नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में गर्मी अब सिर्फ दिन की परेशानी नहीं रह गई है, बल्कि रातें भी लोगों के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) की नई रिपोर्ट ने दिल्ली की बदलती जलवायु और बढ़ते तापमान को लेकर गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली धीरे-धीरे रात में खुद को ठंडा करने की प्राकृतिक क्षमता खो रही है। दिनभर की गर्मी अब रात होते ही खत्म नहीं हो रही, बल्कि कंक्रीट की इमारतें, सड़कें और शहरी ढांचा गर्मी को अपने अंदर रोककर रख रहे हैं। इसका असर यह हो रहा है कि रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।
14 साल की सबसे गर्म रात ने बढ़ाई चिंता
आपको बता दें कि दिल्ली में 25 मई 2026 की रात पिछले कई वर्षों की सबसे गर्म रातों में शामिल रही। विशेषज्ञ इसे सिर्फ मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ते शहरी गर्मी संकट का संकेत मान रहे हैं। शहरों में लगातार बढ़ता कंक्रीट, कम होती हरियाली और बदलता निर्माण तरीका तापमान को और ज्यादा बढ़ा रहा है।
क्यों ठंडी नहीं हो पा रही दिल्ली की रातें?
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली की कई आधुनिक इमारतों और कॉलोनियों का डिजाइन गर्मी को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया है। कई जगह—
प्राकृतिक हवा का रास्ता कम है
छाया की व्यवस्था घट रही है
कंक्रीट और डामर बढ़ रहा है
हरियाली कम हो रही है
दिन में ये इमारतें और सड़कें सूरज की गर्मी को सोख लेती हैं और रात में धीरे-धीरे छोड़ती रहती हैं। इसी वजह से शहर रात में भी गर्म बना रहता है।
दिन और रात के तापमान का अंतर घटा, वैज्ञानिकों की बढ़ी चिंता
विदित है कि पहले दिल्ली में दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिलता था। रात होते ही शहर काफी हद तक ठंडा हो जाता था। लेकिन अब यह अंतर लगातार कम हो रहा है। इसका मतलब है कि शहर को गर्मी से रिकवर होने का समय नहीं मिल रहा और दिल्ली धीरे-धीरे एक बड़े अर्बन हीट आइलैंड में बदलती जा रही है।
सबसे ज्यादा खतरा गरीब और मजदूर वर्ग
आपको बता दें कि इस बढ़ती गर्मी का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है जिनके पास गर्मी से बचने के पर्याप्त साधन नहीं हैं।
इसमें शामिल हैं—
मजदूर
सड़क किनारे काम करने वाले लोग
रेहड़ी-पटरी वाले
झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवार
बुजुर्ग और बच्चे
AC और बेहतर घरों की सुविधा न होने के कारण ये लोग सीधे गर्मी का सामना करते हैं।
गर्म रातें शरीर को भी पहुंचा सकती हैं नुकसान
विशेषज्ञों के अनुसार रात का समय शरीर के आराम और रिकवरी के लिए जरूरी होता है। लेकिन जब रात में भी तापमान ज्यादा रहता है तो नींद प्रभावित होती है, शरीर को आराम नहीं मिलता, तनाव बढ़ सकता है और स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। लगातार गर्म वातावरण शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
AC से राहत भी और नई परेशानी भी
विदित है कि गर्मी बढ़ने के साथ दिल्ली में AC का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। AC घरों और कमरों को तो ठंडा करता है, लेकिन बाहर गर्म हवा छोड़ता है। बड़ी संख्या में AC चलने से शहर के बाहरी वातावरण में गर्मी और बढ़ सकती है। इसी कारण विशेषज्ञ इसे कूलिंग असमानता की समस्या बता रहे हैं, जहां कुछ लोगों को ठंडक मिलती है लेकिन बाकी लोगों को ज्यादा गर्म माहौल झेलना पड़ता है।
क्या हो सकता है समाधान?
विशेषज्ञों के मुताबिक, शहरों को गर्मी के हिसाब से बदलना जरूरी होगा। इसके लिए जरूरत है—
ज्यादा पेड़ और हरियाली बढ़ाने की
गर्मी रोकने वाली छतों की
बेहतर डिजाइन वाली इमारतों की
सार्वजनिक ठंडी जगहें बनाने की
मजदूरों के लिए गर्मी में सुरक्षित काम व्यवस्था की
गर्मी अब सिर्फ मौसम नहीं, बड़ी चुनौती
दिल्ली में बढ़ती गर्मी यह संकेत दे रही है कि आने वाले वर्षों में शहरों को जलवायु परिवर्तन के हिसाब से तैयार करना होगा। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो तेज गर्मी और गर्म रातें लोगों की जिंदगी और स्वास्थ्य के लिए और बड़ी चुनौती बन सकती हैं।
राजधानी को भविष्य के लिए सुरक्षित रखने के लिए अब सिर्फ AC नहीं, बल्कि बेहतर शहर योजना और प्रकृति के साथ संतुलन की जरूरत है।