भारत रिकॉर्ड छठी बार बना U-19 वर्ल्ड-कप का विजेता!: वैभब सूर्यवंशी की 175 रन की तूफानी पारी से इंग्लैंड की बड़ी हार, जानें जीत के बावजूद ICC ने क्यों नहीं दी भारत को प्राइज मनी?
भारत रिकॉर्ड छठी बार बना U-19 वर्ल्ड-कप का विजेता!

क्रिकेट : हरारे स्पोर्ट्स ग्राउंड पर खेले गए फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से हराकर इतिहास रच दिया। कप्तान आयुष म्हात्रे की अगुवाई में टीम इंडिया ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 जीतकर अपना दबदबा फिर साबित कर दिया। लेकिन इस जीत की सबसे बड़ी कहानी बने; वैभव सूर्यवंशी, जिनकी तूफानी बल्लेबाज़ी ने मैच को एकतरफा बना दिया।

वैभव की तूफानी पारी, 80 गेंद में 175 रन और इंग्लैंड बेबस!

आपको बता दें कि फाइनल में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और 50 ओवर में 411 रन ठोक दिए। इसके जवाब में इंग्लैंड 40.2 ओवर में 311 रन पर ढेर हो गया। इस दौरान वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी खेली गई। उन्होनें 80 गेंद में 175 रन की पारी खेली। वे 15 चौके और 15 छक्के लगाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 218+ रहा। यह U-19 वर्ल्ड कप फाइनल का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। पूरे टूर्नामेंट में थोड़ा शांत रहे वैभव ने सबसे बड़े मंच पर विस्फोट कर दिया। सेमीफाइनल की फिफ्टी के बाद फाइनल में उन्होंने ऐसा खेल दिखाया कि इंग्लैंड की गेंदबाजी पूरी तरह बिखर गई।

भारत के U-19 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान :

गौरतलब है कि भारत की जीत सिर्फ एक मैच नहीं, एक परंपरा है -

2000 – मोहम्मद कैफ
2008 – विराट कोहली
2012 – उनमुक्त चंद
2018 – पृथ्वी शॉ
2022 – यश ढुल
2026 – आयुष म्हात्रे (रिकॉर्ड छठा खिताब)

मैच कैसे पलटा?

विदित है कि शुरुआत में भारत का स्कोर 20/1 था। लेकिन फिर आयुष म्हात्रे और वैभव सूर्यवंशी ने साझेदारी कर मैच का रुख बदल दिया। 412 रन का लक्ष्य पीछा करते हुए इंग्लैंड ने कोशिश की, मगर भारतीय गेंदबाजों ने नियमित विकेट लेकर मुकाबला खत्म कर दिया।

जानें क्यों नहीं मिला ICC से इनाम?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इतिहास रचने के बावजूद खिलाड़ियों को ICC से कोई नकद पुरस्कार नहीं मिला। इसका कारण है कि U-19 वर्ल्ड कप को “डेवलपमेंट टूर्नामेंट” माना जाता है। इसका मकसद युवा खिलाड़ियों को मंच देना है, कमर्शियल कमाई नहीं। लेकिन खिलाड़ियों को खाली हाथ नहीं रहना पड़ेगा परंपरा के अनुसार BCCI जल्द नकद इनाम का ऐलान कर सकता है। 2022 में हर खिलाड़ी को 40 लाख रुपये दिए गए थे। इस बार बड़ी राशि की उम्मीद है।

भविष्य सुरक्षित क्यों कहा जा रहा?

इस जीत ने एक बार फिर साबित किया कि भारत की क्रिकेट फैक्ट्री लगातार नए सितारे दे रही है। कभी कैफ-कोहली आए अब सूर्यवंशी जैसे नाम तैयार हैं।

संदेश साफ है कि टीम इंडिया का भविष्य उज्ज्वल ही नहीं मजबूत भी है। वैभव सूर्यवंशी जैसे छोटे स्टार भविष्य के प्रमुख सितारे बनने को तैयार है।

अन्य खबरे