दिल्ली में 25 अक्टूबर को लोक अदालत: पुराने चालान होंगे माफ़, लेकिन इन मामलों का नहीं होगा निपटारा...जानें किन 7 जगहों पर लगेगी लोक अदालत और क्या हैं पूरी प्रक्रिया_एक नजर
दिल्ली में 25 अक्टूबर को लोक अदालत

नई दिल्ली: अगर आपकी गाड़ी का ट्रैफिक चालान लंबे समय से लंबित है और आप उसका निपटारा कराना चाहते हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है। दिल्ली में 25 अक्टूबर 2026 को नेशनल लोक अदालत आयोजित करने की घोषणा की गई है। इसमें पात्र पुराने ट्रैफिक चालानों के मामलों का निपटारा कराया जा सकेगा। यह आयोजन दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DSLSA) और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था के तहत किया जाना है। हालांकि, चालान माफ होना या उसकी राशि कम होना हर मामले में तय नहीं है। इसका फैसला चालान की प्रकृति, लागू नियमों और संबंधित लोक अदालत की प्रक्रिया के अनुसार होगा।

7 अदालत परिसरों में होगा चालानों का निपटारा

आपको बता दें कि दिल्ली के सात प्रमुख जिला न्यायालय परिसरों में लोक अदालत की बेंच लगाए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें तीस हजारी, पटियाला हाउस, साकेत, रोहिणी, द्वारका, कड़कड़डूमा और राऊज एवेन्यू कोर्ट शामिल हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुनवाई सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक होनी है। वाहन मालिक अपने पात्र लंबित चालानों के निपटारे के लिए संबंधित अदालत परिसर में जा सकेंगे। जाने से पहले अपने टोकन पर लिखे कोर्ट नंबर और अन्य विवरण जरूर जांच लें।

किन चालानों का हो सकेगा निपटारा?

गौरतलब है कि दी गई जानकारी के मुताबिक, 30 जून 2026 तक जारी किए गए पात्र ट्रैफिक चालानों को इस लोक अदालत में निपटारे के लिए शामिल किया जाना है। एक वाहन मालिक अधिकतम सात चालानों का निपटारा करा सकेगा। यहां ध्यान देना जरूरी है कि हर तरह का चालान लोक अदालत में निपटारे के योग्य नहीं होता। इसलिए अपने चालान की पात्रता पहले जांच लें। लोक अदालत में मामला रखे जाने का अर्थ यह भी नहीं है कि चालान की पूरी राशि अपने आप माफ हो जाएगी।

19 अक्टूबर से टोकन बुकिंग की प्रक्रिया

लोक अदालत में भीड़ नियंत्रित करने के लिए ऑनलाइन टोकन या अपॉइंटमेंट की व्यवस्था बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 से चालान डाउनलोड करने और स्लॉट बुक करने की प्रक्रिया शुरू होनी है। वाहन मालिकों को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक लोक अदालत पोर्टल पर जाकर अपने वाहन और चालान से संबंधित जानकारी भरनी होगी। स्लॉट मिलने पर टोकन डाउनलोड करके उसका प्रिंटआउट निकाल लें। इस पर्ची पर आवंटित अदालत और सुनवाई से जुड़ी जानकारी हो सकती है। बिना टोकन पहुंचे तो परेशानी हो सकती है, इसलिए अदालत जाने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर जारी निर्देशों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है। टोकन की उपलब्धता और बुकिंग की समयसीमा की पुष्टि भी वहीं से करें।

कोर्ट जाते समय साथ रखें ये दस्तावेज

विदित है कि लोक अदालत में सुनवाई के दौरान जरूरी कागजात साथ रखना बेहतर रहेगा। इनमें शामिल हैं:

  • ऑनलाइन डाउनलोड किया गया टोकन या अपॉइंटमेंट स्लिप

  • ट्रैफिक चालान या नोटिस की कॉपी

  • वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)

  • ड्राइविंग लाइसेंस

  • प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC)

  • आधार कार्ड या अन्य सरकारी पहचान पत्र

किन मामलों का नहीं होगा निपटारा?

लोक अदालत में सिर्फ छोटे ट्रैफिक उल्लंघन ही शामिल होंगे जैसे सीट बेल्ट और हेलमेट नहीं पहनना, रेड लाइट जंप, गलत पार्किंग, ओवरस्पीडिंग। लेकिन हिट एंड रन, शराब पीकर गाड़ी चलाना और गंभीर एक्सीडेंट जैसे केस मामले शामिल नहीं होंगे।

माफी वाले दावे को सावधानी से लिखेंअंत में प्रक्रिया का स्पष्ट सार जोड़ें

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