लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग; कई छात्रों की दर्दनाक मौत!: बाथरूम में हुए बंद फिर भी नहीं बची जान, कई छात्रों ने छत से कूदकर बचाई जान, शवों को देख रो पड़े डिप्टी CM, वहीं PM-CM ने...पूरा मामला_एक नज़र
लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग; कई छात्रों की दर्दनाक मौत!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार दोपहर हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। अलीगंज इलाके की एक बहुमंजिला इमारत में अचानक आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर युवा छात्र बताए जा रहे हैं। उनमें 3 महिलाएं और 12 पुरुष हैं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और राहत-बचाव टीमों ने घंटों तक रेस्क्यू अभियान चलाया।

कोचिंग सेंटर तक पहुंची आग, अंदर फंस गए छात्र

जानकारी के अनुसार जिस इमारत में आग लगी, उसमें कई व्यावसायिक गतिविधियों के साथ ऊपरी मंजिल पर कोचिंग और अन्य संस्थान संचालित हो रहे थे। आग तेजी से फैलने के कारण कई छात्र बाहर नहीं निकल पाए। बताया जा रहा है कि कुछ छात्रों ने जान बचाने के लिए खुद को बाथरूम में बंद कर लिया, लेकिन धुएं और दम घुटने के कारण उनकी जान चली गई।

कुछ ने कूदकर बचाई जान

आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी। इस दौरान कुछ लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी फैल गई।

शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका

फिलहाल आग लगने की सही वजह जांच के बाद सामने आएगी, लेकिन शुरुआती तौर पर एसी में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। SDRF और NDRF की टीमों ने भी बचाव अभियान में हिस्सा लिया।

रेस्क्यू के दौरान भावुक हुए डिप्टी सीएम:

घटनास्थल पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक हादसे का मंजर देखकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि अपनी आंखों के सामने युवाओं के शव निकलते देखना बेहद दुखद था। प्रशासन ने घायलों के बेहतर इलाज और पीड़ित परिवारों की सहायता के निर्देश दिए हैं।

पीएम मोदी और सीएम योगी ने जताया दुख:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के लिए सहायता राशि की घोषणा की है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य तेज करने और घटना की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।

जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी:

प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि इमारत में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। आग बुझाने की व्यवस्था, निकासी मार्ग और अन्य नियमों की जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। 

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सार्वजनिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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