जयपुर से हरिद्वार का सफर होगा अब सुपरफास्ट!: 10 घंटे का सफर अब मात्र 6 घंटे में होगा पूरा, 5 राज्यों को जोड़ने जा रहा एक्सप्रेसवे का महानेटवर्क, जानिए क्या रहेगा इसका रूट
जयपुर से हरिद्वार का सफर होगा अब सुपरफास्ट!

नई दिल्ली/लखनऊ: उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड के बीच सड़क यात्रा आने वाले समय में पहले से आसान हो सकती है। कई एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित लिंक कॉरिडोर को आपस में जोड़कर एक बड़ा सड़क नेटवर्क विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य अलग-अलग शहरों के बीच सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाना और यात्रा में लगने वाला समय कम करना है। इस नेटवर्क के तैयार होने पर जयपुर, आगरा और लखनऊ जैसे शहरों से हरिद्वार पहुंचने का रास्ता अधिक सुविधाजनक हो सकता है।

तीन एक्सप्रेसवे मिलकर बनाएंगे बड़ा नेटवर्क

आपको बता दें कि इस कनेक्टिविटी योजना में गंगा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और दूसरे लिंक कॉरिडोर की अहम भूमिका बताई जा रही है। इन सड़कों के आपस में जुड़ने से यात्रियों को लंबे सफर के दौरान अलग-अलग मार्गों के बीच बेहतर संपर्क मिल सकता है। योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार की दिशा में विस्तार है। इसके अलावा, जेवर एयरपोर्ट के आसपास यमुना एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए करीब 74.5 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड लिंक कॉरिडोर का प्रस्ताव भी चर्चा में है। हालांकि, इस लिंक के निर्माण और पूरा होने की समयसीमा की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।

जयपुर से हरिद्वार पहुंचने में लग सकते हैं सिर्फ 6 घंटे

गौरतलब है कि फिलहाल जयपुर से हरिद्वार की सड़क यात्रा में यातायात और चुने गए रास्ते के आधार पर करीब 10 घंटे या उससे अधिक लग सकते हैं। प्रस्तावित नेटवर्क के जरिए जयपुर से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और संबंधित कनेक्टिंग मार्गों का इस्तेमाल करते हुए यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंचना संभव होगा। इसके बाद नए लिंक कॉरिडोर के जरिए गंगा एक्सप्रेसवे और भविष्य में उसके हरिद्वार विस्तार से कनेक्टिविटी मिलने की परिकल्पना है। दावा है कि पूरा नेटवर्क चालू होने के बाद जयपुर से हरिद्वार की यात्रा लगभग 6 घंटे में पूरी हो सकती है। वास्तविक समय सड़क की उपलब्धता, यातायात और मार्ग की अंतिम संरचना पर निर्भर करेगा।

आगरा से हरिद्वार का सफर भी हो सकता है छोटा

ताजनगरी आगरा और मथुरा से हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को भी इस नेटवर्क से फायदा मिलने की उम्मीद है। अभी आगरा से हरिद्वार पहुंचने में रास्ते और ट्रैफिक के हिसाब से कई घंटे लगते हैं। प्रस्तावित मार्ग के तहत यात्री यमुना एक्सप्रेसवे से जेवर क्षेत्र पहुंच सकेंगे। वहां से गंगा-यमुना लिंक कॉरिडोर के माध्यम से गंगा एक्सप्रेसवे तक कनेक्टिविटी मिलने की योजना है। इसके बाद हरिद्वार की ओर आगे बढ़ना आसान हो सकता है। इसी आधार पर आगरा से हरिद्वार की यात्रा करीब 4 घंटे में पूरी होने का अनुमान बताया जा रहा है, लेकिन इसे अभी निश्चित यात्रा समय नहीं माना जाना चाहिए।

लखनऊ के यात्रियों को कैसे मिलेगा फायदा?

विदित है कि लखनऊ से आने वाले यात्रियों को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के जरिए आगरा पहुंचना होगा। वहां से यमुना एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित लिंक कॉरिडोर के जरिए आगे का रास्ता बन सकता है। इस तरह राजधानी लखनऊ को भी उत्तराखंड की ओर जाने वाले बड़े सड़क नेटवर्क से अप्रत्यक्ष रूप से बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है।

पांच राज्यों और NCR को मिल सकता है लाभ

इस नेटवर्क से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हरियाणा के अलावा दिल्ली-NCR के यात्रियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटन, व्यापार और माल ढुलाई को गति मिल सकती है। हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले यात्रियों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सकते हैं।

फिलहाल इस नेटवर्क की सबसे बड़ी खासियत बेहतर कनेक्टिविटी की संभावना है। हालांकि, जयपुर से 6 घंटे और आगरा से 4 घंटे में हरिद्वार पहुंचने के दावों को अंतिम समय-सारणी नहीं समझना चाहिए। प्रस्तावित लिंक कॉरिडोर और हरिद्वार विस्तार के निर्माण तथा चालू होने के बाद ही यात्रा समय की वास्तविक तस्वीर साफ होगी।

पांच राज्यों के नाम स्पष्ट करेंरूट को चरणों में क्रमबद्ध करेंदोहराव घटाकर लेख छोटा करें

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