नई दिल्ली: अगर आप रेहड़ी-पटरी लगाकर सामान बेचते हैं या छोटा-मोटा कारोबार करते हैं, तो केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना आपके लिए बेहद काम की साबित हो सकती है। इस योजना के तहत पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को कारोबार बढ़ाने के लिए लोन के साथ अब UPI से लिंक होने वाले RuPay क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी मिलती है। इसकी अधिकतम क्रेडिट लिमिट ₹30,000 तक हो सकती है। सबसे खास बात यह है कि कार्ड पर 20 से 50 दिन तक ब्याज-मुक्त अवधि मिल सकती है। हालांकि यह अवधि कार्ड जारी करने वाली संस्था की शर्तों और नीति पर निर्भर करेगी।
शुरुआत में मिलेगी ₹10 हजार की लिमिट
आपको बता दें कि योजना के तहत मिलने वाले क्रेडिट कार्ड की अधिकतम सीमा ₹30,000 तक रखी गई है। लेकिन शुरुआत में इसकी ऑपरेटिंग लिमिट ₹10,000 होगी। कार्ड का सही तरीके से इस्तेमाल करने और समय पर भुगतान करने पर क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर लिमिट को धीरे-धीरे बढ़ाकर ₹30,000 तक किया जा सकता है। यानी छोटे दुकानदार या रेहड़ी-पटरी वाले कारोबार के लिए जरूरत के हिसाब से छोटी रकम से शुरुआत कर सकते हैं और अच्छे भुगतान रिकॉर्ड के साथ ज्यादा क्रेडिट का लाभ उठा सकते हैं।
UPI से भी कर सकेंगे भुगतान
गौरतलब है कि इस क्रेडिट कार्ड की एक अहम सुविधा इसे UPI ID से लिंक करने की है। इसके बाद पात्र कार्डधारक उपलब्ध क्रेडिट लिमिट का इस्तेमाल UPI के जरिए भुगतान करने में कर सकते हैं। इससे कारोबारियों के लिए डिजिटल भुगतान और रोजमर्रा के व्यापारिक खर्चों को संभालना आसान हो सकता है।
50 दिन तक ब्याज से राहत कैसे मिलेगी?
कार्ड में इंटरेस्ट-फ्री क्रेडिट पीरियड की सुविधा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह अवधि 20 से 50 दिन तक हो सकती है। यदि इस अवधि के भीतर बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाता है, तो उस अवधि के लिए ब्याज से राहत मिल सकती है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि हर कार्ड पर 50 दिन की निश्चित ब्याज-मुक्त अवधि नहीं होगी। वास्तविक अवधि कार्ड जारी करने वाले बैंक या संस्था की शर्तों पर निर्भर करेगी।
ऑटो-पे से अपने आप कट सकता है बिल
विदित है कि कार्डधारकों को भुगतान आसान बनाने के लिए ECS, NACH और ऑटो-पे जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इसके जरिए तय तारीख पर कार्ड का देय भुगतान बैंक खाते से अपने आप किया जा सकता है। कार्ड की वैधता जारी होने की तारीख से पांच साल तक बताई गई है।
पहले लोन, फिर बढ़ता है भरोसा
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत जून 2020 में कोरोना महामारी के दौरान छोटे कारोबारियों और स्ट्रीट वेंडर्स की मदद के लिए की गई थी। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को कारोबार के लिए अलग-अलग चरणों में ₹15,000, ₹25,000 और ₹50,000 तक की ऋण सुविधा मिलती है। समय पर भुगतान करने वाले लाभार्थियों को आगे की वित्तीय सुविधाओं में बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
कौन उठा सकता है फायदा?
इस योजना का लक्ष्य ऐसे स्ट्रीट वेंडर्स हैं जो सड़क, फुटपाथ या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सामान या सेवाएं देते हैं। इनमें सब्जी-फल बेचने वाले, स्ट्रीट फूड विक्रेता, नाई, मोची, कपड़े धोने वाले और दूसरे छोटे कारोबारी शामिल हो सकते हैं। सरकार ने योजना को आगे भी जारी रखने का फैसला किया है और इसकी ऋण अवधि मार्च 2030 तक बढ़ाई गई है।
हालांकि ध्यान रखें कि यह कोई ऐसा कार्ड नहीं है जिसमें हर व्यक्ति को सीधे ₹30,000 मुफ्त मिलेंगे। यह एक क्रेडिट सुविधा है, जिसे पात्रता और संबंधित बैंक/संस्था की शर्तों के अनुसार इस्तेमाल करना होगा। समय पर भुगतान करना बेहद जरूरी है, वरना ब्याज और अन्य शुल्क लागू हो सकते हैं।