धामी सरकार का बड़ा ऐलान!: कर्मचारियों को बोनस, ड्रग्स पर शिकंजा समेत अस्पतालों-उद्योगों में...जानें उत्तराखंड कैबिनेट के 6 बड़े फैसले?
धामी सरकार का बड़ा ऐलान!

देहरादून : उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा असर डालने वाले फैसले सामने आए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक करीब दो घंटे चली और इसमें 6 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। सरकार ने एक साथ कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, कर्मचारियों, श्रमिकों और उद्योग सभी मोर्चों पर बड़े फैसले लेकर साफ संकेत दिया है कि अब अभियान नहीं बल्कि स्थायी व्यवस्था लागू की जा रही है।

नशे पर सबसे बड़ा फैसला; अब स्थायी टास्क फोर्स :

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राज्य में चल रहे ड्रग-फ्री अभियान को पहली बार स्थायी ढांचा दिया गया है। 22 नए पद स्वीकृत किये गए। जिसमें 1 डीएसपी, 2 ड्रग इंस्पेक्टर, 1 इंस्पेक्टर, 2 सब-इंस्पेक्टर, 4 मुख्य आरक्षी, 8 आरक्षी सहित 2 चालक के पद शामिल है। पहले जरूरत के हिसाब से पुलिसकर्मी अस्थायी रूप से लगाए जाते थे, अब अलग टीम बनेगी। मतलब नशे के खिलाफ कार्रवाई अब लगातार और संगठित तरीके से होगी।

कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा; बोनस नियम वापस :

गौरतलब है कि कोविड काल में लागू किया गया 2020 का संशोधित बोनस कानून खत्म कर दिया गया है। पहले कंपनी को लाभ होने पर ही न्यूनतम बोनस का प्रावधान किया गया था अब 1965 का केंद्रीय बोनस कानून लागू होगा यानी कर्मचारियों का बोनस अब कंपनी के मुनाफे पर निर्भर नहीं रहेगा। इससे निश्चित अधिकार बनेगा।

अस्पतालों में डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी :

विदित है कि ईएसआई अस्पतालों की स्थिति सुधारने के लिए नई सेवा नियमावली मंजूर की गई। इसके लिए कुल 94 पद सृजित हुए। जिसमें 76 मेडिकल ऑफिसर, 11 सहायक निदेशक, 6 संयुक्त निदेशक सहित 1 अपर निदेशक का पद शामिल है। अब तक केवल 1 CMO और 13 डॉक्टर थे यानी इलाज की क्षमता कई गुना बढ़ेगी।

जेल कानून में बदलाव :

विदित है कि अब आदतन अपराधी शब्द की परिभाषा बदली जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप संशोधन विधेयक विधानसभा में पेश होगा। गिरफ्तारी और जेल रिकॉर्ड में कानूनी स्पष्टता बढ़ेगी।

वन श्रमिकों को राहत; न्यूनतम ₹18,000 वेतन :

गौरतलब है कि इस बार 589 दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों को पहली बार तय न्यूनतम वेतन मिलेगा। लंबे समय से कम भुगतान पर काम कर रहे कर्मचारियों को सीधा फायदा होगा।

छोटे उद्योगों को राहत; योजना जारी :

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना जारी रहेगी। 2026 तक छोटे खाद्य उद्योगों को सहायता मिलती रहेगी। छोटे उद्योग बंद नहीं होंगे और रोजगार सुरक्षित रहेगा।

फैसलों का असर क्या होगा?

आपको बता दें कि इस फैसले का राज्य पर असर निम्नलिखित होगा।

●कर्मचारियों की आय सुरक्षा बढ़ेगी

●अस्पतालों में इलाज सुधरेगा

●नशे के खिलाफ अभियान मजबूत होगा

●छोटे उद्योग टिकेंगे

●श्रमिकों की आय बढ़ेगी

●कानून व्यवस्था स्पष्ट होगी

धामी सरकार ने इस बैठक में केवल घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि प्रशासन, अर्थव्यवस्था और समाज; तीनों को प्रभावित करने वाले फैसले लिए। यह कैबिनेट बैठक राहत और नियंत्रण दोनों का मिश्रण दिखी; एक तरफ कर्मचारियों-श्रमिकों को फायदा, दूसरी तरफ अपराध और नशे पर सख्ती। संकेत साफ है कि सरकार अब योजनाओं से आगे बढ़कर स्थायी ढांचा बनाने की नीति पर काम कर रही है।

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