नोएडा हिंसा के मास्टरमाइंड 'आदित्य आनंद' की गिरफ्तारी से खुले कई राज!: VPN से छिपाई लोकेशन, QR कोड से जोड़े लोग, वहीं पाकिस्तानी कनेक्शन...जानिए बिहार के NIT पास इंजीनियर ने कैसे रची हिंसा की साजिश_अहम खुलासे
नोएडा हिंसा के मास्टरमाइंड 'आदित्य आनंद' की गिरफ्तारी से खुले कई राज!

नोएडा/लखनऊ: नोएडा में श्रमिक आंदोलन के नाम पर भड़की हिंसा के पीछे की परतें अब धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है; मुख्य आरोपी आदित्य आनंद उर्फ ‘रस्ती’ को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में साजिश में अपनी भूमिका कबूल कर ली है, जिससे पूरे केस ने अब और बड़ा मोड़ ले लिया है।

तमिलनाडु से ऐसे पकड़ा गया मास्टरमाइंड

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गौतमबुद्धनगर पुलिस और यूपी STF की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से कल देर रात गिरफ्तार किया गया। वह लगातार अपनी लोकेशन बदलकर एजेंसियों को चकमा दे रहा था। उसके खिलाफ पहले से गैर-जमानती वारंट जारी था। गिरफ्तारी पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर नोएडा लाया जा रहा है।

कौन है आदित्य आनंद?

गौरतलब है कि आदित्य आनंद बिहार के हाजीपुर का रहने वाला है। NIT जमशेदपुर से बीटेक किया और नोएडा में जेनपैक्ट कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वह सोशल मीडिया के जरिए मजदूर संगठनों से जुड़ा।

कैसे रची गई हिंसा की साजिश?

पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ कि 30 मार्च से 1 अप्रैल के बीच कई गुप्त बैठकें हुई। अलग-अलग संगठनों के साथ प्लानिंग बनी और व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर भीड़ को संगठित किया गया। इसमें QR कोड के जरिए लोगों को जोड़ना भी शामिल है। आरोप है कि पूरे आंदोलन को सोची-समझी रणनीति के तहत हिंसा में बदला गया।

डिजिटल साजिश के संकेत

आपको बता दें कि जांच एजेंसियों को शक है कि मामला सिर्फ स्थानीय नहीं है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट, कुछ अकाउंट्स के विदेशी (पाकिस्तान लिंक) कनेक्शन और VPN के जरिए लोकेशन छुपाने की कोशिश इस तथ्य को साबित भी कर रही हैं। अब STF इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में जुटी है।

क्या हुआ था 13 अप्रैल को?

गौरतलब है कि 13 अप्रैल को नोएडा में मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू हुआ और देखते ही देखते हिंसक बवाल में बदल गया। 80+ जगहों पर पथराव और आगजनी हुई। 300 से ज्यादा कंपनियों में तोड़फोड़ हुई। हालात इतने बिगड़े कि RAF और PAC तक उतारनी पड़ी।

अब तक क्या कार्रवाई हुई?

अब तक 60+ केस दर्ज, 200 से ज्यादा लोग हिरासत में हो चुके हैं। कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी होने को है। साथ ही हाईलेवल जांच कमेटी गठित कर दी गयी। और अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच और तेज हो गई है।

आगे क्या होगा?

आपको बता दें कि पुलिस अब इन सवालों के जवाब तलाश रही है कि :

  • इस साजिश में और कौन-कौन शामिल था?
  • क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या फंडिंग थी?
  • क्या यह सिर्फ मजदूर आंदोलन था या कुछ और?

आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां संभव हैं।

नोएडा हिंसा का यह मामला अब सिर्फ एक स्थानीय घटना नहीं, बल्कि संगठित साजिश की शक्ल लेता दिख रहा है। एक इंजीनियर से ‘मास्टरमाइंड’ बने आरोपी की गिरफ्तारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, आगे की जांच में पता चलेगा कि क्या यह सिर्फ विरोध था या इसके पीछे कोई बड़ा खेल चल रहा था।

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