भारत पर अगले हफ्ते से 500% टैरिफ लगा सकता है अमेरिका!: रूस से तेल पर प्रतिबन्ध वाले बिल को ट्रम्प की मंजुरी, वहीं चीन...जानें क्या है टैरिफ की असली वजह? पूरा मामला_एक नजर
भारत पर अगले हफ्ते से 500% टैरिफ लगा सकता है अमेरिका!

वॉशिंगटन/नई दिल्ली : दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। अमेरिका भारत पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगा सकता है। रूस के खिलाफ सख्त प्रतिबंधों से जुड़े एक बेहद कड़े बिल को Donald Trump ने मंजूरी दे दी है। अब यह बिल अगले हफ्ते अमेरिकी संसद में वोटिंग के लिए पेश किया जा सकता है। अगर यह कानून बन गया, तो भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों के लिए भारी आर्थिक झटका साबित हो सकता है।

जानें क्या है पूरा मामला?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका में जिस बिल पर सियासी हलचल तेज है, उसका नाम है Sanctioning Russia Act (SRA) 2025. इस बिल का मकसद रूस के ऊर्जा, बैंकिंग और डिफेंस सेक्टर को पूरी तरह जकड़ना है और उन देशों पर दबाव बनाना, जो यूक्रेन युद्ध के बीच रूस से सस्ता तेल खरीद रहे हैं। अमेरिकी आरोप है कि रूस से तेल खरीदने वाले देश, अप्रत्यक्ष रूप से उसकी युद्ध मशीनरी को ईंधन दे रहे हैं।

ट्रम्प की हरी झंडी, संसद में वोटिंग तय :

गौरतलब है कि रिपब्लिकन सीनेटर Lindsey Graham ने खुलासा किया कि व्हाइट हाउस में हुई बातचीत में ट्रम्प ने इस बिल को संसद में लाने की मंजूरी दे दी है। ग्राहम के मुताबिक यह बिल कई महीनों से तैयार किया जा रहा था। अगले हफ्ते इस पर सीनेट में वोटिंग हो सकती है। सीनेट के 80% से ज्यादा सांसद इसके समर्थन में हैं। यानी यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।

बिल में क्या-क्या है?

SRA 2025 के तहत रूस की तेल-गैस कंपनियों, बड़े बैंकों और डिफेंस इंडस्ट्री पर सख्त पाबंदियां लगाई जाने का प्लान है। रूस से जुड़े वैश्विक नेटवर्क पर शिकंजा कसा जाएगा। रूस से कारोबार करने वाले तीसरे देशों पर सेकेंडरी सैंक्शन लगाया जाएगा। यह बिल ऐसे देशों पर 500% तक इंपोर्ट टैरिफ लगाने का अधिकार देने के साथ फ्रीज की गई रूसी संपत्तियों को यूक्रेन के पुनर्निर्माण में इस्तेमाल करने की व्यवस्था की जा रही है। सबसे अहम बात है अगर यह कानून बन गया, तो कोई भी अमेरिकी राष्ट्रपति अकेले फैसले से इन प्रतिबंधों को हटा नहीं सकेगा। हर छूट के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी।

भारत क्यों निशाने पर?

आपको बता दें कि यूक्रेन युद्ध के बाद भारत, रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदने वाला बड़ा देश रहा है। अमेरिका इसे रूस को आर्थिक मदद मानता है। भारत पर पहले से 25% एक्स्ट्रा टैरिफ और कुल मिलाकर 50% टैरिफ लागू है। नया बिल पास हुआ तो 500% तक टैरिफ का रास्ता खुल सकता है। इसका सीधा असर भारतीय निर्यात, अमेरिका में भारतीय सामान की कीमत पर और भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पड़ेगा।

भारत की कोशिशें, लेकिन खतरा बरकरार :

खबरों के मुताबिक भारत चाहता है कि कुल टैरिफ 50% से घटाकर 15% किया जाए और रूसी तेल पर लगी 25% पेनल्टी हटे। भारत ने 4 साल बाद रूस से तेल आयात कम भी किया है। रॉयटर्स और केप्लर के आंकड़ों के अनुसार:

नवंबर: 17.7 लाख बैरल/दिन
दिसंबर: करीब 12 लाख बैरल/दिन

आगे और गिरावट की संभावना है। फिर भी अमेरिका का रुख कड़ा बना हुआ है।

चीन, ब्राजील भी चपेट में :

यह बिल सिर्फ भारत के लिए नहीं है। चीन और ब्राजील जैसे देशों पर भी यही नियम लागू होंगे। मतलब जो भी रूस से पेट्रोलियम या यूरेनियम खरीदेगा, वो अमेरिका की सीधी कार्रवाई के दायरे में आएगा।

क्या ट्रम्प को कोई रोक सकता है?

अगर SRA 2025 कांग्रेस से पास हो गया ट्रम्प को कानूनी ताकत मिल जाएगी ऐसे में उन्हें टैरिफ लगाने से रोकना आसान नहीं होगा। सब फैसला राष्ट्रपति के आकलन पर निर्भर करेगा यानी भारत के सामने सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि कानूनी दीवार खड़ी हो सकती है।

भारत पर 500% टैरिफ का खतरा सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक चेतावनी है। यूक्रेन युद्ध, रूस से तेल, और अमेरिका की आक्रामक नीति तीनों मिलकर भारत के लिए नई चुनौती बनते दिख रहे हैं। सबकी नजरें अगले हफ्ते होने वाली अमेरिकी संसद की वोटिंग पर टिकी हैं। यहीं तय होगा दबाव बनेगा इसे हटाने का या 500% टैरिफ का यह तूफान भारत की अर्थव्यवस्था से टकराएगा।

अन्य खबरे