चारधाम यात्रा 2026; स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बड़े बदलाव की तैयारी!: हेलीकॉप्टर से जुड़ेगी इमरजेंसी मेडिकल सेवा, अब मिनटों में एयरलिफ्ट और...सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम_एक नजर
चारधाम यात्रा 2026; स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बड़े बदलाव की तैयारी!

उत्तराखंड : उत्तराखंड की कठिन चारधाम यात्रा अब सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि सुरक्षा के नए अध्याय में प्रवेश करने जा रही है। बीते वर्षों में यात्रा के दौरान लगातार हुई मौतों ने सरकार को बड़ा फैसला लेने पर मजबूर किया और अब पहली बार हेलीकॉप्टर आधारित इमरजेंसी मेडिकल सिस्टम लागू करने की तैयारी हो चुकी है। यानी अगर पहाड़ पर श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ी तो अब घंटों का इंतजार नहीं सीधे आसमान से इलाज आएगा।

मौतों के आंकड़ों ने बदली तैयारी :

आपको बता दें कि चारधाम यात्रा में बढ़ती भीड़ के साथ खतरे भी बढ़े हैं।

2024 में मौतें: 246

2025 में मौतें: 189

2025 में श्रद्धालु: 51 लाख से ज्यादा

ज्यादातर मौतें हार्ट अटैक और ऑक्सीजन की कमी से हुईं। इसी के बाद सरकार ने “सेफ जर्नी रोडमैप” तैयार किया है। ये लक्ष्य 2026 में मौतों को न्यूनतम करने तक का है।

अब धामों पर ही मिलेगा इलाज :

गौरतलब है कि पहले बीमार यात्री को नीचे लाने में ही कई घंटे निकल जाते थे। अब केदारनाथ में 17 बेड का फुल अस्पताल, आधुनिक मशीनें और डॉक्टर व स्टाफ तैनात कर दिया गया है। वहीं बद्रीनाथ में 30 बेड का अस्पताल सहित स्थायी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यानी पहली बार ऊंचाई वाले धामों पर अस्थायी नहीं, स्थायी स्वास्थ्य ढांचा तैयार किया गया है।

हेलीकॉप्टर बनेगा “उड़ता ICU” :

आपको बता दें कि सरकार हेली-एम्बुलेंस सिस्टम शुरू करने जा रही है।

यह कैसे काम करेगा?

  1. श्रद्धालु की हालत गंभीर

  2. तुरंत मेडिकल अलर्ट

  3. हेलीकॉप्टर पहुंचेगा

  4. एयरलिफ्ट कर सीधे अस्पताल

पहाड़ों में जहां सड़कें जान लेती थीं, वहां अब आसमान जिंदगी देगा।

हार्ट अटैक पर खास फोकस :

विदित है कि सरकार ने माना सबसे बड़ी वजह दिल से जुड़ी बीमारियां थीं। इस बार कार्डियोलॉजिस्ट तैनात होंगे, हाई ऑक्सीजन सपोर्ट मिलेगा। साथ ही मेडिकल स्क्रीनिंग बढ़ेगी।।वहीं यात्रा से पहले हेल्थ चेकअप अनिवार्य होगा। इस बीच श्रद्धालुओं से अपील है कि बिना जांच के यात्रा करना जोखिम बन सकता है।

पिछले 10 साल की समीक्षा, नई रणनीति :

गौरतलब है कि पूरी यात्रा व्यवस्था का मेडिकल ऑडिट किया गया है। कमजोर कड़ियां चिन्हित कर नई व्यवस्था बनाई गई। तेज रेस्क्यू, तत्काल इलाज, ऊंचाई पर मेडिकल सपोर्ट सहित भीड़ नियंत्रण पर कार्य किया जाएगा।

क्या बदलेगा इस बार?

आपको बता दें कि पहले आस्था भारी रहती थी लेकिन स्वास्थ्य कमजोर रहने से नुकसान हो जाता था। अब आस्था औऱ सुरक्षा के साथ सुरक्षित दर्शन मिलेंगे। चारधाम यात्रा अब सिर्फ विश्वास की नहीं, विश्वास के साथ जीवन सुरक्षा की यात्रा बनने जा रही है।

पहले बीमार को ऊपर से नीचे लाओ जिससे देर होता था और जान का खतरा बना रहता था। वहीं अब बीमार को अब हेलीकॉप्टर से तुरंत इलाज मिलेगा जिससे बचाव सम्भव हो सकेगा। इस बार पहाड़ों की यात्रा पिछले सालों के मुकाबले आसान रहेगी।

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