नई दिल्ली: पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच अब कार चलाने का तरीका बदलने की तैयारी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 100 प्रतिशत एथेनॉल से चलने वाली टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस फ्लेक्स-फ्यूल को लेकर बड़ा ऐलान किया है। यह गाड़ी नवंबर 2026 में पेश की जानी है। रिपोर्टों के मुताबिक, टोयोटा ने 25 नवंबर को नई इनोवा हाईक्रॉस की लॉन्चिंग की तारीख बताई है। हालांकि, ग्राहकों के लिए इसकी बिक्री और बुकिंग कब शुरू होगी, इस बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। इस कार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे E100 यानी शुद्ध एथेनॉल पर चलने के लिए तैयार किया गया है। इसके अलावा यह पेट्रोल और एथेनॉल के अलग-अलग मिश्रण वाले ईंधन पर भी चल सकेगी। अगर यह तकनीक व्यावसायिक रूप से सफल होती है तो भविष्य में पेट्रोल पर निर्भरता कम करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
गडकरी खुद कर रहे हैं फ्लेक्स-फ्यूल इनोवा का इस्तेमाल
आपको बता दें कि नितिन गडकरी ने 2 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित ENRich 2026 कॉन्फ्रेंस के दौरान इस गाड़ी को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह पिछले करीब डेढ़ साल से टोयोटा की ओर से उपलब्ध कराई गई फ्लेक्स-फ्यूल इनोवा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके मुताबिक, एथेनॉल आधारित ईंधन देश के लिए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत के रूप में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। गडकरी ने अपने संबोधन में एथेनॉल की कीमत करीब 75 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत लगभग 120 रुपये प्रति लीटर बताई। हालांकि, ये उनके भाषण में बताए गए आंकड़े हैं। वास्तविक कीमत अलग-अलग जगहों और उपलब्धता के अनुसार बदल सकती है।
2023 में ही सामने आ चुका है इसका प्रोटोटाइप
गौरतलब है कि टोयोटा ने इस तकनीक पर काम काफी पहले शुरू कर दिया था। अगस्त 2023 में कंपनी ने इनोवा हाईक्रॉस पर आधारित फ्लेक्स-फ्यूल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड प्रोटोटाइप पेश किया था। इसमें पेट्रोल इंजन को एथेनॉल जैसे ईंधन पर चलने के अनुकूल बनाया गया है। इसके साथ स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम भी दिया गया है। इस सिस्टम में जरूरत के मुताबिक इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी भी गाड़ी को चलाने में मदद करती है। इससे इंजन पर निर्भरता कम हो सकती है। एथेनॉल में पेट्रोल के मुकाबले ऊर्जा की मात्रा कम होती है, इसलिए हाइब्रिड तकनीक इसकी भरपाई करने में मददगार हो सकती है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इस मॉडल का प्रमाणित माइलेज और ईंधन खपत के आंकड़े जारी नहीं किए हैं।
E100 ईंधन को लेकर सरकार ने भी बदले नियम
विदित है कि इस तकनीक को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने भी कदम उठाया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 26 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन करते हुए E100 को फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के सर्टिफिकेशन ढांचे में शामिल किया है। इससे वाहन कंपनियों के लिए 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चलने वाली गाड़ियों को प्रमाणित कराने का रास्ता आसान होगा।
क्या आम लोगों के लिए पेट्रोल का विकल्प बन पाएगा एथेनॉल?
इस गाड़ी के सामने सबसे बड़ी चुनौती एथेनॉल की उपलब्धता है। फिलहाल देश में E20 पेट्रोल तो कई जगह उपलब्ध है, लेकिन शुद्ध एथेनॉल यानी E100 के लिए व्यापक पेट्रोल पंप नेटवर्क मौजूद नहीं है। ऐसे में कार खरीदने के बाद ग्राहकों को अपने आसपास ईंधन की उपलब्धता की चिंता हो सकती है। यह भी समझना जरूरी है कि सामान्य पेट्रोल कारों में सीधे E100 ईंधन नहीं डाला जा सकता। इसके लिए इंजन, फ्यूल पाइप, सील और अन्य हिस्सों को विशेष रूप से तैयार करना पड़ता है। इसलिए मौजूदा कार मालिक अपनी गाड़ी के मैनुअल में बताए गए ईंधन का ही इस्तेमाल करें।
अब सबकी नजर 25 नवंबर पर है। सवाल सिर्फ नई इनोवा की कीमत और फीचर्स का नहीं, बल्कि यह भी है कि क्या एथेनॉल से चलने वाली कारें वास्तव में भारतीय ग्राहकों के लिए पेट्रोल का किफायती विकल्प बन पाएंगी?