लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार ने बड़ा सामाजिक और राजनीतिक दांव चलने की तैयारी कर ली है। सरकार वृद्धजन, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को मिलने वाली मासिक पेंशन में ₹500 की बढ़ोतरी करने जा रही है। प्रस्ताव लागू होने के बाद लाभार्थियों को हर महीने ₹1000 की जगह ₹1500 पेंशन मिलेगी। इस फैसले से राज्य के करीब 1.18 करोड़ लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
क्या है सरकार की तैयारी?
जानकारी के अनुसार, 4 अगस्त से शुरू होने वाले उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए जाने वाले अनुपूरक बजट में इस योजना के लिए अतिरिक्त धन का प्रावधान किया जाएगा। बताया जा रहा है कि सरकार करीब ₹20 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश करेगी, जिसमें पेंशन बढ़ोतरी को भी शामिल किया जाएगा।
किन-किन लोगों को मिलेगा फायदा?
आपको बता दें कि प्रस्तावित बढ़ोतरी का लाभ तीन प्रमुख योजनाओं के लाभार्थियों को मिलेगा—
वृद्धावस्था पेंशन: लगभग 67.50 लाख लाभार्थी
निराश्रित महिला पेंशन: लगभग 38.50 लाख लाभार्थी
दिव्यांगजन पेंशन: लगभग 12 लाख लाभार्थी
यानी कुल मिलाकर 1.18 करोड़ से अधिक लोग इस फैसले से लाभान्वित हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री पहले ही कर चुके हैं संकेत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले भी सार्वजनिक रूप से कहा था कि वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार है और उन्हें हर महीने ₹1500 पेंशन मिलनी चाहिए। बाद में उन्होंने अपने संदेश में भी इस बढ़ोतरी का उल्लेख किया था। अब माना जा रहा है कि अनुपूरक बजट के जरिए इसे औपचारिक रूप दिया जाएगा।
बढ़ी हुई पेंशन कब मिलेगी?
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही अनुपूरक बजट में राशि स्वीकृत होगी और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होगी, बढ़ी हुई पेंशन सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। हालांकि इसकी अंतिम तारीख सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
स्कूटी योजना को भी मिलेगा अतिरिक्त बजट
गौरतलब है कि सरकार मेधावी छात्राओं के लिए चल रही रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए भी अतिरिक्त बजट देने की तैयारी कर रही है। इस योजना के तहत पात्र छात्राओं को स्कूटी के साथ हेलमेट, पंजीकरण, बीमा और शुरुआती ईंधन की सुविधा भी दी जाएगी। बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त धनराशि का प्रस्ताव रखा जाएगा।
एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर भी रहेगा फोकस
अनुपूरक बजट में चार नए एक्सप्रेस-वे और उनसे जुड़े लिंक मार्गों के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु लगभग ₹10 हजार करोड़ का प्रावधान किए जाने की भी संभावना है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में सड़क संपर्क को और मजबूत करना है।
दूसरे राज्यों के मुकाबले यूपी की स्थिति
प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश में पेंशन ₹1500 प्रतिमाह हो जाएगी। तुलना करें तो हरियाणा में तीनों श्रेणियों में सबसे अधिक ₹3200, उत्तराखंड में वृद्धावस्था पेंशन ₹1500, राजस्थान में ₹1300 से ₹1450 और बिहार में तीनों श्रेणियों के लिए ₹1100 प्रतिमाह पेंशन दी जाती है।
क्या कहते हैं जानकार?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले पेंशन में बढ़ोतरी का फैसला लाखों परिवारों तक सीधा संदेश पहुंचा सकता है। उनका कहना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में बढ़ोतरी सरकार की प्रमुख चुनावी रणनीतियों में से एक हो सकती है।
यदि प्रस्तावित योजना लागू होती है, तो उत्तर प्रदेश के लाखों बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को हर महीने अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे उनके दैनिक जीवन और आवश्यक खर्चों में राहत मिलने की उम्मीद है।