लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जमीन और मकान की रजिस्ट्री कराने वालों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। रजिस्ट्री ऑफिसों में लंबी लाइन, दलालों का दखल और प्रक्रिया की जटिलता से परेशान लोगों को अब जल्द राहत मिल सकती है। योगी सरकार रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा बदलाव करने जा रही है। सरकार की योजना है कि प्रदेश के प्रमुख शहरों में पासपोर्ट कार्यालय की तर्ज पर ‘फ्रंट ऑफिस सिस्टम’ शुरू किया जाए, जहां विशेषज्ञों की टीम लोगों को रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया में मदद करेगी।
क्या है सरकार की नई तैयारी?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत हर चयनित रजिस्ट्री कार्यालय में एक फ्रंट ऑफिस बनाया जाएगा। प्रत्येक फ्रंट ऑफिस में 4 प्रशिक्षित विशेषज्ञ तैनात होंगे। ये विशेषज्ञ आम लोगों को शुरुआत से अंत तक पूरी सहायता देंगे। यानी अब रजिस्ट्री कराने वाले व्यक्ति को अलग-अलग काउंटर या एजेंट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
फ्रंट ऑफिस में क्या-क्या मदद मिलेगी?
गौरतलब है कि यह विशेषज्ञ टीम रजिस्ट्री से जुड़ी हर प्रक्रिया में सहायता करेगी। यह दस्तावेजों की जांच, स्टांप शुल्क संबंधी जानकारी, स्टांप व्यवस्था में मदद, आवेदन/फॉर्म भरने में सहायता, रजिस्ट्री प्रक्रिया की चरणबद्ध जानकारी सहित तकनीकी/ऑनलाइन समस्याओं का समाधान में मदद करेगी। सरकार का लक्ष्य है कि रजिस्ट्री प्रक्रिया को दलाल-मुक्त, पारदर्शी और नागरिक अनुकूल बनाया जाए।
किन शहरों में पहले शुरू होगी सुविधा?
पहले चरण में यह सुविधा प्रदेश के बड़े शहरों में शुरू की जाएगी, जिनमें लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, आगरा, बरेली, झांसी और गोरखपुर शामिल हैं। सफलता के बाद अन्य जिलों तक विस्तार होगा।
क्यों जरूरी पड़ा यह बदलाव?
आपको बता दें कि जमीन-मकान रजिस्ट्री को लेकर लंबे समय से शिकायतें आती रही हैं। प्रक्रिया जटिल होना, दस्तावेजी भ्रम, स्टांप शुल्क समझने में कठिनाई, दलालों पर निर्भरता और अनावश्यक देरी के कारण बदलाव लाना पड़ा। सरकार का मानना है कि फ्रंट ऑफिस सिस्टम इन समस्याओं को काफी हद तक खत्म करेगा।
कैबिनेट से जल्द मंजूरी संभव
सूत्रों के मुताबिक इस योजना का प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट के सामने लाया जा सकता है। मंजूरी मिलते ही चयनित शहरों में इसका क्रियान्वयन शुरू हो जाएगा।
किसानों के लिए भी बड़ा अभियान: बन रही Farmer Registry
इसी के साथ सरकार किसानों के लिए भी बड़ा डिजिटल अभियान चला रही है। 15 अप्रैल तक विशेष पंजीकरण अभियान चलेगा। ग्राम पंचायतों में कैंप लगाए जा रहे हैं। किसानों की Farmer Registry बनाई जा रही है। इससे किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे मिलेगा
इससे क्या फायदा होगा?
•पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ आसान
•कृषि योजनाओं में पारदर्शिता
•डिजिटल रिकॉर्ड तैयार
•त्रुटियों का मौके पर समाधान
योगी सरकार अब सरकारी सेवाओं को “लाइन और दलाल” से निकालकर “सिस्टम और सुविधा” की ओर ले जाने की कोशिश कर रही है। अगर यह योजना लागू होती है तो जमीन-मकान रजिस्ट्री का अनुभव पूरी तरह बदल सकता है। अब रजिस्ट्री ऑफिस में भागदौड़ नहीं, फ्रंट ऑफिस पर पूरी मदद मिलेगी। यूपी में संपत्ति रजिस्ट्री का सिस्टम हाईटेक होने जा रहा है।