रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी!: देश के इन 15 बड़े स्टेशनों का होगा मेगा री-डेवलपमेंट, दिल्ली के ये 2 स्टेशन भी हुए लिस्ट में शामिल; स्काईवॉक से लेकर मल्टीलेवल पार्किंग तक मिलेंगी ये मॉडर्न हाईटेक सुविधाएं?
रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी!

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे देश के बड़े रेलवे स्टेशनों की तस्वीर बदलने की तैयारी में है। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए 15 प्रमुख रेलवे स्टेशनों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत री-डेवलप करने की योजना है। खास बात यह है कि इस सूची में दिल्ली के पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और आनंद विहार रेलवे टर्मिनल भी शामिल हैं। इन स्टेशनों को सिर्फ रंग-रोगन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि जरूरत के हिसाब से नई स्टेशन बिल्डिंग, बेहतर यात्री आवागमन व्यवस्था, फुट ओवरब्रिज, स्काईवॉक, लिफ्ट, एस्केलेटर और मल्टीलेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।

दिल्ली के दो बड़े स्टेशनों की भी बदलेगी तस्वीर

आपको बता दें कि PPP मॉडल के तहत चुने गए स्टेशनों में दिल्ली जंक्शन (पुरानी दिल्ली) और आनंद विहार टर्मिनल का नाम शामिल है। दोनों स्टेशन दिल्ली के बेहद महत्वपूर्ण रेलवे हब हैं और रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है। री-डेवलपमेंट का उद्देश्य यात्रियों के लिए स्टेशन परिसर में आने-जाने को आसान बनाना, भीड़ का दबाव कम करना और आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराना है। हालांकि, हर स्टेशन पर होने वाला विकास उसकी जरूरत और तैयार योजना के आधार पर अलग हो सकता है।

इन 15 स्टेशनों का होगा कायाकल्प

गौरतलब है कि रेलवे की योजना में देश के अलग-अलग हिस्सों के प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। सूची में विजयवाड़ा, कोयंबटूर जंक्शन, क्रांतिवीरा संगोल्ली रायन्ना बेंगलुरु, चेन्नई सेंट्रल, अंधेरी, अवादी, ताम्बरम, भोपाल, वडोदरा, कल्याण, दादर, आनंद विहार, दिल्ली जंक्शन, हजरत निजामुद्दीन और पुणे रेलवे स्टेशन शामिल हैं। हालांकि, इन सभी स्टेशनों पर एक साथ निर्माण शुरू हो गया है, ऐसा नहीं है। अलग-अलग परियोजनाएं फिलहाल तैयारी, मास्टर प्लान, वित्तीय मॉडलिंग और टेंडर जैसी अलग-अलग प्रक्रियाओं में हैं।

विजयवाड़ा स्टेशन से शुरू हो सकती है बड़ी तस्वीर

विदित है कि इन परियोजनाओं में विजयवाड़ा रेलवे स्टेशन खास तौर पर चर्चा में है। इसकी अनुमानित परियोजना लागत करीब 946.60 करोड़ रुपये बताई गई है। परियोजना को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप अप्रेजल कमेटी (PPPAC) से 7 मई 2025 को मंजूरी मिल चुकी है। यह प्रोजेक्ट DBFOT यानी Design, Build, Finance, Operate and Transfer मॉडल के तहत विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इसमें वायबिलिटी गैप फंडिंग का प्रावधान भी है। विजयवाड़ा स्टेशन के प्रस्तावित प्लान में स्टेशन के पूर्व और पश्चिम दोनों तरफ नई इमारत, फुट ओवरब्रिज, स्काईवॉक और मल्टीलेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

20 हजार यात्रियों का दबाव संभालने की तैयारी

विजयवाड़ा स्टेशन को पीक आवर में लगभग 20 हजार यात्रियों की आवाजाही को ध्यान में रखकर विकसित करने की योजना है। इसका मकसद यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित करना और मौजूदा सुविधाओं पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है। हालांकि यहां रेलवे को टेंडर प्रक्रिया में शुरुआती झटका भी लगा। पहली बार टेंडर जारी होने पर किसी कंपनी ने बोली नहीं लगाई। इसके बाद रेलवे ने परियोजना के लिए दोबारा टेंडर आमंत्रित किया है।

स्टेशन पर क्या-क्या बदल सकता है?

री-डेवलपमेंट के बाद यात्रियों को उनकी जरूरत के मुताबिक कई आधुनिक सुविधाएं मिल सकती हैं। इनमें—

आधुनिक स्टेशन बिल्डिंग
बेहतर सर्कुलेशन एरिया
फुट ओवरब्रिज और स्काईवॉक
लिफ्ट और एस्केलेटर
मल्टीलेवल पार्किंग
बेहतर यात्री प्रवेश और निकास व्यवस्था
जरूरत के अनुसार अन्य आधुनिक यात्री सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना से अलग है यह प्रोजेक्ट

यहां एक बात समझना जरूरी है। PPP मॉडल के तहत चुने गए 15 स्टेशन और अमृत भारत स्टेशन योजना एक ही योजना नहीं हैं। अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत देशभर के 1,340 स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। जुलाई 2026 तक इनमें से 261 स्टेशनों का री-डेवलपमेंट पूरा होने की जानकारी दी गई थी। अमृत भारत योजना में बड़े प्रवेश द्वार, आधुनिक प्रतीक्षालय, फुट ओवरब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर, पार्किंग, दिव्यांग यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं और जरूरत के अनुसार एयर कॉनकोर्स जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया जा रहा है।

रेलवे का लक्ष्य सिर्फ स्टेशन चमकाना नहीं

रेलवे के इस प्लान का मकसद केवल स्टेशन की इमारत को नया रूप देना नहीं है। असली चुनौती बढ़ती यात्री संख्या के बीच भीड़ प्रबंधन, आसान आवागमन, पार्किंग और बेहतर यात्री अनुभव सुनिश्चित करना है।

अगर PPP मॉडल के तहत प्रस्तावित परियोजनाएं तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ती हैं, तो आने वाले समय में दिल्ली समेत देश के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों की तस्वीर काफी बदल सकती है। हालांकि, किस स्टेशन पर निर्माण कब शुरू होगा और कब पूरा होगा, यह संबंधित परियोजना की मंजूरी, टेंडर और अन्य प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।

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