लखनऊ: उत्तर प्रदेश समेत देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए आने वाले दिन बेहद अहम हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है। इससे बैंक शाखाओं में होने वाले कई जरूरी काम प्रभावित हो सकते हैं। लगातार छुट्टियों और हड़ताल के कारण ग्राहकों को परेशानी न हो, इसलिए रविवार 27 सितंबर को बैंक शाखाएं खोलकर कामकाज करने की व्यवस्था की गई है। ऐसे में जिन लोगों को बैंक में जमा-निकासी, चेक, केवाईसी, लोन या दूसरे जरूरी काम कराने हैं, उनके लिए रविवार का दिन महत्वपूर्ण हो सकता है।
हड़ताल से कौन-कौन से काम होंगे प्रभावित?
आपको बता दें कि 28 से 30 सितंबर के दौरान बैंक शाखाओं में नियमित सेवाएं प्रभावित रहने की संभावना है। ग्राहकों को कैश जमा करने और निकालने, नया बैंक खाता खुलवाने, ई-केवाईसी, ऋण से जुड़े काम, चेक और डिमांड ड्राफ्ट जैसे कार्यों के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। बिल भुगतान और अन्य शाखा आधारित सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के जरिए कई काम सामान्य रूप से किए जा सकेंगे।
यूपी में हजारों करोड़ के लेनदेन पर असर का अनुमान
गौरतलब है कि बैंक यूनियनों के अनुसार हड़ताल का असर बड़े पैमाने पर बैंकिंग कारोबार पर पड़ सकता है। यूनियन पदाधिकारियों ने अनुमान जताया है कि उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन करीब 30 हजार करोड़ रुपये के लेनदेन प्रभावित हो सकते हैं। तीन दिनों में यह आंकड़ा करीब 7,500 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान बताया गया है। लखनऊ में रोजाना करीब 2,500 करोड़ रुपये के लेनदेन प्रभावित होने की बात भी यूनियन की ओर से कही गई है। ये आंकड़े अनुमान हैं और वास्तविक प्रभाव बैंकिंग गतिविधियों पर निर्भर करेगा।
UPI और ATM से मिलेगी राहत, लेकिन पूरी तरह निर्भर रहना आसान नहीं
हड़ताल के दौरान ग्राहकों के लिए UPI, ATM, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसे डिजिटल विकल्प उपलब्ध रहेंगे। SBI समेत कुछ बैंकों ने ग्राहकों को जरूरी लेनदेन पहले निपटाने और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। हालांकि, ATM से नकदी निकालने के लिए बैंक और कार्ड की निर्धारित सीमाएं लागू रहेंगी। साथ ही किसी इलाके में ATM में पर्याप्त कैश उपलब्ध रहेगा या नहीं, यह अलग-अलग परिस्थितियों पर निर्भर कर सकता है।
रविवार को क्यों खोले जा रहे हैं बैंक?
विदित है कि 26 सितंबर को चौथा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार होने के कारण सामान्य स्थिति में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहतीं। इसके बाद तीन दिन की हड़ताल होने से लगातार कई दिनों तक शाखाओं का कामकाज बाधित होने की स्थिति बन रही थी। ग्राहकों की सुविधा को देखते हुए 27 सितंबर को बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज की अनुमति दी गई है। कई बैंक अपने खाताधारकों को मैसेज भेजकर इसकी जानकारी भी दे रहे हैं।
क्यों हो रही है बैंक कर्मचारियों की हड़ताल?
बैंक यूनियनों का प्रमुख मुद्दा पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है। यूनियनों का कहना है कि पांच दिन बैंकिंग को लेकर पहले सहमति बनने के बावजूद इसका अंतिम क्रियान्वयन लंबित है। इसके अलावा कर्मचारी परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) से जुड़े बदलावों को लेकर भी आपत्ति जता रहे हैं। यूनियनों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो आगे आंदोलन को और बढ़ाया जा सकता है।
ग्राहकों के लिए सबसे जरूरी सलाह
अगर आपको बैंक शाखा जाकर कोई जरूरी काम कराना है, तो 27 सितंबर को ही निपटाने की कोशिश करें। पर्याप्त नकदी की जरूरत हो तो पहले से व्यवस्था रखें और डिजिटल भुगतान के लिए UPI तथा मोबाइल बैंकिंग सक्रिय रखें।
बैंक हड़ताल की अवधि में शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जबकि डिजिटल सेवाएं उपलब्ध रहने की संभावना है।