नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण दुनिया में तेल की करीब 20 फीसदी सप्लाई बाधित हुई है। लेकिन सबसे ज्यादा किल्लत एलपीजी की हो रही है। पिछले कुछ दिनों से देश में एलपीजी सिलेंडर को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। लोगों को गैस के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? क्या आप जानते हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा एलपीजी का उत्पादन किस देश में होता है? और भारत इस मामले में कहां खड़ा है?
दुनिया में सबसे ज्यादा LPG कहां बनता है?
गौरतलब है कि दुनिया में एलपीजी का सबसे बड़ा उत्पादक देश अमेरिका है। दूर-दूर तक कोई देश अमेरिका के साथ मुकाबले में नहीं है। अमेरिका हर साल करीब 84 मिलियन टन एलपीजी का उत्पादन करता है, जो कुल वैश्विक उत्पादन का 26% है। एलपीजी प्रोपेन और ब्यूटेन जैसी हाइड्रोकार्बन गैसों का मिश्रण होती है। इसे दो तरीकों से बनाया जाता है:
नेचुरल गैस प्रोसेसिंग: जब नेचुरल गैस निकाली जाती है तो इस प्रोसेस के दौरान प्रोपेन और ब्यूटेन को अलग कर दिया जाता है।
रिफाइनिंग प्रोसेस: जब कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल में रिफाइन किया जाता है तो एलपीजी बाय-प्रोडक्ट के रूप में निकलती है।
टॉप LPG उत्पादक देश:
आपको बता दें कि अमेरिका 84 मिलियन टन यानि विश्व 26% अकेले उत्पादन करता है। फिर चीन- 32 मिलियन टन और सऊदी अरब- 26 मिलियन टन का नंबर आता है। इसके बाद रूस, कनाडा, ईरान, UAE, कतर, कुवैत, मैक्सीको जैसे देश विश्व के टॉप 10 LPG उत्पादकों में शामिल हैं। लेकिन इस लिस्ट में भारत का नाम दूर-दूर तक नहीं है।
भारत का हाल: खुद बनाते कम, आयात पर निर्भर ज्यादा
भारत एलपीजी के बड़े उपभोक्ताओं में शामिल है, लेकिन अपनी जरूरत की ज्यादातर एलपीजी आयात करता है। घरेलू स्तर पर रिफाइनरीज और गैस प्रोसेसिंग प्लांट्स एलपीजी का उत्पादन करते हैं, लेकिन यह हमारी मांग को पूरा करने के लिए काफी नहीं है। अच्छी बात यह है कि ईरान युद्ध शुरू होने के बाद देश में एलपीजी के उत्पादन में 36 फीसदी की तेजी आई है, लेकिन कुल उपलब्धता अब भी चिंताजनक है।
भारत में LPG से PNG में शिफ्ट होने की अपील
आपको बता दें कि सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल करने वालों से बड़ी अपील की है। उसने कहा है कि जहां भी मुमकिन हो, वे पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) पर शिफ्ट हो जाएं। पेट्रोलियम मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया, "पिछले कुछ दिनों से इस कदम पर चर्चा जारी है। अधिकारी पूरे देश में ईंधन की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करना चाहते हैं।"
31 मार्च तक शिफ्ट करने वालों को खास फायदा
गौरतलब है कि सरकार गैस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों के साथ मिलकर PNG को बढ़ावा दे रही है। कंपनियों ने नए कस्टमर्स जोड़ने के लिए कई इंसेंटिव का ऐलान किया है। इन कम्पनियों के ऑफर निम्नलिखित हैं।।
•इंद्रप्रस्थ गैस (IGL) 31 मार्च से पहले कनेक्शन लेने पर 500 रुपये की मुफ्त गैस
•महानगर गैस (MGL) डोमेस्टिक PNG के 500 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस माफ, कमर्शियल की सिक्योरिटी डिपॉजिट हटाई
•गेल गैस घरेलू ग्राहकों के लिए 500 रुपये की मुफ्त गैस
•BPCL सभी कमर्शियल कनेक्शनों की सिक्योरिटी डिपॉजिट माफ
कैसे लें PNG कनेक्शन?
ग्राहक संबंधित सीजीडी कंपनियों के माध्यम से पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं:
ईमेल
ग्राहक पोर्टल
पत्रों या कॉल सेंटरों के जरिए
कंपनियों से कहा गया है कि वे संभावित ग्राहकों तक सक्रिय रूप से पहुंचें।
PNG के फायदे:
एलपीजी के मुकाबले ज्यादा साफ-सुथरा ईंधन
सप्लाई सीधे पाइपलाइन के जरिए
सिलेंडरों की डिलीवरी और स्टोरेज की जरूरत खत्म
सस्ता और सुरक्षित विकल्प
दुनिया में एलपीजी उत्पादन में अमेरिका का दबदबा है। 26% वैश्विक उत्पादन अकेले अमेरिका करता है, जबकि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर हिस्सा आयात पर निर्भर है। ईरान युद्ध के कारण पैदा हुए संकट ने भारत में एलपीजी की किल्लत को और बढ़ा दिया है। ऐसे में सरकार लोगों को PNG पर शिफ्ट होने के लिए इंसेंटिव दे रही है। 31 मार्च तक का ऑफर है, जिसमें 500 रुपये की मुफ्त गैस और सिक्योरिटी डिपॉजिट माफ जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। अगर आप एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से परेशान हैं, तो यह सही समय है PNG अपनाने का।