हरियाणा: आर्थिक मोर्चे पर हरियाणा ने बड़ा धमाका कर दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य ने SGST (State GST) संग्रह में 22% की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज कर देशभर में पहला स्थान हासिल कर लिया है। जहां राष्ट्रीय औसत महज 6% रहा, वहीं हरियाणा ने इसे पीछे छोड़ते हुए सबसे तेज़ रफ्तार से टैक्स ग्रोथ दिखाकर नया रिकॉर्ड बना दिया।
रिकॉर्ड कलेक्शन; 48,289 करोड़ पहुंचा SGST
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हरियाणा का कुल SGST कलेक्शन ₹48,289 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल से यह बढ़ोतरी ₹8,546 करोड़ ज्यादा रही है। यह बढ़त सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि राज्य की मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत मानी जा रही है। इससे हरियाणा का नाम पूरे देश में अव्वल आ गया है।
रैंकिंग में जबरदस्त छलांग
गौरतलब है कि पहले हरियाणा SGST कलेक्शन में 9वें स्थान पर था। अब सीधे 6वें स्थान पर पहुंच गया। इस दौरान तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और राजस्थान जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया। इससे हरियाणा ही नहीं पूरे देश के नागरिक गर्व करेंगे।
टैक्सपेयर्स भी बढ़े, सिस्टम हुआ मजबूत
विदित है कि 1 अप्रैल 2026 तक 6,30,818 रजिस्टर्ड टैक्सपेयर हैं। यानी 12% की बढ़ोतरी हुई है। इससे साफ है कि टैक्स बेस लगातार मजबूत हो रहा है।
क्यों मिली इतनी बड़ी सफलता?
आपको बता दें कि सरकार के मुताबिक इस रिकॉर्ड के पीछे कई बड़े कारण हैं -
यानी सिस्टम भी मजबूत हुआ और राजस्व भी तेजी से बढ़ा है।
सरकार का फोकस; अब और सख्ती
विदित है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सरकार अब टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन को और मजबूत करेगी। टैक्सपेयर्स और विभाग के बीच तालमेल बढ़ाएगी। टैक्स चोरी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करेगी।
हरियाणा की यह उपलब्धि सिर्फ राज्य के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक संकेत है। सही नीति व सख्त निगरानी से बड़ा राजस्व प्राप्त होगा। बड़ा सवाल अब यह hai कि क्या बाकी राज्य भी हरियाणा के इस मॉडल को अपनाएंगे? या फिर यह बढ़त लंबे समय तक हरियाणा के नाम ही रहेगी।