10 जून; 62 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ भारतीय राजनीति में नया इतिहास रचेंगे पीएम मोदी!: बनेंगे ऐसा करने वाले पहले PM, वही इंदिरा गांधी...तत्कालीन स्थिति और वर्तमान परिस्थिति_एक नज़र
10 जून; 62 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ भारतीय राजनीति में नया इतिहास रचेंगे पीएम मोदी!

नई दिल्ली : भारतीय राजनीति में 10 जून 2026 की तारीख एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के लगातार सबसे लंबे प्रधानमंत्री कार्यकाल के 62 साल पुराने रिकॉर्ड को पार करने जा रहे हैं। इस उपलब्धि के साथ मोदी लगातार सबसे अधिक दिनों तक प्रधानमंत्री पद संभालने वाले नेता बन जाएंगे।
नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। 10 जून 2026 को उनके कार्यकाल के कुल 4399 दिन पूरे हो जाएंगे। वहीं, पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 13 मई 1952 से 27 मई 1964 तक लगातार 4398 दिनों तक प्रधानमंत्री पद संभाला था। ऐसे में मोदी एक दिन के अंतर से यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे।

नेहरू के बाद लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करने वाले नेता

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में अपनी पार्टी के नेतृत्व में लगातार तीन बार सरकार बनाई। इसके साथ ही वह पंडित नेहरू के बाद ऐसे प्रधानमंत्री बने जिन्होंने लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीतकर सत्ता में वापसी की। साथ ही वह लगातार दो बार पूर्ण बहुमत वाली सरकार चलाने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी बने।

इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड पहले ही पीछे छोड़ चुके मोदी

विदित है कि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लगातार कार्यकाल का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ चुके हैं। इंदिरा गांधी ने 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977 तक लगातार 4077 दिन प्रधानमंत्री पद संभाला था। पीएम मोदी जुलाई 2025 में ही इस आंकड़े को पार कर चुके थे।

दो अलग दौर, दो अलग चुनौतियां

आपको बता दें कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिल्कुल अलग-अलग समय और परिस्थितियों में देश का नेतृत्व किया। जब नेहरू प्रधानमंत्री बने थे, तब भारत आजादी के शुरुआती दौर में था और देश की आबादी करीब 34 करोड़ थी। वहीं 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तब भारत की आबादी 130 करोड़ से ज्यादा हो चुकी थी। आज देश की आबादी 140 करोड़ से ऊपर पहुंच चुकी है। ऐसे में शासन व्यवस्था, विकास योजनाओं और नीतियों का पैमाना कई गुना बड़ा हो गया है।

चुनावी राजनीति भी पूरी तरह बदल चुकी

आपको बता दें कि पहले आम चुनाव 1951-52 में देश में करीब 17 करोड़ मतदाता थे। उस समय राजनीतिक दलों की संख्या भी सीमित थी। वहीं आधुनिक भारत में मतदाताओं की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है और राष्ट्रीय राजनीति में क्षेत्रीय दलों की भूमिका भी काफी मजबूत हुई है। बढ़ती आबादी, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और बदलती अर्थव्यवस्था के बीच सरकार चलाना पहले के मुकाबले कहीं अधिक जटिल माना जाता है।

सामाजिक प्रतिनिधित्व पर भी चर्चा

विदित है कि दोनों प्रधानमंत्रियों के दौर की तुलना सामाजिक प्रतिनिधित्व के आधार पर भी की जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मौजूदा मंत्रिपरिषद में पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय से आने वाले नेताओं की बड़ी भागीदारी है। इसके अलावा संसद में महिलाओं की भागीदारी भी शुरुआती दशकों की तुलना में बढ़ी है।

भारतीय राजनीति में नया रिकॉर्ड

करीब 12 वर्षों से लगातार प्रधानमंत्री पद संभाल रहे नरेंद्र मोदी के नाम अब भारतीय लोकतंत्र का एक नया रिकॉर्ड दर्ज होने जा रहा है।

10 जून को वह लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने के मामले में पंडित नेहरू के रिकॉर्ड से आगे निकल जाएंगे और भारतीय राजनीति के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा।

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