AI से ओलम्पिक तक...PM मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर किए 5 बड़े ऐलान!: सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी फ्री, 1 करोड़ लोगों को AI ट्रेनिंग, वहीं 5 से 15 साल के बच्चों को...PM मोदी के भाषण की प्रमुख बातें_एक नज़र
AI से ओलम्पिक तक...PM मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर किए 5 बड़े ऐलान!

नई दिल्ली : 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से देश के सामने विकास और आत्मनिर्भरता का बड़ा रोडमैप रखा। करीब 77 मिनट के संबोधन में युवाओं, शिक्षा, AI, खेल, सेमीकंडक्टर और ऊर्जा सुरक्षा पर खास जोर रहा। सबसे ज्यादा चर्चा एक करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग के ऐलान की रही।

एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि अगले एक साल में कम से कम एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग देने का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। सरकार का जोर युवाओं को भविष्य की तकनीक और बदलते रोजगार बाजार के लिए तैयार करने पर है। AI का इस्तेमाल आज शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, बैंकिंग, रक्षा और कारोबार जैसे लगभग हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में बड़े पैमाने पर युवाओं को AI स्किल देने की पहल को देश की डिजिटल क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी होगी फ्री

गौरतलब है कि UPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए भी प्रधानमंत्री ने बड़ा ऐलान किया। सरकार फ्री ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क तैयार करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि महंगी कोचिंग का खर्च गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर बड़ा बोझ बन गया है। सरकार देश में मौजूद डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और विशेषज्ञ शिक्षकों को जोड़कर ऐसा नेटवर्क तैयार करना चाहती है, जिससे विद्यार्थियों को घर से ही गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन मिल सके। इसका सबसे बड़ा फायदा छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के उन छात्रों को हो सकता है, जिन्हें कोचिंग के लिए दिल्ली, प्रयागराज, कोटा या दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है।

5 से 15 साल के बच्चों की होगी टैलेंट हंट

प्रधानमंत्री ने खेलों में भारत की भागीदारी बढ़ाने के लिए 5 से 15 वर्ष के बच्चों के बीच टैलेंट हंट कराने की बात कही। गांवों और शहरों में प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें खेलों की ट्रेनिंग देने पर जोर रहेगा। इस पहल का एक बड़ा लक्ष्य 2036 के ओलंपिक के लिए कम उम्र में प्रतिभाओं की पहचान करना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को उन खेलों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ानी होगी, जहां अभी देश की भागीदारी सीमित है।

सेमीकंडक्टर में और तेज होगा भारत का कदम

विदित है कि लालकिले से प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर सेक्टर को लेकर भी बड़ा विजन सामने रखा। उन्होंने बताया कि देश में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्रों में उत्पादन शुरू हो चुका है और आने वाले वर्षों में कई और संयंत्र लगाए जाने की उम्मीद है। चिप आज मोबाइल, कंप्यूटर, कार, रक्षा उपकरण और AI जैसी तकनीकों की रीढ़ है। ऐसे में भारत में चिप निर्माण बढ़ने से देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता मजबूत करने और आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है।

‘शक्ति की सप्तधारा’ से विकसित भारत का रोडमैप

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का भी जिक्र किया। इसमें उत्पादन, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, तकनीक और इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर को प्रमुख आधार बताया गया। यानी सरकार की रणनीति केवल IT या AI तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्पादन, कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों को एक साथ मजबूत करने की है।

1.75 करोड़ घरों तक PNG, 50 लाख घर सोलर से रोशन

ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी प्रधानमंत्री ने कई आंकड़े सामने रखे। उन्होंने बताया कि देश में 1.75 करोड़ घरों तक पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पहुंच चुकी है। वहीं 50 लाख से ज्यादा घर सौर ऊर्जा से रोशन हो रहे हैं। उन्होंने रेलवे के विद्युतीकरण और हाइड्रोजन ट्रेन का भी जिक्र किया। सरकार का जोर पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ाने पर है।

2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य

परमाणु ऊर्जा को भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए प्रधानमंत्री ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु बिजली क्षमता का लक्ष्य रखा। साथ ही नए परमाणु रिएक्टरों और घरेलू परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही।

युवाओं से तकनीक तक, बड़ा रोडमैप

स्वतंत्रता दिवस के भाषण में प्रधानमंत्री का फोकस साफ तौर पर युवा शक्ति, AI, रोजगार, तकनीक, खेल और आत्मनिर्भरता पर रहा। एक तरफ एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया, तो दूसरी तरफ प्रतियोगी परीक्षाओं की महंगी कोचिंग का विकल्प फ्री ऑनलाइन व्यवस्था के रूप में सामने रखा गया।

इन घोषणाओं की विस्तृत योजना, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया आगे स्पष्ट होगी। लेकिन इतना तय है कि लालकिले से किए गए ऐलानों में इस बार देश के युवाओं और भविष्य की तकनीक को केंद्र में रखा गया है।

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