धामी सरकार का बड़ा ऐलान!: स्वास्थ्यकर्मियों को ट्रांसफर में राहत, ग्रीन हाइड्रोजन नीति को मंजूरी समेत उद्योगों और बड़े भवनों को...जानें उत्तराखंड कैबिनेट के 8 बड़े फैसले?
धामी सरकार का बड़ा ऐलान!

देहरादून : देहरादून के सचिवालय से उत्तराखंड की राजनीति और नीति-निर्माण को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ऐसे फैसले लिए गए हैं, जिनका असर सीधे कर्मचारियों, किसानों, उद्योगों, युवाओं और पर्यावरण से जुड़ा है। ट्रांसफर नीति से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन तक, धामी कैबिनेट ने एक साथ कई मोर्चों पर बड़ा दांव खेला है।
देहरादून में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 8 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिन्हें सरकार “सुशासन, विकास और पर्यावरण संतुलन” की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।

स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रांसफर में बड़ी राहत :

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब स्वास्थ्य विभाग के वे कर्मचारी और सुपरवाइजर, जो एक ही जगह 5 साल की सेवा पूरी कर चुके हैं, उन्हें पूरी नौकरी में एक बार आपसी सहमति से दूसरे जिले में ट्रांसफर की अनुमति मिलेगी। इससे लंबे समय से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे कर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी।

जमीन अधिग्रहण में विवाद खत्म करने की तैयारी :

गौरतलब है कि राज्य में अब आपसी सहमति से भूमि अर्जन का रास्ता खोला गया है। इससे सरकारी परियोजनाओं के लिए जमीन लेने में कोर्ट-कचहरी, देरी और टकराव कम होंगे। सरकार को उम्मीद है कि इससे परियोजनाएं तेज़ होंगी और लागत भी घटेगी।

चार जिलों में जनजाति कल्याण को मिलेगा नया ढांचा :

विदित है कि देहरादून, चमोली, उधमसिंहनगर और पिथौरागढ़ जैसे जनजाति बहुल जिलों में जिला जनजाति कल्याण अधिकारी तैनात किए जाएंगे। इससे योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

उद्योगों और होटलों को देना होगा भू-जल शुल्क :

आपको बता दें कि खेती और सरकारी पेयजल को छोड़कर अब उद्योग, होटल, अपार्टमेंट, हाउसिंग सोसाइटी, वाटर पार्क और कार वॉश सेंटर को भू-जल इस्तेमाल पर शुल्क देना होगा। साथ ही ₹5000 का पंजीकरण शुल्क भी अनिवार्य किया गया है। सरकार इसे जल संरक्षण की दिशा में जरूरी कदम बता रही है।

देहरादून को मिलेगा नया निजी विश्वविद्यालय :

गौरतलब है कि कैबिनेट ने जी.आर.डी. उत्तराखंड विश्वविद्यालय खोलने को मंजूरी दे दी है। सरकार का दावा है कि इससे उच्च शिक्षा के नए अवसर और युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे।

सेना और आम उड़ानों के लिए दो हवाई पट्टियां :

उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ और चमोली की गौचर हवाई पट्टी अब रक्षा मंत्रालय को सौंपी जाएंगी। इनका इस्तेमाल सेना के साथ-साथ नागरिक उड़ानों के लिए भी किया जाएगा, जिससे सामरिक और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

प्राग फार्म की 1354 एकड़ जमीन पर बड़ा फैसला :

गौरतलब है कि उधमसिंहनगर की प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ जमीन औद्योगिक विकास के लिए सिडकुल को दी गई थी। अब सिडकुल इसे उसी उद्देश्य के लिए आगे पट्टे पर दे सकेगा, लेकिन शर्त यह होगी कि 3 साल में जमीन का उपयोग शुरू करना अनिवार्य होगा।

ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026 को हरी झंडी :

कैबिनेट ने उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026 को मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि राज्य के पास जल विद्युत जैसे प्राकृतिक संसाधन हैं, जिनसे ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, निवेश और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। यह नीति नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर उत्तराखंड का बड़ा कदम मानी जा रही है।

शोक और संवेदना के साथ शुरू हुई बैठक :

कैबिनेट बैठक की शुरुआत महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर की गई। मुख्यमंत्री धामी ने उनके सामाजिक योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

धामी कैबिनेट के ये 8 फैसले साफ संकेत देते हैं कि सरकार कर्मचारियों की सुविधा, औद्योगिक विकास, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन एनर्जी; सभी मोर्चों पर एक साथ आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले समय में इन फैसलों का असर ज़मीन पर कितना दिखता है, इसी पर सरकार की साख टिकी होगी।

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