चंदौली : उत्तर प्रदेश के चंदौली में 26 घंटे तक दहशत का पर्याय बना एक कथित “साइको किलर” आखिरकार पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। चलती ट्रेन, रेलवे ट्रैक और अस्पताल—जहां-जहां वह पहुंचा, वहां मौत छोड़ता चला गया। उसकी वारदातों का तरीका इतना खौफनाक था कि पुलिस भी हैरान रह गई। हर हत्या में एक ही पैटर्न—सीधे कनपटी पर गोली मारी गयी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने 26 घंटे के भीतर तीन लोगों की हत्या की थी। सोमवार देर रात सीन रीक्रिएशन के दौरान उसने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी फायरिंग में उसकी मौत हो गई।
कौन था यह ‘साइको किलर’?
आपको बता दें कि मृत आरोपी की पहचान 45 वर्षीय गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो पंजाब के अमृतसर का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार वह पूर्व सैनिक था, 2021 में सेना से अलग हुआ और शराब का आदी हो चुका था और कई जगह नौकरी बदल चुका था। हाल में बिहार के आरा में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी भी छूट गई थी। जांच में सामने आया कि नौकरी छूटने और लगातार शराब की लत के बाद उसका व्यवहार हिंसक होता जा रहा था।
“मैं मन का राजा हूं…” पूछताछ में चौंकाने वाला बयान
गौरतलब है कि अस्पताल में महिला की हत्या के बाद भीड़ ने उसे पकड़ लिया था। पुलिस हिरासत में जब उससे पूछताछ हुई तो उसने बेहद अजीब जवाब दिए। उसने कहा कि “मैं मन का राजा हूं, शराब पीने के बाद होश में नहीं रहता, घूम-घूमकर जो मन में आता है, करता हूं… एक नहीं, दो-तीन को मारकर आया हूं…” यह सुनकर पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए।
26 घंटे में तीन हत्याएं, एक जैसा तरीका
1. पहली हत्या: पैसेंजर ट्रेन में युवक की हत्या
रविवार सुबह गुरप्रीत ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में सवार हुआ।
ट्रेन में किसी बात पर गाजीपुर निवासी मंगरू से कहासुनी हुई। कुछ ही सेकंड बाद उसने कनपटी पर गोली मार दी, शव को ट्रेन से नीचे फेंक दिया और ट्रेन धीमी होते ही फरार हो गया।
2. दूसरी हत्या: जम्मूतवी एक्सप्रेस में खून
पहली हत्या के कुछ घंटे बाद वह दूसरी ट्रेन में चढ़ गया। रात करीब 2 बजे बिहार के दिनेश साहू बाथरूम गए थे। बाहर निकलते ही गुरप्रीत ने कनपटी पर गोली मार दी। ट्रेन धीमी हुई और वह उतरकर भाग गया। इस हत्या के बाद पुलिस को शक हुआ कि दोनों वारदातें एक ही व्यक्ति ने की हैं।
3. तीसरी हत्या: अस्पताल में घुसकर महिला को मारी गोली
सोमवार सुबह चंदौली के एक निजी अस्पताल में वह मरीज बनकर दाखिल हुआ। फिर बेड पर लेटी महिला के पास पहुंचा और कनपटी पर पिस्टल सटाई और गोली मार दी। अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। भागते समय ऑटो चालक और लोगों ने पीछा किया, उसे पकड़ लिया, भीड़ ने जमकर पीटा और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया।
एनकाउंटर में कैसे मारा गया?
पुलिस के मुताबिक, सोमवार देर रात आरोपी को घटनास्थलों पर ले जाया गया था ताकि सीन रीक्रिएट कराया जा सके। इसी दौरान उसने पुलिस अफसर की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने लगा। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई। गोली सीने और सिर में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
दो पुलिसकर्मी भी घायल
विदित है कि एनकाउंटर के दौरान जीआरपी हेड कांस्टेबल समेत दो पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने आरोपी के पास से रिवॉल्वर, कारतूस और हथियार बरामद किए हैं।
कैसे पहुंची पुलिस आरोपी तक?
पुलिस ने ट्रेन यात्रियों के बयान, लोकेशन हिस्ट्री, सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के जरिए आरोपी की पहचान की। एक यात्री ने बताया था कि हमलावर लंबा कद, सिर पर भगवा गमछा और पैंट-शर्ट पहने था। यही हुलिया अस्पताल में पकड़े गए आरोपी से मैच हो गया।
ट्रेन से अस्पताल तक… दहशत का 26 घंटे का सफर जारी रहा
इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर था? क्या शराब और अकेलेपन ने उसे हिंसक बना दिया? और क्या समय रहते उसकी पहचान हो जाती तो तीन जानें बच सकती थीं?
फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। लेकिन चंदौली के लोग अभी भी उस खौफनाक 26 घंटे को याद कर सहमे हुए हैं, जब एक शख्स ने बिना किसी निजी दुश्मनी के मौत का खेल शुरू कर दिया था।