ग्रेटर आगरा में प्लाटों की नई कीमतें तय!: 98 नए गाँव ADA में होंगे शामिल, आगरा अब बनेगा नोएडा और लखनऊ की तर्ज पर रियल एस्टेट हब, जमीन की कीमतें जान उड़ जाएंगे होश, जानिए कहाँ कितनी बढ़ेंगी कीमतें?
ग्रेटर आगरा में प्लाटों की नई कीमतें तय!

आगरा : आगरा अब सिर्फ ताजमहल का शहर नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) की 152वीं बोर्ड बैठक में ऐसे फैसलों पर मुहर लगी है, जो आने वाले वर्षों में पूरे शहर का नक्शा बदल सकते हैं। सबसे बड़ा फैसला रहा कि ग्रेटर आगरा योजना में प्लॉटों की नई कीमत तय करना और 98 नए गांवों को ADA सीमा में शामिल करना। माना जा रहा है कि इन फैसलों के बाद जमीन के दाम आसमान छू सकते हैं।

मंडलाआयुक्त की अध्यक्षता में हुई हाईलेवल बैठक:

आपको बता दें कि मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में हुई इस हाईलेवल बैठक में ग्रेटर आगरा, जूता मंडी, नई आवासीय योजनाएं, टोल प्लाजा, इंडोर स्टेडियम और जर्जर भवनों को हटाने जैसे कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक के बाद साफ हो गया कि अब आगरा में बड़े स्तर पर शहरी विस्तार की तैयारी शुरू हो चुकी है।

ग्रेटर आगरा में इतने महंगे होंगे प्लॉट

गौरतलब है कि ग्राम रायपुर-रहनकलां क्षेत्र में विकसित की जा रही ग्रेटर आगरा योजना के तहत आवासीय प्लॉट की कीमत 33 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तय की गई है। वहीं ग्रुप हाउसिंग के लिए यह दर लगभग 50 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर होगी। व्यावसायिक भूखंडों के लिए कीमत 66 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तय की गई है। यानी आने वाले समय में यहां फ्लैट, मॉल, कॉम्प्लेक्स और बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट खड़े होते दिखाई देंगे। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह इलाका अगले कुछ वर्षों में नोएडा और लखनऊ की तर्ज पर तेजी से विकसित हो सकता है।

98 गांव जुड़ेंगे, 21 गांव होंगे बाहर

विदित है कि बैठक में सबसे अहम फैसला ADA की सीमा विस्तार को लेकर लिया गया। अब प्राधिकरण की सीमा में 98 नए गांव शामिल किए जाएंगे। वहीं 19 पूरे गांव और 2 आंशिक गांवों को सीमा से बाहर किया जाएगा। इस फैसले के बाद जिन गांवों को ADA सीमा में शामिल किया जाएगा, वहां जमीन की कीमतों में जबरदस्त उछाल आने की संभावना जताई जा रही है। किसानों और जमीन मालिकों के बीच भी इस फैसले को लेकर हलचल तेज हो गई है।

ताजनगरी फेज-2 के जर्जर मकान गिरेंगे

ताजनगरी फेज-2 में बने दुर्बल आय वर्ग (EWS) के कई मकानों को आईआईटी रुड़की और पीडब्ल्यूडी ने खतरनाक घोषित किया है। इसके बाद फैसला लिया गया कि इन भवनों को गिराया जाएगा। पहले यहां रहने वाले लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा, फिर पूरी नई प्लानिंग के साथ इस क्षेत्र को दोबारा विकसित किया जाएगा। माना जा रहा है कि यहां भविष्य में आधुनिक आवासीय परियोजना लाई जा सकती है।

जूता मंडी में भी बढ़े दाम

आपको बता दें कि जूता प्रदर्शनी प्रशिक्षण कल्याण केंद्र योजना के तहत खाली दुकानों और इकाइयों की नई दरें भी तय कर दी गई हैं। बेसमेंट की कीमत 58,500 रुपये प्रति वर्गमीटर, भूतल की कीमत 78 हजार रुपये और प्रथम तल की कीमत 70,200 रुपये प्रति वर्गमीटर रखी गई है। इससे साफ है कि आगरा का ट्रेड और कमर्शियल सेक्टर भी तेजी से विस्तार की तरफ बढ़ रहा है।

इंटरनेशनल इंडोर स्टेडियम बनेगा

विदित है कि मौजा पट्टी पचगई क्षेत्र में PPP मॉडल पर इंटरनेशनल इंडोर स्टेडियम बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अगर यह परियोजना पूरी होती है, तो आगरा में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित हो सकेंगी। इससे शहर को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

टोल प्लाजा मानसून से पहले होगा शुरू

इनर रिंग Road के दूसरे चरण में बन रहा नया टोल प्लाजा भी चर्चा में रहा। अधिकारियों ने बताया कि इसका करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि मानसून आने से पहले इसे हर हाल में चालू किया जाए। इससे शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा और बाहरी क्षेत्रों से कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

नक्शा पास करने में अब देरी नहीं

गौरतलब है कि बैठक में बोर्ड सदस्यों ने सुझाव दिया कि प्राधिकरण में जमा होने वाले भवन नक्शों का निस्तारण एक महीने के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। इसके अलावा पुरानी सहकारी कॉलोनियों का सर्वे कर उन्हें नगर निगम को सौंपने की तैयारी भी शुरू होगी।

क्यों अहम माने जा रहे ये फैसले?

विशेषज्ञों का मानना है कि ये फैसले सिर्फ जमीन की कीमत तय करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आगरा को अगले 10-15 साल के लिए एक नए शहरी मॉडल में बदलने की तैयारी हैं। एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे, रिंग रोड, नई हाउसिंग योजनाएं और अब सीमा विस्तार; इन सबके कारण आगरा तेजी से निवेशकों की पसंद बनता जा रहा है।

आने वाले समय में ग्रेटर आगरा योजना शहर के विकास की सबसे बड़ी कहानी बन सकती है।

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