वेनेजुएला/कराकश : दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। बुधवार शाम कुछ ही सेकेंड के अंतराल में धरती दो बार कांपी। पहले 7.2 तीव्रता और फिर 7.5 तीव्रता के जोरदार झटकों से राजधानी कराकस समेत कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए घरों और इमारतों से बाहर भागते नजर आए।
एक मिनट में दो झटकों से मची तबाही
जानकारी के मुताबिक पहला भूकंप आने के कुछ ही सेकेंड बाद दूसरा और ज्यादा शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। दोनों भूकंपों का केंद्र कराकस से पश्चिम दिशा में बताया गया है। तेज झटकों की वजह से कई इमारतें गिर गईं, जबकि कई भवनों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गईं। एयरपोर्ट की छत का हिस्सा टूटने से वहां भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
शुरुआती आंकड़ों के अनुसार दर्जनों लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका के चलते राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक एजेंसी United States Geological Survey ने बड़े नुकसान और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है। कुछ संस्थान ने 10,000 से लेकर 1 लाख मौत तक की आशंका व्यक्त की है।
126 साल के सबसे बड़े झटकों में शामिल, आपातकाल लागू
आपको बता दें कि इस भीषण आपदा के बाद देश में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत टीमों को तैनात किया है और लोगों से कमजोर इमारतों से दूर रहने की अपील की है। भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक भी महसूस किए गए हैं, जिससे खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।
बिजली गुल, मेट्रो और ट्रेन सेवाएं प्रभावित
गौरतलब है कि भूकंप के बाद कराकस के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सुरक्षा को देखते हुए कई जगह परिवहन सेवाओं को रोका गया। पानी की पाइपलाइन और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन जरूरी सेवाओं को बहाल करने में जुटा हुआ है।
वेनेजुएला में क्यों आते हैं इतने तेज भूकंप?
वेनेजुएला भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में आता है। यहां कैरेबियन प्लेट और दक्षिण अमेरिकी प्लेट के बीच लगातार हलचल होती रहती है। जब प्लेटों में जमा ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है तो धरती तेज झटकों के साथ कांपने लगती है और भूकंप आता है।
7.5 तीव्रता का भूकंप इतना खतरनाक क्यों?
विदित है कि भूकंप की तीव्रता बढ़ने के साथ उसकी ऊर्जा कई गुना बढ़ जाती है। 7 से ऊपर की तीव्रता वाले भूकंप को बेहद शक्तिशाली माना जाता है। 7.5 तीव्रता का भूकंप 6.5 तीव्रता के भूकंप से 32 गुना ज्यादा ताकतवर होता है। ऐसे झटके बड़ी इमारतों, पुलों और सड़कों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके बाद आने वाले आफ्टरशॉक पहले से कमजोर हो चुकी इमारतों के लिए और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं।
भारत सहित विश्व ने बढ़ाया मदद का हाथ
भारी तबाही के बाद भारतीय PM मोदी समेत कई देशों ने वेनेजुएला के लोगों के प्रति संवेदना जताई है। और मदद करने का आश्वासन दिया है। राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने और घायलों तक मदद पहुंचाने में जुटी हुई हैं।