गाड़ी पर ‘जाट’, ‘यादव’ जैसे जातिसूचक शब्द लिखवाना पड़ सकता हैं भारी!: नंबर प्लेट पर एक गलती से कट सकता हैं हजारों का चालान, गाड़ी पर क्या लिखवा सकतें हैं और क्या नहीं; जानिए नियम
गाड़ी पर ‘जाट’, ‘यादव’ जैसे जातिसूचक शब्द लिखवाना पड़ सकता हैं भारी!

नई दिल्ली: सड़कों पर आपने ऐसी गाड़ियां जरूर देखी होंगी, जिनके पीछे या नंबर प्लेट के ऊपर बड़े-बड़े अक्षरों में ‘जाट’, ‘यादव’, ‘राजपूत’, ‘राजपूताना’, ‘VIP’ या दूसरे पहचान वाले शब्द लिखे होते हैं। कुछ लोग इसे अपनी जाति, समुदाय या रुतबे को दिखाने का तरीका मानते हैं। लेकिन गाड़ी पर इस तरह की लिखावट कराने से पहले ट्रैफिक नियमों को समझना जरूरी है। खासकर अगर कोई शब्द नंबर प्लेट पर लिखा है या वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर पढ़ने में बाधा डालता है, तो चालक के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।

नंबर प्लेट पर सिर्फ रजिस्ट्रेशन नंबर ही क्यों जरूरी?

आपको बता दें कि भारत में वाहनों की नंबर प्लेट के लिए निर्धारित नियम हैं। नंबर प्लेट का उद्देश्य वाहन की पहचान को स्पष्ट और आसानी से पढ़ने योग्य बनाना है। इसलिए उस पर निर्धारित रजिस्ट्रेशन नंबर और जरूरी मानकों के अलावा मनमाने शब्द, सजावट या ऐसे चिह्न लगाना नियमों के विरुद्ध हो सकता है, जो नंबर को पढ़ने में बाधा पैदा करें। कई लोग नंबर प्लेट के ऊपर या आसपास अपनी जाति, पद, उपनाम अथवा ‘VIP’ जैसे शब्द लिखवा लेते हैं। यदि ऐसी लिखावट निर्धारित नंबर प्लेट के स्वरूप को बदलती है या नंबर छिपाती है, तो ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई कर सकती है। नंबर प्लेट पर जाति या धर्म से जुड़ा शब्द लिखना और गाड़ी की बॉडी पर ऐसा स्टिकर लगाना; दोनों की कानूनी स्थिति एक जैसी मान लेना भी सही नहीं है।

क्या गाड़ी की बॉडी पर जाति लिखवाना भी गैरकानूनी है?

यह सवाल अक्सर वाहन चालकों के मन में आता है। मोटर वाहन नियमों के तहत नंबर प्लेट के मानक स्पष्ट हैं, लेकिन गाड़ी की बॉडी पर हर प्रकार की जाति या समुदाय संबंधी लिखावट को अपने आप एक ही अपराध मानना सही नहीं होगा। कार्रवाई इस बात पर निर्भर कर सकती है कि लिखावट कहां लगी है, क्या वह नंबर प्लेट को ढक रही है, क्या उससे वाहन की पहचान प्रभावित हो रही है और क्या कोई अन्य नियम टूट रहा है। अगर गाड़ी पर लगा स्टिकर नंबर प्लेट को छिपाता है, जरूरी जानकारी पढ़ने में बाधा डालता है या अन्य लागू नियमों का उल्लंघन करता है, तो पुलिस कार्रवाई कर सकती है। इसलिए वाहन चालकों को ऐसी सजावट से बचना चाहिए, जिससे नंबर प्लेट की स्पष्टता या वाहन की पहचान प्रभावित हो।

कितना कट सकता है चालान?

गौरतलब है कि ऐसी गलतियों पर जुर्माना संबंधित नियम और उल्लंघन की प्रकृति के अनुसार तय होता है। कुछ मामलों में 5,000 रुपये या उससे अधिक जुर्माने का दावा किया जाता है, लेकिन जाति लिखे होने मात्र पर हर स्थिति में इतना ही चालान कटेगा, यह कहना सही नहीं है। सटीक जुर्माना लागू कानूनी प्रावधान और मामले की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। यदि पुलिस को नंबर प्लेट में गड़बड़ी मिलती है, तो वाहन चालक को उसे निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने के लिए कहा जा सकता है। नियमों की अनदेखी करने पर आगे की कार्रवाई भी हो सकती है।

आखिर सरकार ने नंबर प्लेट के नियम क्यों बनाए?

नंबर प्लेट को एक समान और स्पष्ट रखने का सबसे बड़ा उद्देश्य सड़क सुरक्षा और वाहन की सही पहचान सुनिश्चित करना है। ट्रैफिक पुलिस, सीसीटीवी कैमरे और ई-चालान सिस्टम इसी नंबर के आधार पर वाहन की पहचान करते हैं। अगर नंबर के आसपास अनावश्यक शब्द या सजावट हो, तो उसे पढ़ने में परेशानी हो सकती है।

इसलिए गाड़ी पर अपनी पसंद के स्टिकर लगाने से पहले नियमों की जानकारी लेना जरूरी है। खासकर नंबर प्लेट पर जाति, धर्म, उपनाम या रुतबा दिखाने वाले शब्द लिखवाने से बचें। पहचान दिखाने के शौक में ऐसा कोई बदलाव न करें, जो आपको ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की स्थिति में ला खड़ा करे।

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