीकों से लैस करना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा—
“ड्रीम लैब्स केवल एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य में निवेश हैं। इससे विद्यार्थी रोजगारपरक और तकनीकी कौशल हासिल करेंगे।”
वहीं महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि यह पहल व्यावसायिक शिक्षा को नई दिशा देगी और आकांक्षी जिलों में भी आधुनिक शिक्षा का विस्तार होगा।
वैश्विक कंपनियां भी होंगी शामिल
गौरतलब है कि इस परियोजना में कई अंतरराष्ट्रीय तकनीकी कंपनियां भी सहयोग करेंगी। इनमें यास्कावा, मास्टरकैम, 3D सिस्टम्स, एसीई माइक्रोमैटिक और अज्नालेंस जैसी कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां आधुनिक मशीनें, डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीकी ट्रेनिंग उपलब्ध कराएंगी।
NEP 2020 और Skill India से जुड़ी योजना
यह पूरी परियोजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020), NSQF और Skill India Mission के अनुरूप तैयार की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि यूपी के छात्र केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि आने वाले समय में स्टार्टअप, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी आधारित उद्यम भी शुरू कर सकें।
सरकारी स्कूलों की बदलेगी तस्वीर!
अब तक सरकारी स्कूलों को केवल पारंपरिक पढ़ाई के लिए जाना जाता था, लेकिन AI, रोबोटिक्स और ड्रोन जैसी तकनीकों की एंट्री के बाद यूपी के सरकारी स्कूल पूरी तरह बदलते नजर आ सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह योजना सफल रही तो आने वाले समय में यूपी देश का सबसे बड़ा “स्किल और टेक एजुकेशन हब” बन सकता है।