लखनऊ : सड़कों पर शोर मचाने वालों के लिए बड़ी चेतावनी जारी हुई है। उत्तर प्रदेश में अब सड़क पर तेज आवाज करना महंगा ही नहीं, बल्कि जेल तक पहुंचा सकता है। राज्य में मॉडीफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और अवैध हूटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी पूरी हो चुकी है। उत्तर प्रदेश ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट और यातायात निदेशालय ने अदालत के आदेश के बाद नई गाइडलाइन जारी कर दी है, जिसमें साफ कहा गया है कि अब नियम तोड़े तो सीधा मुकदमा, जुर्माना और जेल।
क्यों कड़ा किया गया कानून?
आपको बता दें कि sड़कों पर बढ़ता शोर अब सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि खतरा बन चुका है। बुजुर्गों और बीमार लोगों पर गंभीर असर पड़ता है। बच्चों में तनाव और बेचैनी बढ़ रही है। शहरों में लगातार बढ़ता ध्वनि प्रदूषण इन बदलावों का कारण है। सरकार का मानना है कि यह सिर्फ ट्रैफिक नियम नहीं, बल्कि पब्लिक हेल्थ का मुद्दा बन चुका है।
नई गाइडलाइन में क्या-क्या बदला?
नई गाइडलाइन के तहत कई बड़े फैसले लिए गए हैं:
1. मॉडीफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न पर सीधा एक्शन
2. दुकानदार और गैराज भी रडार पर
अब सिर्फ वाहन चालक ही नहीं,
बल्कि बेचने और लगाने वाले भी जिम्मेदार होंगे। गैराज और दुकानों की नियमित जांच होगी। नियम तोड़ने पर FIR दर्ज होगा। और थाने में सूची तैयार होगी।
3. विदेशी गाड़ियों पर भी नियम लागू
गौरतलब है कि कुछ विदेशी गाड़ियों की आवाज 80 डेसिबल से ज्यादा होती है। अब उन्हें भी भारतीय मानकों के अनुसार नियंत्रित करना होगा।
4. साइलेंस जोन में सख्ती
नये गाइडलाइन के अनुसार हॉस्पिटल, स्कूल, कोर्ट जैसे इलाकों में साइलेंस जोन घोषित होंगे। निर्धारित सीमा से ज्यादा आवाज पर कार्रवाई होगी। अनावश्यक हॉर्न बजाना भी अपराध माना जाएगा।
अब मोबाइल से होगी शिकायत
विदित है कि सरकार एक नया ऐप लॉन्च करने की तैयारी में है। जिसमें फोटो और वीडियो के साथ शिकायत दर्ज होगी। जो कि सीधे कार्रवाई के लिए सिस्टम से लिंक होगा।
कितना होगा सजा और जुर्माना
आपकी जानकारी के लिये बता दें कि Motor Vehicles Act 1988 के तहत सख्त प्रावधान लागू हो गया है।
पहली बार गलती:
3 महीने तक जेल या ₹10,000 जुर्माना या दोनों
बार-बार गलती:
6 महीने तक जेल या ₹10,000 जुर्माना या दोनों
अनावश्यक हॉर्न:
पहली बार: ₹1000
दोबारा: ₹2000
अब क्या बदलेगा सड़कों पर?
गौरतलब है कि इस बदलाव से बिना वजह हॉर्न बजाना कम होगा, मॉडीफाइड बाइक्स और कारों पर लगाम लगेगा और शहरों में शोर कम करने की कोशिश किया जायेगा।
यूपी सरकार का यह कदम साफ संदेश देता है कि सड़क पर अनुशासन जरूरी है, वरना कार्रवाई तय है। अब तक जो लोग तेज हॉर्न और साइलेंसर को “स्टाइल” समझते थे, उन्हें समझना होगा कि यह अब सीधा कानूनी जोखिम है। आने वाले समय में जनता का व्यवहार तय करेगी कि सड़कों पर शांति बढ़ेगी या फिर कार्रवाई की खबरें।